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Bihar : पसंदीदा खीर बनवाई, फिर खुद को गोली मार ली; किस तनाव में थे युवा डॉक्टर आशुतोष?
Sat, 06 Sep 2025 02:00 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,मुजफ्फरपुर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 06 Sep 2025 02:00 PM IST
सार
मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र के हरिशंकर मनियारी गांव के एमबीबीएस डॉक्टर आशुतोष कुमार ने अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
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मुजफ्फरपुर में युवा डॉक्टर ने खुद को गोली मार कर की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र के हरिशंकर मनियारी गांव के रहने वाले एमबीबीएस डॉक्टर आशुतोष कुमार की खुदकुशी का मामला सामने आया है। पुलिस ने देर रात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। मौके पर FSL की टीम भी पहुंची और जांच के लिए नमूने इकट्ठा किए। वहीं, पुलिस ने मौके से राइफल बरामद कर ली है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस परिवार, डॉक्टर के करीबी और अस्पताल के सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है।
परिवार में इकलौते पुत्र की शादी को लेकर तनाव
आशुतोष कुमार के परिवार में तीन भाई-बहन हैं और वह सबसे छोटे थे। पिता अविनाश कुमार, जो एक बड़े व्यवसायी हैं, इस वर्ष अपनी बेटी की शादी के बाद बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे। परिवार के अनुसार आशुतोष अपनी बहन की शादी को लेकर काफी उत्साहित और परेशान रहते थे। उनकी बड़ी बहन अपराजिता और छोटी बहन कोमल दोनों ही चिकित्सकीय क्षेत्र में कार्यरत हैं। परिवार का कहना है कि आशुतोष पढ़ाई में तेज और जिज्ञासु था।
घर में खीर खाने की अंतिम इच्छा पूरी न हो सकी
घटना से पहले आशुतोष ने बहन से पसंदीदा खीर बनाने के लिए कहा था। खीर बनकर तैयार थी, लेकिन वह खाने से पहले ही आत्महत्या कर चुके थे। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। 95 वर्षीय दादी के साथ उनका विशेष लगाव था और वह हमेशा दादी के साथ समय बिताते थे।
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ये भी पढ़ें: तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला, जनता से कहा- भाजपा-जदयू वाले वोट मांगने आएं तो यह सवाल पूछिएगा
आगरा मेडिकल कॉलेज से की थी पढ़ाई
आशुतोष ने यूपी के आगरा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक बड़े अस्पताल में ज्वाइन किया था। परिवार ने बताया कि वह अस्पताल में भी मरीजों की दवाइयों और इलाज के तरीकों को लेकर अपने सीनियर डॉक्टर से जानकारी लेते थे। उन्होंने घर में एक स्टडी रूम भी बनाया था, जहाँ वह देर रात तक पढ़ाई करते थे।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में परिवार ने बताया कि पढ़ाई के दौरान आशुतोष कुछ मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ चुके थे, जिनका इलाज हुआ और वह पूरी तरह ठीक हो गए थे। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार पीजी पढ़ाई में कुछ कमी और शादी को लेकर वे तनाव में थे, जिससे वह डिप्रेशन की स्थिति में थे। पुलिस ने बताया कि अब परिवार, अस्पताल के सहकर्मी और आसपास के लोगों से पूरी जांच-पड़ताल की जाएगी। एफएसएल टीम और पुलिस टीम इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। परिवार, सहकर्मी और अस्पताल के अन्य लोगों से पूछताछ के बाद ही आत्महत्या के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। डॉ. आशुतोष की मौत से परिवार और नजदीकी रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। पिता अविनाश कुमार और मां इस खबर से बेसुध हैं। डॉक्टर की दादी, बहनें और अन्य परिवारजन रो-रो कर व्यथित हैं। उनकी छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य इस क्षति को सहन करने की कोशिश कर रहे हैं।
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परिवार में इकलौते पुत्र की शादी को लेकर तनाव
आशुतोष कुमार के परिवार में तीन भाई-बहन हैं और वह सबसे छोटे थे। पिता अविनाश कुमार, जो एक बड़े व्यवसायी हैं, इस वर्ष अपनी बेटी की शादी के बाद बेटे की शादी की तैयारी कर रहे थे। परिवार के अनुसार आशुतोष अपनी बहन की शादी को लेकर काफी उत्साहित और परेशान रहते थे। उनकी बड़ी बहन अपराजिता और छोटी बहन कोमल दोनों ही चिकित्सकीय क्षेत्र में कार्यरत हैं। परिवार का कहना है कि आशुतोष पढ़ाई में तेज और जिज्ञासु था।
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घर में खीर खाने की अंतिम इच्छा पूरी न हो सकी
घटना से पहले आशुतोष ने बहन से पसंदीदा खीर बनाने के लिए कहा था। खीर बनकर तैयार थी, लेकिन वह खाने से पहले ही आत्महत्या कर चुके थे। परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। 95 वर्षीय दादी के साथ उनका विशेष लगाव था और वह हमेशा दादी के साथ समय बिताते थे।
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आगरा मेडिकल कॉलेज से की थी पढ़ाई
आशुतोष ने यूपी के आगरा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी और हाल ही में मुजफ्फरपुर के एक बड़े अस्पताल में ज्वाइन किया था। परिवार ने बताया कि वह अस्पताल में भी मरीजों की दवाइयों और इलाज के तरीकों को लेकर अपने सीनियर डॉक्टर से जानकारी लेते थे। उन्होंने घर में एक स्टडी रूम भी बनाया था, जहाँ वह देर रात तक पढ़ाई करते थे।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में परिवार ने बताया कि पढ़ाई के दौरान आशुतोष कुछ मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ चुके थे, जिनका इलाज हुआ और वह पूरी तरह ठीक हो गए थे। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार पीजी पढ़ाई में कुछ कमी और शादी को लेकर वे तनाव में थे, जिससे वह डिप्रेशन की स्थिति में थे। पुलिस ने बताया कि अब परिवार, अस्पताल के सहकर्मी और आसपास के लोगों से पूरी जांच-पड़ताल की जाएगी। एफएसएल टीम और पुलिस टीम इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। परिवार, सहकर्मी और अस्पताल के अन्य लोगों से पूछताछ के बाद ही आत्महत्या के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। डॉ. आशुतोष की मौत से परिवार और नजदीकी रिश्तेदार गहरे सदमे में हैं। पिता अविनाश कुमार और मां इस खबर से बेसुध हैं। डॉक्टर की दादी, बहनें और अन्य परिवारजन रो-रो कर व्यथित हैं। उनकी छोटी बहन और परिवार के अन्य सदस्य इस क्षति को सहन करने की कोशिश कर रहे हैं।