{"_id":"69d3445ce07e0dc05f0be89b","slug":"bihar-major-negligence-by-health-department-comes-to-light-in-vaishali-hajipur-news-today-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-4131878-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: एएनएम की लापरवाही से नवजात की जांघ में फंसी टूटी नीडल, इलाज के लिए भटकते रहे परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: एएनएम की लापरवाही से नवजात की जांघ में फंसी टूटी नीडल, इलाज के लिए भटकते रहे परिजन
Mon, 06 Apr 2026 12:03 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 12:03 PM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही ने एक नवजात की जान को खतरे में डाल दिया। इंजेक्शन लगाते समय जांघ में नीडल का टुकड़ा छोड़ देने की घटना सामने आने के बाद परिजनों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ा, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
विज्ञापन
नवजात की जांघ से निकली टूटी हुई नीडल
विस्तार
वैशाली जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां एक नवजात शिशु को इंजेक्शन देने के दौरान उसकी जांघ में नीडल का टुकड़ा ही छोड़ दिया गया। मामला जिले के राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां घटना के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल हाजीपुर रैफर कर दिया गया।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बैकुंठपुर पंचायत के कृष्णा कुमार की पत्नी निशु कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव एएनएम प्रमिला और उषा की देखरेख में हुआ। जन्म के बाद एएनएम उषा ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया, इसी दौरान नीडल टूटकर जांघ में ही रह गया। परिजनों का आरोप है कि इसकी जानकारी उन्हें तुरंत नहीं दी गई।
विज्ञापन
बच्चे को असहनीय पीड़ा में देख उसे सदर अस्पताल हाजीपुर ले जाया गया, जहां एक्स-रे में नीडल फंसी होने की पुष्टि हुई लेकिन वहां सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण नवजात को पीएमसीएच पटना रैफर कर दिया गया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Bihar News: सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर छात्रा का खौफनाक कदम, हाथ पर ब्लेड से किए 19 वार, विवाद में उलझी जांच
पीएमसीएच में भी सर्जन की उपलब्धता सीमित होने के कारण बच्चे को एम्स रैफर कर दिया गया। इस बीच बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही थी, जिससे परेशान परिजन निजी अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कहीं इलाज नहीं मिला।
अंततः परिजन पटना के राजा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर नीडल निकाल दी। फिलहाल नवजात आईसीयू में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।
मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.पी. उपाध्याय ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। इंजेक्शन देने वाली एएनएम उषा से स्पष्टीकरण मांगा गया है और रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।