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Bihar: मोतिहारी में ट्रक की टक्कर से क्रेन चालक और उपचालक की मौत, ग्रामीणों ने कई घंटे जाम रखा एनएच-27

Tue, 08 Oct 2024 09:36 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 08 Oct 2024 09:36 PM IST
सार

Motihari News: मोतिहारी में ट्रक की टक्कर से क्रेन चालक और उपचालक की मौत हो गई। उसके बाद ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर कई घंटे तक एनएच-27 को जाम रखा। इस दौरान यात्रियों और आम लोगों को काफी परेशानी हुई।

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Bihar: Crane driver and assistant driver died after being hit by a truck in Motihari, villagers blocked NH-27
घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मोतिहारी जिले के कोटवा थानाक्षेत्र में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एनएच-27 पर एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई। मंगलवार सुबह बंगरा चौक के पास एक अनियंत्रित ट्रक ने क्रेन (किरान) चालक और उपचालक को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान पीपराकोठी निवासी इरबाज आलम (25) और पंडितपुर निवासी पृथ्वीनाथ साह (30) के रूप में हुई है।

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जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना तब हुई जब दूध से लदा एक पिकअप वाहन एनएच-27 के बेलवा चौक के पास पलट गया था। इसे हटाने के लिए पीपराकोठी से एक किरान (क्रेन) को बुलाया गया, जिसका संचालन पृथ्वीनाथ साह और इरबाज आलम कर रहे थे। जब बंगरा चौक पर किरान में तकनीकी खराबी आ गई, तो चालक और उपचालक उसे ठीक करने के लिए नीचे उतरे। उसी समय, पीछे से तेज गति में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों के साथ मिलकर मुआवजे की मांग करते हुए एनएच 27 को जाम कर दिया। तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जिनमें पीपराकोठी के मुखिया हेमंत कुमार और कोटवा गोपी छपरा के मुखिया प्रतिनिधि उमाकांत सिंह शामिल थे, ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम को हटवाया।
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बताया जा रहा है कि इरबाज आलम अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और अविवाहित था। उसके चार छोटे भाई और बुजुर्ग माता-पिता थे, जिनका वह भरण-पोषण करता था। उसकी मां नशीमा खातून का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, क्योंकि उनका सपना था कि बेटे को सेहरा में देखें, जो अब कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
 
वहीं, पृथ्वीनाथ साह के परिवार में पत्नी और चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) हैं। उसकी पत्नी रीना देवी पर पति की मौत के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार में अब कोई नहीं बचा जो बच्चों की परवरिश कर सके। रीना देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं और उनकी हालत बेहद दयनीय थी।

 
वहीं, प्रदर्शनकारियों के दबाव के बाद, प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और उचित सहायता का आश्वासन दिया। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे ने दोनों परिवारों पर गहरा आघात छोड़ा है।

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