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Bihar: जहानाबाद के मंटू शर्मा देंगे दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास की शिक्षा, समाज में लाना चाहते हैं बदलाव

Sun, 05 May 2024 06:38 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 05 May 2024 06:38 PM IST
सार

Jehanabad News: सहायक प्रोफेसर मंटू शर्मा ने बताया कि वह समाज में शिक्षा और स्वच्छ राजनीति से बदलाव लाना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने छात्र संघ राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद कभी इसका असर अपनी शिक्षा पर नहीं पड़ने दिया। मंटू ने बताया कि शिक्षा ही वह अस्त्र है, जिससे समाज के हर वर्ग के जीवन को बदला जा सकता है।

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Bihar News: Mantu Sharma of Jehanabad will teach history in Motilal Nehru College, Delhi University
दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाएंगे सहायक प्रोफेसर मंटू शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के जहानाबाद के सुदूर गांव का निवासी एक साधारण परिवार का युवा दिल्ली यूनिवर्सिटी में इतिहास का सहायक प्रोफेसर बना है। जो गांव के लोगों के लिए गौरव की बात बन गई है। गांव के लोग अपने गांव के लाल के इस मुकाम पर पहुंचने पर खुशी का इजहार करते हुए नहीं थक रहे हैं।

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जहानाबाद के मखदुमपुर थाना के आंकोपुर गांव निवासी मंटू शर्मा अब दिल्ली यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को इतिहास की शिक्षा देंगे। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मोतीलाल नेहरू महाविद्यालय (सांध्य) में इतिहास के सहायक प्रोफेसर (स्थायी) के रूप में शुक्रवार को योगदान दिया। मंटू ने बताया कि विद्यार्थी से शिक्षक बनने का उनका यह सफर बहुत संघर्षपूर्ण रहा है। लेकिन कठिन परिश्रम और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की भूख ने उनके इस सफर को सुगम बना दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय थल सेना में नायब सुबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए उनके पिता रामप्रवेश शर्मा और माता शामिनी देवी मंटू के जीवन की प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।
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मंटू ने बताया कि पिता से प्रेरित होकर ही वह सैनिक स्कूल, कपूरथला में गए थे और देश की सेवा करना चाहते थे। हालांकि, नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) के एसएसबी के अंतिम दौर में बाहर होने के बाद उन्होंने इतिहास के क्षेत्र में अपनी रुचि को प्राथमिकता दी। इसमें अपना करियर बनाने पर ध्यान लगाया। उन्होंने बताया कि पिता से हमेशा मेहनत के लिए तैयार रहना सीखा है। वहीं, मां ने शिक्षा के क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। मां स्वयं बहुत पढ़ नहीं सकीं, इसलिए उनका सपना था कि बेटा शिक्षा के महत्व को समझे और समाज में वंचित बच्चों को भी शिक्षित करे।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज (सांध्य) से स्नातक में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए मंटू अभाविप की ओर से छात्र संघ चुनाव में जीतकर कॉलेज के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मंटू ने इतिहास में ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से परास्नातक (मास्टर्स) किया। वर्तमान में वह दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही बौध अध्ययन में पीएचडी भी कर रहे हैं।


उन्होंने बताया कि वह समाज में शिक्षा और स्वच्छ राजनीति से बदलाव लाना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने छात्र संघ राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद कभी इसका असर अपनी शिक्षा पर नहीं पड़ने दिया। मंटू ने बताया कि शिक्षा ही वह अस्त्र है, जिससे समाज के हर वर्ग के जीवन को बदला जा सकता है। इतिहास में रुचि को लेकर मंटू ने बताया कि इतिहास से ही उन्होंने पूर्व के अनुभवों से बेहतर बनते रहना सीखा है। इसकी शिक्षा का उद्देश्य हमें एक बेहतर समाज बनाना और अपने बारे में जानना है कि हम क्या थे और आज क्या हैं, ताकि हम अपना कल इन अनुभवों के अनुसार तैयार कर सकें।

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