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Bihar News: सचिव के जाली हस्ताक्षर से MDM की राशि निकासी का मामला, मदरसा के मौलवी पर FIR दर्ज कराने का निर्देश

Sun, 17 Mar 2024 11:28 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 17 Mar 2024 11:28 AM IST
सार

Bihar News: सीतामढ़ी में एकबार फिर मध्याह्न भोजन योजना संचालन में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। जिले के परिहार स्थित मदरसा रिजिविया शमसूल उलूम बाड़ा में प्रधान मौलवी द्वारा सचिव के जाली हस्ताक्षर से मध्याह्न भोजन योजना मद की राशि निकासी की पुष्टि होने पर एफआईआर का आदेश दिया गया है।

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Case of withdrawal of MDM amount due to forged signature of Secretary
मदरसा के मौलवी पर FIR दर्ज कराने का निर्देश - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

एमडीएम डीपीओ आयुष कुमार ने मामले में प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर आदेश जारी कर परिहार बीईओ को उक्त मदरसा के प्रधान मौलवी के विरुद्ध 48 घंटे के भीतर स्थानीय थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराते हुए सूचना उपलब्ध कराने को कहा है।

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उन्होंने आयुक्त के सचिव, डीएम व एमडीएम निदेशालय को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि प्रधान मौलवी के विरुद्ध प्राप्त शिकायत आवेदन में सचिव का फर्जी हस्ताक्षर कर मध्याह्न भोजन की राशि की निकासी का आरोप लगाया गया था। इसके आलोक में जिला स्तरीय दो साधन सेवी से मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उक्त प्रधान मौलवी से स्पष्टीकरण के साथ अभिलेख की मांग की गई।
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प्रधान मौलवी द्वारा उपलब्ध कराए गये अभिलेखों (पीपीए) की जांच जिला लेखापाल व एमडीएम के जिला समन्वयक द्वारा की गई। डीपीओ ने कहा है कि पीपीए में प्रथम दृष्टया सचिव के हस्ताक्षर में अंतर पाया गया है। जिससे प्रधान मौलवीं द्वारा सचिव का जाली हस्ताक्षर कर राशि निकासी का आरोप को प्रथम दृष्टया सत्य प्रमाणित हुआ है।
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अवैध निकासी का खेल
बताया गया है कि इस मामले में गत 12 मार्च को प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष प्रथम अपील की सुनवाई (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) में प्रधान मौलवी पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि जाली हस्ताक्षर से निकासी की गई राशि का तत्काल खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन बताया जा रहा है कि अवैध निकासी का खेल मार्च 2022 से जुलाई 2023 तक का है। इसमें लाखों रुपये निकासी की बात कही जा रही है। फिलहाल, फर्जीवाड़े मामले की अभिलेखों को खंगाला जा रहा है।

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