Bihar News: संजय जायसवाल का तेजस्वी पर वार, कहा- बिहार में झूठों की खेती हो रही है
बेतिया में भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजद नेता तेजस्वी यादव और महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने तेजस्वी के हर परिवार को सरकारी नौकरी देने के वादे को अव्यवहारिक बताते हुए छह सवाल खड़े किए।
विस्तार
भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बुधवार को बेतिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महागठबंधन और विशेषकर राजद नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में इस समय “झूठों की जबरदस्त खेती” हो रही है। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि एक नेताजी हाल ही में आए थे और उन्होंने कहा कि जो इस बार छठ पूजा में बिहार आए, वे यहीं बस जाएं, अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है। ऐसे बयान देने वालों को बिहार की असली हकीकत नहीं पता।
डॉ. संजय जायसवाल ने महागठबंधन के घोषणा पत्र पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कल यह सुनने में आया कि महागठबंधन का घोषणापत्र जारी होगा, लेकिन असल में यह “तेजस्वी यादव का पर्सनल घोषणापत्र” बनकर सामने आया। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन के अन्य दलों को इस घोषणापत्र से इतनी शर्मिंदगी हुई कि उन्होंने इसका नाम ही तेजस्वी यादव के नाम पर रख दिया।
तेजस्वी यादव के हर परिवार को सरकारी नौकरी देने के वादे पर भाजपा सांसद ने छह सीधे सवाल रखे। उन्होंने पूछा, क्या 4 दिसंबर के बाद बिहार की जन वितरण प्रणाली (PDS) की सभी दुकानें बंद हो जाएंगी? क्योंकि सरकारी नौकरी पाने वालों को न तो 5 किलो मुफ्त राशन मिलता है और न ही वे PDS से सामान ले सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना और हर घर शौचालय योजना बंद कर दी जाएगी? ये योजनाएं गरीबों के लिए हैं, और अगर सबको नौकरी मिल गई तो इन योजनाओं की जरूरत ही नहीं बचेगी। क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी खत्म कर दी जाएगी, जिसके तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता मिलती है?
डॉ. संजय जायसवाल ने आगे पूछा, क्या उज्ज्वला योजना की ₹300 की गैस सब्सिडी बंद हो जाएगी? क्या बिहार के दो करोड़ लोगों से आयुष्मान भारत योजना का लाभ छीन लिया जाएगा? उन्होंने कहा, “ये योजनाएं गरीबों के लिए हैं, न कि सरकारी कर्मचारियों के लिए। अगर सबको नौकरी मिल गई तो इन योजनाओं का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।” सांसद ने यह भी पूछा कि क्या बिहार में टेंपो चालक, टैक्सी चालक, किराना दुकानदार और दवा विक्रेता सबकी दुकानें बंद हो जाएंगी, क्योंकि तेजस्वी यादव के वादे के मुताबिक सभी को सरकारी नौकरी मिलनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव बिहार की जनता से सरकारी सुविधाएं छीनने की साजिश रच रहे हैं।
पढे़ं: 'पीएम मोदी का दिल अहमदाबाद में, नीतीश का राजगीर में और लालू का बेटे में बसता है', ओवैसी का तंज
संजय जायसवाल ने कहा कि तेजस्वी यादव को स्पष्ट करना चाहिए कि जब हर परिवार को नौकरी मिलेगी, तब क्या बिहार के लोगों को सरकारी सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे “खतरनाक प्लान” बताया और कहा कि बिहार की जनता इसे पूरी तरह नकार देगी। भाजपा सांसद ने दावा किया कि इस बार तेजस्वी यादव को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी। उन्होंने महागठबंधन के सहयोगी व भाकपा माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य पर भी निशाना साधते हुए कहा, “अगर मुझे किसी पर तरस आता है तो वह दीपांकर भट्टाचार्य हैं। क्या वे अब किसी गरीब का घर नहीं बनने देंगे? क्या वे चाहते हैं कि गरीबों को मुफ्त अनाज, उज्ज्वला योजना की सब्सिडी या किसान सम्मान निधि का लाभ न मिले?”
डॉ. संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि महागठबंधन की यह साजिश बिहार के गरीब और आम नागरिक के अधिकारों को छीनने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र महागठबंधन का नहीं, बल्कि सिर्फ तेजस्वी यादव का “निजी राजनीतिक दस्तावेज” है। राजद के बाकी नेता भी इस घोषणापत्र से असहज हैं और उन्होंने इसका खुलकर समर्थन नहीं किया। सांसद ने कहा, “बिहार की जनता सब समझ रही है और इस बार इसका करारा जवाब देगी।”