LS Election : लोकसभा चुनाव विफल कराने की कोशिश के आरोप में डीटीओ निलंबित, बिहार सरकार ने की कार्रवाई
सामान्य प्रशासन विभाग से पत्र मिलने के साथ ही डीटीओ मो मंजूर आलम को निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना में योगदान देने के लिए शाम से ही विरमित करने का आदेश जारी कर दिया है।
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सुपौल में लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। विभाग ने चुनाव कार्य बाधित करने के आरोप में सुपौल के जिला परिवहन पदाधिकारी मो मंजूर आलम को निलंबित कर दिया है। बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मो. मंजूर आलम सुपौल में बतौर जिला परिवहन पदाधिकारी पदस्थापित थे और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें वाहन कोषांग का प्रभारी पदाधिकारी बनाया गया था। चार जून को जारी आदेश में विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी मो मंजूर आलम के विरुद्ध जिलाधिकारी सुपौल के पत्रांक-1000-2 दिनांक-08.05.2024 द्वारा आरोप प्रतिवेदित किया गया है कि लोकसभा चुनाव-2024 के तृतीय चरण के तहत 08-सुपौल संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में सात मई को चुनाव की निर्धारित तिथि के पूर्व पांच मई तक मतदान कर्मियों को नियुक्ति पत्र, मतदान सामग्री एवं वाहन लॉग बुक/ईंधन कूपन हस्तगत कराना था।
चार मई को ही वाहन कोषांग से संबंधित कार्य यथा लॉग बुक का संधारण, वाहन का टैगिंग एवं कम्यूनिकेशन प्लान तैयार कर लेना था। लेकिन जिलाधिकारी सुपौल के वाहन कोषांग के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि वाहनों को मतदान दल के साथ टैगिंग नहीं किया गया है। साथ ही किसी भी वाहन के विन्ड स्क्रीन पर मतदान दल संख्या चिपकाया नहीं गया है। वाहनों का देय ईंधन कूपन भी तैयार नहीं पाया गया। साथ ही वाहनों का लॉग बुक संधारित नहीं पाया गया। आदेश के बावजूद कई वाहनों का लॉग बुक प्रस्तुत नहीं किया गया। पत्र में डीएम ने जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा निर्वाचन कार्य को विफल कराने के कुत्सित प्रयास का भी उल्लेख किया था।
डीएम के प्रस्ताव पर विभाग ने की कार्रवाई
सरकार के उप सचिव रवींद्र नाथ चौधरी ने कार्रवाई के बाबत जारी पत्र में कहा है कि डीएम के प्रतिवेदन में डीटीओ के विरुद्ध उल्लेखित आरोप काफी गंभीर थे। लिहाजा आरोपों की गंभीरता के आलोक में सम्यक विचार के उपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (क) एवं (ख) में निहित प्रावधानों के तहत संकल्प निर्गत की तिथि से अगले आदेश तक के लिए बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी मो मंजूर आलम को निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रावधानों के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। वही उनके विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठन की कार्रवाई अलग से की जाएगी।
अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को मिला प्रभार
इधर, सामान्य प्रशासन विभाग से पत्र मिलने के साथ ही बुधवार यानी पांच जून को तत्कालीन डीटीओ मो मंजूर आलम को निलंबन अवधि में निर्धारित मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना में योगदान देने के लिए शाम से ही विरमित करने का आदेश जारी कर दिया है। जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर किसी पदाधिकारी का पदस्थापन होने तक अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्रीति कुमारी सुपौल को अपने कार्यों के अतिरिक्त डीटीओ का भी प्रभार सौंप दिया गया है। डीएम कौशल कुमार ने बुधवार को जारी आदेश में निलंबित डीटीओ मो मंजूर आलम को जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल का प्रभार अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्रीति कुमारी सुपौल को सौंपने के बाद ही मुख्यालय से प्रस्थान करने को कहा है।