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Bihar: सोनपुर मेले में दौड़ी तीन घोड़ों की धमक...AK-56, थार और बाबर को देखने उमड़ी भीड़; बटोर रहे सुर्खियां

Sat, 29 Nov 2025 06:15 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 29 Nov 2025 06:15 PM IST
सार

Bihar: रूदल यादव के तीन घोड़े AK-56, थार और बाबर सबका ध्यान खींच रहे हैं। AK-56 सिंध नस्ल का विजेता घोड़ा है, रोज 5 लीटर दूध एवं पौष्टिक आहार पाता है। थार किसी भी जमीन पर तेज दौड़ने के लिए प्रसिद्ध है, जबकि बाबर दो बार ऑल इंडिया चैंपियन रह चुका है। 

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Bihar: Three horses galloped at the Sonepur fair Crowds gathered to see the AK-56, Thar, and Babar
तीनों घोड़े - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोनपुर मेला में AK-56, थार और बाबर नाम के घोड़े इन दिनों मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला विश्व स्तर पर अपनी पहचान रखता है और इस बार घोड़ा बाजार में लोगों की भीड़ लगातार उमड़ रही है। देश के कई राज्यों से व्यापारी विभिन्न नस्लों के घोड़े और घोड़ियां खरीद-बिक्री के लिए मेले में पहुंचे हैं।

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पटना सिटी के मुखिया रूदल यादव अपने साथ चार घोड़े लेकर मेले में उपस्थित हुए हैं, जिनमें AK-56, थार और बाबर सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। रूदल यादव के मुताबिक AK-56 सिंध नस्ल का घोड़ा है और यह अब तक पांच प्रतियोगिताओं में विजेता रह चुका है। इसकी ऊंचाई 66 इंच है और इसे बाजरा, जई, चोकर, भूसा, चना, अखरोट, बादाम और रोज 5 लीटर शुगर-फ्री दूध दिया जाता है। इसकी स्पीड 42 बताई जाती है।

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इसी तरह थार नामक घोड़ा 36 की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है और समतल तथा ऊबड़-खाबड़ दोनों तरह की जमीन पर आसानी से दौड़ सकता है। मालिक का दावा है कि यह अगले साल रेस में उतारे जाने के लिए तैयार हो जाएगा। तीसरा घोड़ा बाबर, UP-बिहार का चैंपियन बताया गया है। फैजाबाद में आयोजित राष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिता में दो बार पहला स्थान हासिल कर चुका है। इसकी ऊंचाई 60+ इंच और स्पीड 40–45 बताई गई है। घोड़े का नाम इसलिए ‘बाबर’ रखा गया है क्योंकि दौड़ में यह किसी दूसरे घोड़े को आगे निकलने नहीं देता।

चौथा घोड़ा अभी छोटा है और उसका नामकरण बाकी है। मालिक के अनुसार वे घोड़ों को शौक से रखते हैं और इस मेला में केवल प्रदर्शनी के लिए लेकर आए हैं, बिक्री के लिए नहीं। सोनपुर मेला 9 नवंबर से शुरू हुआ है और 10 दिसंबर तक चलेगा। मेले में लगे झूले, प्रदर्शनी व स्टॉलों के साथ-साथ घोड़ा बाजार इस बार खास आकर्षण का केंद्र बन गया है।

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