फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   waterlogging in hajipur after rain since evening vaishali bihar

Bihar: घंटे भर की बारिश में डूबा हाजीपुर! DM ऑफिस पानी से हुआ लबालब, सड़कें बनीं तालाब

Tue, 05 May 2026 09:38 AM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Tue, 05 May 2026 09:38 AM IST
सार

Bihar: हाजीपुर में एक घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। गांधी चौक से अस्पताल रोड तक कई प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे आमजन और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।  

विज्ञापन
waterlogging in hajipur after rain since evening vaishali bihar
जिला अधिकारी कार्यालय कैंपस में पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाजीपुर में सोमवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश ने जिला मुख्यालय की नगर व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के कई प्रमुख मार्ग और मोहल्ले तालाब में तब्दील हो गए, जिससे आमजन को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगर परिषद के पूर्व में किए गए दावों की असलियत बारिश के पहले ही झोंके में सामने आ गई।

विज्ञापन

जलजमाव ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें

विज्ञापन
हाजीपुर के अस्पताल रोड, गांधी चौक, सिनेमा रोड, डाक-बंगला रोड जैसे प्रमुख इलाकों में बारिश के कुछ ही घंटों बाद सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। गांधी चौक से अस्पताल रोड तक की दूरी तय करना आमजन के लिए किसी संघर्ष से कम नहीं रहा। जलजमाव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कीचड़ और पानी से जूझते नजर आए लोग
शहर की हालत यह रही कि बाइक सवार, रिक्शा चालक और पैदल चलने वाले सभी लोग कीचड़ और पानी से जूझते नजर आए। बारिश से पहले नगर परिषद द्वारा दावा किया गया कि सभी नालों की सफाई कर ली गई, लेकिन जमीनी सच्चाई इसके एकदम उलट साबित हुई।

अधूरा सीवरेज प्रोजेक्ट बना समस्या की जड़

हाजीपुर नगर की गंदगी और जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए वर्ष 2010 में स्वीकृत सीवरेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट अब तक अधूरा रहा। नेशनल गंगा बेसिन ऑथोरिटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 113 करोड़ 62 लाख रुपये का आवंटन दिया। यह योजना बाद में बढ़कर 125 करोड़ से भी ऊपर चली गई और जनता को राहत नहीं दे सकी। दिसंबर 2011 में शुरू प्रोजेक्ट को 2013 तक पूरा करना था, लेकिन लगभग 30% काम अधूरा रह गया।

2017 के बाद काम पूरी तरह ठप
चीन की कंपनी ट्राइटेक (बीजिंग) द्वारा शुरू यह कार्य बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) की देखरेख में चला। बार-बार समय सीमा बढ़ाने और चेतावनियों के बावजूद प्रगति नहीं हो सकी। 2017 के बाद काम पूरी तरह ठप हो गया। बाद में फिर से बुडको को इस योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन शहरवासी जलजमाव और गंदगी की समस्या से जूझते रहे।

ये भी पढ़ें: पति बेटे को छोड़ने गया स्कूल, पीछे कमरे में झूल गई पत्नी; तीन साल की मासूम ने देखी मां की लाश

ड्रेनेज सिस्टम की कमी पर डीएम ने क्या बोला?
जिला अधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि हाजीपुर में वॉटर ड्रेनेज सिस्टम नहीं है, इस पर काम चल रहा है। बारिश के दौरान पानी शहर में जमा हो जाता है और उसे निकालने का प्रयास किया जा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed