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Bihar: खेत से लौट रहे किसान को मगरमच्छ ने बनाया शिकार, देखते ही देखते नाले में खींच ले गया; मौत से पसरा मातम
Mon, 20 Jul 2026 02:06 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 02:06 PM IST
सार
पश्चिम चंपारण के बगहा-2 क्षेत्र में खेत से घर लौट रहे किसान केदार बैठा पर भापसा नाला पार करते समय मगरमच्छ ने हमला कर दिया। ग्रामीणों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने मुआवजे और मगरमच्छ को पकड़ने की मांग की है।
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मगरमच्छ के हमले में किसान की दर्दनाक मौत
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पश्चिम चंपारण के बगहा-2 प्रखंड अंतर्गत नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय किसान केदार बैठा की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।
कार्य करने के बाद अपने साथियों के साथ घर लौट रहा था किसान
जानकारी के अनुसार, केदार बैठा रविवार को खेत में सोहनी (निकौनी) का कार्य करने के बाद अपने साथियों के साथ घर लौट रहे थे। घर जाने के दौरान उन्हें बेलहवा-सिरिसिया कच्ची सड़क के समीप स्थित गुलहरिया सरेह के भापसा नाला को पार करना था। इसी दौरान पानी में पहले से छिपे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें पानी के भीतर खींच ले गया।
आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पहुंचे
केदार के साथ मौजूद कमल उरांव, नथुनी उरांव समेत अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के चंगुल से उन्हें छुड़ाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची
सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची तथा आगे की कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। केदार बैठा अपने पीछे पत्नी सीला देवी, पुत्र बृजेश बैठा और राजेश बैठा, तथा पुत्री सीमा को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
ये भी पढ़ें- Bihar: मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में 87 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश, निशांत कुमार का विशेष स्वागत
ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के परिजनों को शीघ्र सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने, हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने तथा भापसा नाला क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।
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कार्य करने के बाद अपने साथियों के साथ घर लौट रहा था किसान
जानकारी के अनुसार, केदार बैठा रविवार को खेत में सोहनी (निकौनी) का कार्य करने के बाद अपने साथियों के साथ घर लौट रहे थे। घर जाने के दौरान उन्हें बेलहवा-सिरिसिया कच्ची सड़क के समीप स्थित गुलहरिया सरेह के भापसा नाला को पार करना था। इसी दौरान पानी में पहले से छिपे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें पानी के भीतर खींच ले गया।
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आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पहुंचे
केदार के साथ मौजूद कमल उरांव, नथुनी उरांव समेत अन्य ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के चंगुल से उन्हें छुड़ाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची
सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची तथा आगे की कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। केदार बैठा अपने पीछे पत्नी सीला देवी, पुत्र बृजेश बैठा और राजेश बैठा, तथा पुत्री सीमा को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के परिजनों को शीघ्र सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराने, हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने तथा भापसा नाला क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।