बिहार: मंत्री रामकृपाल, प्रमोद और निशांत ने क्या मैसेज दिया, अस्पतालों की आदत बदलने का भरोसा किसने दिलाया?
दिवंगत पत्रकार जैनेंद्र ज्योति की छठी पुण्यतिथि पर पहुंचे बिहार सरकार ने तीन मंत्रियों ने लोगों से रक्तदान करने की अपील की। तीनों मंत्रियों ने कोरोना काल में रक्तदान और समाजसेवा से जीवन की आहुति देने वाले जैनेंद्र प्रेरक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। आइये जानते हैं किसने क्या कहा?
विस्तार
यहीं ब्लड डोनेशन करना होगा- निजी समेत कई सरकारी अस्पताल ऐसी जिद में जरूरतमंदों को ब्लड नहीं देते हैं, लेकिन अब सरकार इस आदत को खत्म करने की दिशा में कड़ा फैसला लेगी। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने समाजसेवी-पत्रकार जैनेंद्र ज्योति की पुण्यतिथि के मौके पर मंगलवार को पटना के दरियापुर स्थित मां ब्लड सेंटर में 'दूसरे की रगों में जिंदा रहने का नाम रक्तदान' विषयक गोष्ठी में यह भरोसा दिलाया। स्व. जैनेंद्र ज्योति की छठी पुण्यतिथि पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ ही सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, खनन-भूतत्व एवं कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी और विधान परिषद् सदस्य सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा ने भी रक्तदान की मुहिम पर विस्तार से बातें की।
मंत्री रामकृपाल यादव और एमएलसी अरविंद शर्मा ने क्या कहा?
गोष्ठी के पहले सत्र में पहुंचे मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि 29 साल की उम्र में 49 बार रक्तदान करने वाले दिवंगत समाजेसवी पत्रकार जैनेंद्र ज्योति के बारे में बहुत सारी बातें उनके निधन के बाद पता चली। मां ब्लड सेंटर ने उनके योगदान को याद करते हुए उनके नाम पर एक कक्ष समर्पित कर रखा है और हर वर्ष पुण्यतिथि पर रक्तदान शिवर का आयोजन यहां किया जाना भी श्रद्धा का एक रूप है। सूर्य कुमार शर्मा उर्फ अरविंद शर्मा ने अपने जीवन का एक संस्मरण सुनाया कि एक बार उनके रक्तदान से जिसका जीवन बचा था तो उन्हें कितना यश मिला था। उन्होंने बताया कि अब उम्र के कारण रोक है, लेकिन करीब 25 बार रक्तदान कर चुका हूं। ऐसे में जैनेंद्र ज्योति जी की अल्पायु में किए रक्तदान के रिकॉर्ड को याद कर सिर श्रद्धा से झुक जाता है।
मंत्री प्रमोद और निशांत कुमार ने क्या कहा?
दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि कुछ लोग लंबा जीवन जीने नहीं आते, बल्कि वह कम समय में प्रेरक व्यक्तित्व बन जाते हैं। जैनेंद्र ज्योति जी के श्राद्धकर्म और फिर हर साल उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि स्वरूप व्यापक स्तर पर हो रहा रक्तदान इसी का एक बड़ा प्रमाण है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि कोरोना काल में रक्तदान और समाजसेवा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले जैनेंद्र ज्योति जी का जीवन बेहद प्रेरक है। उन्होंने अन्य वक्ताओं की मांग पर एक बड़ा भरोसा दिलाया कि किसी भी सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए मां ब्लड सेंटर से रक्त मंगाने में कोई परेशानी नहीं आएगी।
जाति-धर्म के दायरे से बाहर निकलकर काम रहा ब्लड सेंटर
स्वास्थ्य मंत्री ने एसडीपी डोनेशन और सक्रिय रक्तदाताओं को इस मौके पर सम्मानित किया। मां ब्लड सेंटर में समाचार लिखे जाने तक 46 लोगों ने रक्तदान किया। मां वैष्णो देवी सेवा समिति के सचिव संजय तोतला और कोषाध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मां ब्लड सेंटर आम लोगों के लिए आम लोगों का शुरू किया ब्लड बैंक है और यह जाति-धर्म के दायरे से बाहर निकल काम कर रहा है। संचालन मनीष बनेटिया और नरेश अग्रवाल ने किया। ब्लड मैन के नाम से विख्यात मुकेश हिसारिया ने मां वैष्णो देवी सेवा समिति और मां ब्लड सेंटर के निर्माण में जैनेंद्र ज्योति के योगदान पर चर्चा की। इस मौके पर कुमार जितेंद्र ज्योति, जीवन ज्योति, सरदार जगजीवन सिंह, सोनू खत्री, आलोक अग्रवाल, सज्जन चौधरी, टिट्टू, कन्हैया अग्रवाल, अमरेश अग्रवाल, किशन बंका, अमन कुमार, शंभु केशरी, पवन शर्मा, शैलेश महाजन, अरविंद कुमार आदि सक्रिय रूप से मौजूद रहे।