Bihar: जर्दा करोबारी के अपहरण की घटना निकली अफवाह, पिता से नाराज होकर चला गया था ससुराल; अब पुलिस करेगी पूछताछ
Khagaria News: थाना अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी खगड़िया में हैं। इसकी जानकारी उनको नहीं है। उनके पिता से इस संबंध में लिखित आवेदन मांगा गया था, लेकिन वह अप्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस घटना में पुलिस की छवि धूमिल हुई है। फारबिसगंज पुलिस दोनों पिता-पुत्र से इस संबंध में पूछताछ करेगी।
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बिहार के खगड़िया के चर्चित जर्दा कारोबारी हेमंत कुमार गुप्ता के अपहरण की घटना महज अफवाह निकली। वह अपने पिता से नाराज होकर अपने ससुराल सिलीगुड़ी चले गए थे, जिसका खुलासा पुलिस ने किया है। शनिवार को खगड़िया के एमजी मार्ग स्थित आरती स्टोर में उक्त करोबारी अपनी दुकान पर बैठे मिले। वहीं, विगत दो दिनों से खगड़िया और फारबिसगंज पुलिस अपनी माथा-पच्ची करती रही। दरअसल, जर्दा कारोबारी हेमंत कुमार गुप्ता के अपहरण की सूचना पाते ही खगड़िया और फारबिसगंज में कोहराम मच गया था। लोग कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे थे।
कारोबार को लेकर गए थे फारबिसगंज
खगड़िया नगर थाना क्षेत्र के एमजी मार्ग स्थित आरती स्टोर के मालिक कारोबारी नागेश्वर प्रसाद गुप्ता के बेटे हेमंत कुमार गुप्ता गुरुवार को फारबिसगंज गए थे। फारबिसगंज पहुंचते ही उनके द्वारा अपनी पत्नी के वाट्सएप पर ‘अर्जेंट हेल्प’ का मैसेज किया गया। उसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। इधर, पत्नी ने जब परिवारजनों को यह बात बताया तो परिवार में कोहराम मच गया। आनन-फानन में पूरा परिवार फारबिसगंज पहुंचा। जहां फारबिसगंज पुलिस को इसकी सूचना दी गई। उसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया।
पिता ने 30 लाख रुपये ले जाने का किया था दावा
घटना के संबंध में फारबिसगंज के थाना अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उनको कारोबारी के अपहरण की सूचना उनके पिता के द्वारा दी गई थी। उसमें कारोबारी के पास 30 लख रुपये होने की बात कही गई थी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि जब मामले की गहन जांच की गई तो पिता ने बताया कि उनका बेटा उनसे नाराज होकर अपने ससुराल सिलीगुड़ी चला गया है। थानाध्यक्ष की मानें तो पुलिस ने पिता से इस संबंध में लिखित आवेदन मांगा था। लेकिन पिता ने पुलिस को कोई लिखित सूचना नहीं दी।
करोबारी ने नशा लगने की कही बात
शनिवार को अमर उजाला जब इस अपहरण की घटना की सच्चाई जानने कारोबारी की दुकान पहुंचा तो, हेमंत कुमार गुप्ता अपने दुकान पर ही बैठे मिले। उनके अपहरण को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने गोल-मटोल जवाब दिया। उन्होंने कहा कि फारबिसगंज पहुंचते ही उन्होंने चाय पी थी, जिसके बाद उनको नशा लग गया। जब नींद खुली तो वह बस में सवार थे और बेगूसराय पहुंचने वाले थे। हालांकि अपने पिता से नाराजगी और सिलीगुड़ी जाने की बात पर वह चुप्पी साध गए।
पिता और पुत्र से पूछताछ करेगी पुलिस
थाना अध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कारोबारी खगड़िया में हैं। इसकी जानकारी उनको नहीं है। उनके पिता से इस संबंध में लिखित आवेदन मांगा गया था, लेकिन वह अप्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस घटना में पुलिस की छवि धूमिल हुई है। फारबिसगंज पुलिस दोनों पिता-पुत्र से इस संबंध में पूछताछ करेगी। इधर, खगड़िया पुलिस भी इस घटना की सच्चाई जानने के लिए पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।