फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Lok Sabha chunav 2019: JDU Spokesperson KC Tyagi Exclusive Interview said abt Narendra Modi, Giriraj

EXCLUSIVE: नरेंद्र मोदी की तारीफ कर गिरिराज, साध्वी प्रज्ञा और साक्षी महाराज पर बरसे केसी त्यागी

Tue, 30 Apr 2019 03:45 PM IST
Nilesh Kumar नवल किशोर कुमार, पटना, बिहार
नवल किशोर कुमार, पटना, बिहार Published by: Nilesh Kumar Updated Tue, 30 Apr 2019 03:45 PM IST
विज्ञापन
Lok Sabha chunav 2019: JDU Spokesperson KC Tyagi Exclusive Interview said abt Narendra Modi, Giriraj
KC Tyagi - फोटो : Amar Ujala

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और नीतीश कुमार के बाद आरसीपी सिंह के बाद तीसरे नंबर के नेता केसी त्यागी का कहना है कि नीतीश कुमार कहीं से कमजोर नहीं हैं और न ही उनकी छवि धूमिल हुई है। उनका यह भी कहना है कि नरेंद्र मोदी एनडीए के नेता हैं। भाजपा का मतलब नरेंद्र मोदी हैं, न कि गिरिराज सिंह, प्रज्ञा सिंह ठाकुर और साक्षी महाराज टाइप के आवारा नेता। अमर उजाला के साथ उन्होंने खास बातचीत में कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। 

विज्ञापन


क्या वजह है कि इस बार आपकी पार्टी ने इस बार घोषणा पत्र नहीं जारी किया है? क्या आपकी पार्टी भाजपा के घोषणा पत्र में वर्णित सभी घोषणाओं का समर्थन करती है? मसलन, धारा 370 और देशद्रोह कानून।
विज्ञापन


के. सी. त्यागी: देखिए, जनता दल(यू) समाजवादी आंदोलन के गर्भ से पैदा हुई पार्टी है। जिसके पुरखे जेपी, लोहिया, चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर रहे हैं। इन सभी ने समाज में परिवर्तन की अलग धारा विकसित की। हम गैर कांग्रेसवाद को लेकर जनसंघ के साथ रहे हैं। हम उस समय से जनसंघ के साथ हैं जबसे देश में गैर कांग्रेसवाद लहर चली थी। 1967 के बाद जब गैर कांग्रेसवाद की राजनीति शुरू हुई तब इसके जनक लोहिया और पंडित दीनदयाल उपाध्याय रहे। हमारे बीच वैचारिक स्तर पर मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हम साथ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आपने घोषणा पत्र की बात कही है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि नीतीश कुमार जी के व्यस्त रहने के कारण अभी तक हम अपना घोषणा पत्र जारी नहीं कर सके हैं। हमारा घोषणा पत्र तैयार है। जल्द ही हम इसे जनता के बीच लाएंगे। दूसरी बात जो आपने कही है धारा 370 और देशद्रोह संबंधी कानून की तो हम आपको बताना चाहते हैं कि इन सभी मुद्दों पर जदयू की अपनी राय है। हम भाजपा के इन एजेंडों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। 

इस बार के चुनाव में नीतीश जी को अपने बजाय नरेंद्र मोदी जी का चेहरा प्रस्तुत कर वोट मांगना पड़ रहा है? सृजन घोटाला, शेल्टर कांड आदि के कारण क्या नीतीश जी की सुशासन बाबू वाली छवि धूमिल हुई है?

केसी त्यागी: पहली बात तो यह कि यह लोकसभा का चुनाव है। नरेंद्र मोदी केवल भाजपा के नहीं पूरे एनडीए के नेता हैं। वे एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। हमलोगों ने उन्हें अपना नेता माना है। इसलिए यह कहना कि नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी जी के नाम पर वोट मांग रहे हैं, गलत है। आपने जो सृजन घोटाले या फिर दूसरे मामले की बात कही है, वह सरासर बेबुनियाद है। नीतीश कुमार जी पर कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकता है। सृजन घोटाले को लेकर उन्होंने सीबीआई जांच की पहल स्वयं की। विपक्ष आजाद है कोर्ट में जाकर सबूत दे।

जिस तरह से अभी तक चुनावी रैलियां हुई हैं, ऐसा लगता है कि नीतीश कुमार ने खुद को साइड कैरेक्टर मान लिया है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का मुद्दा जो कि उनका अपना था, इस बार उससे बचते नजर आ रहे हैं।

केसी त्यागी: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिले, यह हमारे दिल से जुड़ा हुआ सवाल है। यदि यह हो गया तो बिहार में औद्योगिक क्रांति होगी। 90 प्रतिशत रेवेन्यू बिहार को मिलेगा। वहीं उद्यमियों को भी इसका लाभ मिलेगा। आप देखिए न कि बिहार के विभाजन के बाद क्या हुआ। जितने भी संसाधन बिहार के पास थे, नहीं रहे। बदहाली, कंगाली और गुरबत बिहार के हिस्से में आयी। इसलिए हमारी पार्टी और बड़े जनमानस का मानना है कि जबतक बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा तबतक यहां से पलायन का सिलसिला नहीं केगा। हमलोगों ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। हम इस मांग को भूले नहीं हैं।

लेकिन, इस बार इसकी आवाज नीतीश कुमार स्वयं भी नहीं उठा रहे हैं?

केसी त्यागी: यह मुद्दा हमारे घोषणा पत्र में शामिल है।

भाजपा के साथ ट्यूनिंग में क्या कोई समस्या है? अभी हाल ही में आपने गिरिराज सिंह को लेकर सवाल उठाया था। क्या आप यह मानते हैं कि भाजपा जिस तरह से राष्ट्रवाद और धर्म के आधार पर वोट मांग रही है, वह जायज है? सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के सवाल पर भी आपकी पार्टी के द्वारा भाजपा से अलग राय व्यक्त की है।

केसी त्यागी: सबसे पहले तो मैं आपको साफ कर दूं कि गिरिराज सिंह हों, प्रज्ञा ठाकुर हों या फिर उन्नांव से चुनाव लड़ रहे साक्षी महाराज हों, ये 'भाजपा और नरेंद्र मोदी' नहीं हैं।  हमारी छवि समाज में एक धर्म निरपेक्ष दल की है और नया समाज बनाने वालों की है।

सियासी गलियारे में चर्चा है कि नीतीश इस बार चुनाव में कम जोर इसलिए भी लगा रहे हैं ताकि भाजपा जदयू से बड़ी पार्टी न बन सके। आप क्या कहेंगे?

केसी त्यागी: यह विपक्षियों की चाल है। वह हमारे(जदयू और भाजपा) बीच अलगाव पैदा करना चाहते हैं। हम तो बराबरी पर चुनाव लड़ रहे हैं। 17 सीटों पर हम और 17 सीटों पर वे चुनाव लड़ रहे हैं। न कोई छोटा और ना कोई बड़ा। मैं आपको बताऊं कि हमारे नीतीश कुमार जी पिछले एक महीने से सुबह से लेकर शाम तक बिना किसी भेदभाव के, फिर चाहे वह भाजपा उम्मीदवार का संसदीय क्षेत्र हो या फिर लोजपा का, चुनाव प्रचार में जाते हैं।

राजद नेता तेजस्वी कह रहे हैं कि नीतीश जी का कोई भरोसा नहीं है। आज वे भाजपा के साथ हैं। चुनाव के बाद कहीं भी पलटीमार सकते हैं। लालू प्रसाद ने अपनी किताब में इसका जिक्र भी किया है कि नीतीश जी ने प्रशांत किशोर को अपना दूत बनाकर भेजा?

केसी त्यागी: देखिए, तेजस्वी जी अभी अपरिपक्व नेता हैं। मैं तो आपको महागठबंधन में शामिल सभी दलों के बारे में बता सकता हूं। ममता बनर्जी पहले कांग्रेस में थीं। अभी खुद की पार्टी चला रही हैं। आप एन चंद्राबाबू नायडू को देख लें। यूनाईटेड फ्रंट के कन्वेनर थे। बाद में भाजपा के साथ गए। तेजस्वी जी के बारे में इतना ही कह सकता हूं कि वे एक अपरिपक्व नेता हैं।

अंतिम सवाल, इस बार कितनी सीटों पर जदयू की जीत का दावा कर रहे हैं?

केसी त्यागी: मैं तो आशान्वित हूं कि हम इस बार न केवल अपनी 17 सीटें जीतेंगे बल्कि भाजपा के 17 और और लोजपा के हिस्से की छह सीटें भी जीतेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed