भाजपा को भारी पड़ सकती है प्रथम राष्ट्रपति की अनदेखी, पटना के रोड शो में काले झंडे दिखाने की तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पटना साहिब में उनके रोड शो के दौरान काले झंडे दिखाए जा सकते हैं। शनिवार को शाह पटना आ रहे हैं और वे भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद के लिए रोड शो करेंगे। कायस्थ चित्रगुप्त सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह दर्जनों बार बिहार आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि वे देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पटना में बांसघाट स्थित समाधि स्थल 'महाप्रयाण घाट' पर जाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करें।
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी शत्रुघ्न सिन्हा ने भी कह दिया है कि भाजपा की वन मैन, टू मैन आर्मी के दूसरे स्तंभ यानी अमित शाह यदि बिहारियों की औकात बताने पटना आ रहे हैं तो जान लें कि बिहार की जनता उनकी औकात बताने से पीछे नहीं हटेगी। यदि वे सही औकात में यहां आ रहे हैं तो उन्हें चाय मिलेगी और सम्मान भी नसीब होगा।
बता दें कि पटना साहिब सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा और भाजपा प्रत्याशी रविशंकर प्रसाद के बीच कांटे का मुकाबला है। दोनों ही पार्टियों के लिए यह सीट नाक का सवाल बन गई है। इस लोकसभा सीट को कायस्थ बाहुल्य सीट माना जाता है। दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के उम्मीदवार भी कायस्थ हैं।
यहां पर कायस्थों में इस बात को लेकर खासी नाराजगी देखी जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अनेकों बार बिहार में आ चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी यह जरुरी नहीं समझा कि प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बांसघाट स्थित समाधि स्थल 'महाप्रयाण घाट' पर जाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करें।
कायस्थों का कहना है कि कथित राष्ट्रभक्त यह कहते हुए नहीं थकते कि कांग्रेस पार्टी ने राजेंद्र बाबू का अपमान किया है, लेकिन अब खुद इनके बारे में क्या कहें।
कायस्थ चित्रगुप्त सेना की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक जो कि सेना के संगठन सचिव अंजनि सिन्हा के कदमकुआं, पटना स्थित आवास पर आयोजित की गई, उसमें सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा है कि अब मोदी और शाह, राजेंद्र बाबू का अपमान कर रहे हैं।
इस बार उन्होंने अगर राजेंद्र बाबू के समाधि स्थल पर आकर श्रद्धांजलि नहीं दी तो कायस्थ समाज पटना में अमित शाह के रोड शो और 15 मई को प्रधानमंत्री मोदी की पटना में होने वाली रैली में काले झंडे दिखाए जाएंगे। सेना के संगठन सचिव अंजनि सिन्हा और सेनाध्यक्ष पाण्डेय अखिलेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि यह कायस्थों के साथ-साथ सभी बिहारियों का अपमान हैं। अब यह अपमान बर्दास्त नही किया जाएगा।
भाजपा को सिर्फ कायस्थों का वोट चाहिए। इन्हें समुदाय के गौरव और मान-सम्मान से कोई लेना देना नहीं है। ये लोग कायस्थों के वोट लेकर जनप्रतिनिधि बनते हैं और बाद में कायस्थों को ही उनकी औकात बताने लगते हैं। कायस्थ सेना ने रविशंकर से आग्रह किया है कि वे मोदी और शाह को राजेन्द्र बाबू के समाधि स्थल पर लाकर श्रद्धांजलि दिलवाएं, अन्यथा काले झण्डे देखने के लिये तैयार रहें।
दिल्ली की तर्ज पर विकसित हो डॉ. राजेंद्र प्रसाद का समाधि स्थल
बिहार विद्यापीठ आश्रम के अध्यक्ष विजॉय प्रकाश का कहना है कि पटना स्थित समाधि स्थल को दिल्ली के राजघाट की तरह विकसित किया जाना चाहिए। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद केवल बिहार के नहीं, बल्कि पूरे देश के राष्ट्रपति थे।
भाजपा यही बात नहीं समझ पा रही है। यहां पर राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर कोई सरकारी कार्यक्रम आयोजित नहीं होता। हम लोग अपने पैसे से यहां एक म्यूजियम बना रहे हैं। इसमें राजेंद्र बाबू से जुड़ी वस्तुएँ रखी जाएंगी। इसमें भी सरकार कोई योगदान नहीं दे रही।