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बिहार: लोको शेड में शंटिंग के दौरान दो इंजन आमने-सामने टकराए, एक पटरी से उतरा; बड़ा हादसा टला
Tue, 01 Sep 2026 09:05 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:05 PM IST
सार
जमालपुर लोको शेड में शंटिंग के दौरान एक ही ट्रैक पर विपरीत दिशा से आ रहे दो लोकोमोटिव इंजन आमने-सामने टकरा गए। हादसे में एक लोको पटरी से उतर गई और ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। कम गति के कारण बड़ा हादसा टल गया। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।
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लोको शेड में बड़ी लापरवाही
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
विश्व प्रसिद्ध जमालपुर लोको शेड में मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई। शेड परिसर के अंदर शंटिंग के दौरान एक ही ट्रैक पर विपरीत दिशा से आ रहे दो लोकोमोटिव इंजन संख्या 28279 और 27679 की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक लोको पटरी से उतर गई, जबकि ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि दोनों इंजनों की गति काफी कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
बताया जाता है कि लोको शेड परिसर में शंटिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक ही लाइन पर दो इंजनों को भेज दिया गया। प्रारंभिक तौर पर घटना के पीछे प्वाइंट क्लियर नहीं होने और शंटिंग स्टाफ के बीच समुचित समन्वय की कमी की बात सामने आ रही है। टक्कर की तेज आवाज से पूरे शेड परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद रेलवे की शंटिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
क्षतिग्रस्त ट्रैक और डिरेल लोको से कामकाज प्रभावित
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक और डिरेल हुई लोको के कारण शेड में आवागमन और कामकाज प्रभावित रहा। मामूली गति से हुई टक्कर में ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने को लेकर भी रेलकर्मियों के बीच चर्चा रही। इससे शेड परिसर में ट्रैक के रखरखाव और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
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ये भी पढ़ें- बिहार : 'पापा की हत्या हुई, गवाही के सात दिन पहले चाचा को मार डाला'- शराब कांड को लड़की ने हत्या की ओर मोड़ा
सीनियर डीएमई मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही सीनियर डीएमई (डीजल) के.के. दास मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल ट्रैक पर खड़ी दूसरी लोको को सुरक्षित स्थान पर अंदर करवाया, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।
एआरटी वैन मंगाई गई, अनुमति में लगा समय
डिरेल हुई लोको को पटरी पर लाने के लिए जमालपुर स्टेशन से एआरटी (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) वैन मंगाई गई। हालांकि, रेलवे नियमों के तहत एआरटी वैन को मालदा मंडल के वरीय अधिकारियों की अनुमति के बाद ही रिलीज किया जाता है। अनुमति की प्रक्रिया में समय लगने के कारण राहत कार्य में भी देरी हुई। इस दौरान शेड का आवागमन काफी देर तक बाधित रहा। देर शाम तक क्रेन की मदद से डिरेल हुई लोको को पटरी पर लाने का प्रयास जारी रहा। घटना के कारण शेड में कामकाज प्रभावित होने के साथ कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति रही। सीनियर डीएमई (डीजल) के.के. दास ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जांच में जो भी कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बताया जाता है कि लोको शेड परिसर में शंटिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक ही लाइन पर दो इंजनों को भेज दिया गया। प्रारंभिक तौर पर घटना के पीछे प्वाइंट क्लियर नहीं होने और शंटिंग स्टाफ के बीच समुचित समन्वय की कमी की बात सामने आ रही है। टक्कर की तेज आवाज से पूरे शेड परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद रेलवे की शंटिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
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क्षतिग्रस्त ट्रैक और डिरेल लोको से कामकाज प्रभावित
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक और डिरेल हुई लोको के कारण शेड में आवागमन और कामकाज प्रभावित रहा। मामूली गति से हुई टक्कर में ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने को लेकर भी रेलकर्मियों के बीच चर्चा रही। इससे शेड परिसर में ट्रैक के रखरखाव और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
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सीनियर डीएमई मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही सीनियर डीएमई (डीजल) के.के. दास मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल ट्रैक पर खड़ी दूसरी लोको को सुरक्षित स्थान पर अंदर करवाया, ताकि आगे किसी तरह की परेशानी न हो।
एआरटी वैन मंगाई गई, अनुमति में लगा समय
डिरेल हुई लोको को पटरी पर लाने के लिए जमालपुर स्टेशन से एआरटी (एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन) वैन मंगाई गई। हालांकि, रेलवे नियमों के तहत एआरटी वैन को मालदा मंडल के वरीय अधिकारियों की अनुमति के बाद ही रिलीज किया जाता है। अनुमति की प्रक्रिया में समय लगने के कारण राहत कार्य में भी देरी हुई। इस दौरान शेड का आवागमन काफी देर तक बाधित रहा। देर शाम तक क्रेन की मदद से डिरेल हुई लोको को पटरी पर लाने का प्रयास जारी रहा। घटना के कारण शेड में कामकाज प्रभावित होने के साथ कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप की स्थिति रही। सीनियर डीएमई (डीजल) के.के. दास ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जांच में जो भी कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।