{"_id":"690ef512980eb3d98a029b6b","slug":"bihar-election-east-champaran-on-high-alert-ahead-of-second-phase-of-polls-india-nepal-border-sealed-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Election: दूसरे चरण के चुनाव से पहले पूर्वी चंपारण में हाई अलर्ट, भारत-नेपाल सीमा 12 नवंबर तक सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Election: दूसरे चरण के चुनाव से पहले पूर्वी चंपारण में हाई अलर्ट, भारत-नेपाल सीमा 12 नवंबर तक सील
Sat, 08 Nov 2025 01:15 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:15 PM IST
सार
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान (11 नवंबर) से पहले पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील करने का फैसला किया है। रक्सौल और नरकटिया विधानसभा क्षेत्रों को चुनाव आयोग ने "खर्च संवेदनशील क्षेत्र" घोषित किया है।
विज्ञापन
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। इसी को लेकर निर्वाचन आयोग की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इसी क्रम में पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस जिले में प्रशासन ने मतदान से पहले सीमा को पूर्णतः सील करने का निर्णय लिया है। चुनाव ऑब्जर्वर गुलजार वाणी ने बताया कि रक्सौल और नरकटिया विधानसभा क्षेत्र को “एक्सपेंडिचर सेंसिटिव” यानी खर्च संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। इन दोनों क्षेत्रों की निगरानी चुनाव आयोग विशेष रूप से कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को है, ऐसे में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रशासनिक इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि चुनाव से पहले भारत-नेपाल सीमा को सील करने का निर्णय लिया गया है। अब यह सीमा 12 नवंबर सुबह 6 बजे ही दोबारा खोली जाएगी।
विज्ञापन
पढ़ें: '2005 से पहले आपदा प्रबंधन था मजाक, अब संकट में राहत पहुंचाना प्राथमिकता', नीतीश ने गिनवाए काम
विज्ञापन
एसपी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य है कि कोई भी असामाजिक तत्व या राजनीतिक दल सीमा पार से अवैध धन, शराब या अन्य सामग्री लाकर चुनाव को प्रभावित न कर सके। चुनाव आयोग ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि सीमा पार से आने-जाने वाली हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए ताकि निष्पक्ष मतदान हो सके।