फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   More than six fake clinics were found during the raid in Motihari

Bihar: छापेमारी के दौरान छह से ज्यादा फर्जी क्लीनिक मिले, अब होगी सख्त कार्रवाई; आशा वर्कर्स की थी मिली भगत

Tue, 09 Jul 2024 05:48 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 09 Jul 2024 05:48 PM IST
सार

Bihar News: मोतीहारी में चिकित्सा जैसे पवित्र पेशे की आड़ में बैठे अवैध डॉक्टर पर शिकंजा कसने को लेकर सुगौली के कई निजी क्लीनिक में औचक छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान सुगौली के हॉस्पिटल रोड, बस स्टैंड, चौक इत्यादि कई जगहों के आधे दर्जन से ज्यादा क्लीनिक पर धावा बोला गया।

विज्ञापन
More than six fake clinics were found during the raid in Motihari
फर्जी क्लीनिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में छापेमारी के दौरान छह से ज्यादा फर्जी क्लीनिक मिले। इसके बाद क्लीनिक चलाने वाले लोगों की अनुज्ञप्ति, चिकित्सकों का सर्टिफिकेट व अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों की मांग कर जांच की गई। जांच के दौरान दो चार क्लीनिक के पास वैध कागजात पाए गए। निजी क्लीनिकों की जांच की खबर फैलते ही इस प्रकार के अवैध के अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। ऐसे संचालक अपने अस्पतालों का शटर गिरा कर फरार होने लगे।

विज्ञापन


बता दें कि कल छपवा चौक के एक क्लीनिक के डॉक्टर पर इलाज के दौरान एक वृद्ध की मौत की खबर सुर्खियां बनी और इस खबर के बाद स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी है। सुगौली सीएचसी के द्वारा गठित धावा दल के द्वारा औचक छापेमारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


उनकी इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। इस दौरान सरकारी अस्पताल के पुर्जे और आशा कार्यकर्ताओं को भी एक निजी अस्पताल में पाया गया। जांच अधिकारी के अनुसार स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मामले में वैसे लोग इलाज कर रहे हैं, जिनके पास कोई भी वैध बायो डिग्री और क्लीनिक चलाने का अनुज्ञप्ति नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर रिजवी ने बताया कि जन सेवा हेल्थ केयर पर डॉक्टर श्वेता कुमारी इलाज कर रही थी। वहीं डॉक्टर जफर शमसुल के पास क्लीनिक चलाने का कोई भी वैध डॉक्यूमेंट नहीं है। शिवांगी हेल्थ केयर को बिना डिग्री के डॉक्टर चला रहे थे। सरस्वती शिशु केंद्र पर डॉक्टर सौरभ कुमार के पास ना तो डिग्री है और नहीं कोई डॉक्यूमेंट है।


नवजीवन चाइल्ड केयर के चिकित्सक के पास योगा की डिग्री है और एलोपैथिक का इलाज करते हैं। चंदन हेल्थ केयर का सर्वाधिक संदिग्ध हाल पाया गया। यहां एक विद्यार्थी श्वेता कुमार डांक्टर बन इलाज कर रहा था। यहां सरकारी अस्पताल का पुर्जा और आशा वर्कर्स को भी पाया गया। बताते चले कि जितने भी अवैध क्लीनिक संचालित होते है, वे सभी आशा वर्कर्स के भरोसे ही चलते हैं। जिसे वे किसी भी पंचायत से एक मरीज लाने पर जितना मरीज पैसा क्लीनिकों के संचालकों को देता है, इस पैसे का आधा पैसा आशा वर्कर्स को मिलता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed