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Bihar: एक्स-रे में हड्डी नहीं टूटी, फिर भी कर दिया प्लास्टर; घाव बना तो दोबारा इलाज शुरू...घोर लापरवाही उजागर
Tue, 13 May 2025 04:33 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 13 May 2025 04:33 PM IST
सार
Bihar: SKMCH की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा ने कहा कि बच्चे के परिजन उसे लेकर अस्पताल आए थे। एक्स-रे की जांच और ऑर्थो एक्सपर्ट की राय के बाद ही प्लास्टर किया गया था। अब बच्चे को COT (कैजुअल्टी ऑपरेशन थियेटर) में भेजा जा रहा है।
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पीड़ित बच्चा और उसकी मां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SKMCH में इलाज में लापरवाही का मामला सामने आया है। यह मामला मुजफ्फरपुर के गरहा थाना क्षेत्र के बसोली गांव निवासी एक तीन वर्षीय बच्चे दीपांशु कुमार से जुड़ा है, जिसके हाथ में चोट लगने पर अस्पताल ने बिना पुष्टि किए प्लास्टर चढ़ा दिया। परिजनों के अनुसार, दो सप्ताह पहले खेलते समय दीपांशु गिर गया था, जिसके बाद वह लगातार दर्द से कराह रहा था। परिजन उसे लेकर SKMCH पहुंचे, जहां एक्स-रे के बाद डॉक्टरों ने हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया।
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हालांकि, कुछ दिनों बाद जब बच्चे को आराम नहीं मिला और हाथ में घाव हो गया, तो परिजन उसे एक निजी अस्पताल लेकर गए। वहां दोबारा एक्स-रे कराया गया, जिसमें पता चला कि बच्चे की हड्डी टूटी ही नहीं थी। इसके बाद परिजन दोबारा SKMCH पहुंचे, जहां प्लास्टर काट दिया गया। बच्चे की मां ने अस्पताल प्रशासन से इस लापरवाही की शिकायत की है और मदद की गुहार लगाई है।
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इस पूरे मामले पर SKMCH की अधीक्षक डॉ. कुमारी विभा ने कहा कि बच्चे के परिजन उसे लेकर अस्पताल आए थे। एक्स-रे की जांच और ऑर्थो एक्सपर्ट की राय के बाद ही प्लास्टर किया गया था। अब बच्चे को COT (कैजुअल्टी ऑपरेशन थियेटर) में भेजा जा रहा है। दर्द की शिकायत के बाद प्लास्टर काट दिया गया है और दोबारा डिजिटल एक्स-रे किया जा रहा है। जल्द ही बच्चे का इलाज कर उसे पूरी तरह ठीक कर दिया जाएगा।