Bihar: दो लाख के इनामी फरार नक्सली भोला कोरा ने किया आत्मसमर्पण, एसपी सैयद इमरान मसूद के समक्ष किया सरेंडर
Bihar: पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने जानकारी दी कि 5 जुलाई को मुंगेर के राजासराय जंगलों में चलाए गए विशेष अभियान और लगातार हो रही दबिश के कारण नक्सलियों पर भारी दबाव बना है। आगे क्या कुछ कहा पढ़ें खबर
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बिहार पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। दो लाख रुपये के इनामी और 10 वर्षों से फरार कुख्यात नक्सली भोला कोरा उर्फ विकास दा उर्फ रोहित कोरा ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
भोला कोरा के आत्मसमर्पण को राज्य सरकार की नक्सलियों के लिए समर्पण एवं पुनर्वास नीति की सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। आत्मसमर्पण के बाद पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने उसे अंगवस्त्र और फूलमाला देकर सम्मानित किया।
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने जानकारी दी कि 5 जुलाई को मुंगेर के राजासराय जंगलों में चलाए गए विशेष अभियान और लगातार हो रही दबिश के कारण नक्सलियों पर भारी दबाव बना है। विशेषकर कर्मंत्री और सबासिन सिंह के जंगलों में चलाए गए सघन तलाशी अभियान से नक्सल संगठन में हड़कंप मच गया है।
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एसपी ने यह भी बताया कि 21 जुलाई को झारखंड के बोकारो जिले के लघु पहाड़ी क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एरिया कमांडर अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा उर्फ नेताजी (जमुई निवासी), टुन्नीलाल कोरा (लखीसराय निवासी), प्रयाग मांझी उर्फ विवेक साहेब राम मांझी (झारखंड निवासी) सहित चार अन्य नक्सली मारे गए थे।
इस मुठभेड़ और बढ़ती पुलिस कार्रवाई के चलते भोला कोरा ने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। वह बिहार और झारखंड राज्यों में कई भीषण नक्सली वारदातों, मुठभेड़ों और हत्या कांडों में वांछित रहा है। पुनर्वास नीति के तहत सरकार द्वारा उसे कुल 3,60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें 2,50,000 की समर्पण राशि, 2 लाख का इनामी पुरस्कार और छह माह तक 10,000 मासिक भत्ता (रोजगार प्रशिक्षण हेतु) शामिल है।