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बिहार: विधान परिषद नहीं चलेगी तो भी एमएलसी हर हफ्ते सरकार से पूछ सकेंगे दो सवाल
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Fri, 24 Nov 2017 09:48 PM IST
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बिहार विधान परिषद
बिहार विधान परिषद का सत्र नहीं चल रहा होगा फिर भी विधान पार्षदों अब हफ्ते दो सवाल पूछ सकते हैं जिसका जवाब सरकार को देना होगा। यानि सवाल पूछने के लिए पार्षदों को सत्र चलने का इंतजार नहीं करना होगा। ये सवाल विधान परिषद के माध्यम से संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे। वहां से जवाब मिलने के बाद उन्हें सदस्यों को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद ने इसका ऐलान किया। वे प्रेस सलाहकार परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विधान परिषद की नियमावली में ये प्रावधान पहले से हैं लेकिन इस अमल नहीं किया गया। विधान परिषद सचिवालय ने राज्य के मुख्य सचिव को इसे लागू करने के लिए लिखा है।
क्या है मौजूदा व्यवस्था
विधान परिषद के सत्र के दौरान सवाल पूछने का वक्त तय है जिसमें सदस्य तारांकित, अल्पसूचित के अलावा ध्यानकर्षन सवाल पूछ सकते हैं। इसके लिए विधानसभा में बॉक्स है। अब परिषद में भी बॉक्स लगाने की व्यवस्था हुई है। सदस्य सवालों को सचिव के पास जमा कराते थे। जबकि शून्यकाल में भी कोई मुद्दा उठाया जा सकते है। लेकिन शून्यकाल के मुद्दे उसी दिन सौंपे जाते हैं।
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सभी 74 सदस्य पूछेंगे तो हर महीने होंगे 592 सवाल
विधानपरिषद की इस व्यवस्था में अगर सभी सदस्यों ने सवाल पूछे तो एक महीने में 592 सवाल होंगे। बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। अभी 74 सदस्य हैं। हाल ही में पशुपति कुमार पारस को मनोनीत किया गया है फिर भी एक पद खाली है।
नए नियम के लागू हो जाने के बाद पार्षदों के सवाल पूछने की क्षमता बढ़ेगी वही सरकार और सरकारी अधिकारियों पर अब जवाब देने का दबाव बना रहेगा।
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बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद ने इसका ऐलान किया। वे प्रेस सलाहकार परिषद की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि विधान परिषद की नियमावली में ये प्रावधान पहले से हैं लेकिन इस अमल नहीं किया गया। विधान परिषद सचिवालय ने राज्य के मुख्य सचिव को इसे लागू करने के लिए लिखा है।
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क्या है मौजूदा व्यवस्था
विधान परिषद के सत्र के दौरान सवाल पूछने का वक्त तय है जिसमें सदस्य तारांकित, अल्पसूचित के अलावा ध्यानकर्षन सवाल पूछ सकते हैं। इसके लिए विधानसभा में बॉक्स है। अब परिषद में भी बॉक्स लगाने की व्यवस्था हुई है। सदस्य सवालों को सचिव के पास जमा कराते थे। जबकि शून्यकाल में भी कोई मुद्दा उठाया जा सकते है। लेकिन शून्यकाल के मुद्दे उसी दिन सौंपे जाते हैं।
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सभी 74 सदस्य पूछेंगे तो हर महीने होंगे 592 सवाल
विधानपरिषद की इस व्यवस्था में अगर सभी सदस्यों ने सवाल पूछे तो एक महीने में 592 सवाल होंगे। बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। अभी 74 सदस्य हैं। हाल ही में पशुपति कुमार पारस को मनोनीत किया गया है फिर भी एक पद खाली है।
नए नियम के लागू हो जाने के बाद पार्षदों के सवाल पूछने की क्षमता बढ़ेगी वही सरकार और सरकारी अधिकारियों पर अब जवाब देने का दबाव बना रहेगा।