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Bihar News: सीएचसी प्रभारी डॉ. संजय कुमार निलंबित, फर्जी प्रमाण पत्र और दवा दुरुपयोग के आरोप में हुई कार्रवाई

Tue, 24 Jun 2025 03:15 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छपरा,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छपरा, Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 24 Jun 2025 03:15 PM IST
सार

छपर में मशरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार को स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और झूठे जख्म प्रतिवेदन जारी करने, सरकारी दवाओं के दुरुपयोग और खून की जांच में आवश्यक केमिकल की अनुपलब्धता जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर निलंबित कर दिया है। 
 

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Mashrakh CHC in-charge Dr. Sanjay Kumar suspended, action taken on charges of fake certificate and drug misuse
स्वास्थ्य विभाग ने की सख्त कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छपर में मशरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार को स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और झूठे जख्म प्रतिवेदन जारी करने, सरकारी दवाओं के दुरुपयोग और खून की जांच में आवश्यक केमिकल की अनुपलब्धता जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर निलंबित कर दिया है। 
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मशरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और झूठे जख्म प्रतिवेदन जारी करने, सरकारी दवाओं के दुरुपयोग और खून की जांच में आवश्यक केमिकल की अनुपलब्धता जैसी गंभीर लापरवाहियों के आरोप हैं।
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प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सत्य पाया गया, जिसके बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, डॉ. संजय कुमार की कार्यप्रणाली ने न केवल सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की साख को भी नुकसान पहुंचाया।
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फर्जीवाड़े और लापरवाही का आरोप
स्थानीय लोगों महेश्वर सिंह, रंजन कुमार सिंह सहित कई अन्य ने प्रभारी चिकित्सक पर लापरवाही, अधीनस्थ कर्मियों की संलिप्तता से फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने, केमिकल की अनुपलब्धता और दवाओं के दुर्विनियोग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इसी आधार पर विभाग ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, जिसकी रिपोर्ट में कार्रवाई की सिफारिश की गई।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जनता में चिंता और आक्रोश
इस निलंबन के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर जनता में गहरी चिंता है। लोगों का कहना है कि जब सरकारी अस्पतालों में ही फर्जीवाड़ा होगा तो भरोसा किस पर किया जाए।


जांच जारी, अन्य कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच होगी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अब इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है, जो पूरे स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

पटना मुख्यालय स्थानांतरित, जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
निलंबन की अवधि में डॉ. संजय कुमार को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के स्वास्थ्य और अधिकारों से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है और अन्य पदाधिकारी भी सतर्क हो गए हैं।
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