Bihar News: मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के बढ़ते मामले, अब तक 16 केस; जागरूकता अभियान तेज
Bihar: सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि विभाग 'जीरो डेथ' की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसका असर यह है कि कोई भी बच्चा गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा और सभी की जान बचाई जा सकी है।
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बिहार में गर्मी और उमस बढ़ते ही चमकी बुखार यानी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के मामले एक बार फिर से सामने आने लगे हैं। एसकेएमसीएच में अब तक एईएस के 16 मरीज भर्ती किए गए हैं, जिनमें से 13 मुजफ्फरपुर जिले से हैं जबकि 3 अन्य जिले सीतामढ़ी, शिवहर और गोपालगंज से हैं। सभी बच्चों का इलाज एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में किया गया और राहत की बात है कि सभी बच्चे ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी तक कोई भी मौत नहीं हुई है और सभी मरीज खतरे से बाहर हैं।
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि विभाग 'जीरो डेथ' की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसका असर यह है कि कोई भी बच्चा गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा और सभी की जान बचाई जा सकी है। फिलहाल, जिले के मुसहरी, बोचहां, पारू, कुढ़नी, मीनापुर और मोतीपुर प्रखंड से एईएस के केस मिले हैं। सोमवार को मुसहरी प्रखंड में एक नए केस की पुष्टि हुई है।
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बढ़ती उमस को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। पीएचसी, सीएचसी और अन्य अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है। वहीं, गांव-गांव में संध्या चौपाल के माध्यम से लोगों को एईएस के लक्षण, बचाव और इलाज के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि यदि किसी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखें तो तुरंत उसे सरकारी अस्पताल लेकर जाएं।