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गोपालगंज उपचुनाव: कुशवाहा ने भाजपा की जीत को नहीं दिया महत्व, वोटों के बिखराव का नतीजा बताया
Mon, 07 Nov 2022 06:41 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 07 Nov 2022 06:41 PM IST
सार
कुशवाहा ने कहा कि गोपालगंज में महागठबंधन के वोटों में बिखरव था। एक उम्मीदवार को करीब 8,000 वोट मिले जबकि दूसरे को 12,000 वोट मिले।
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उपेंद्र कुशवाहा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक प्रमुख राजनीतिक सहयोगी ने सोमवार को कहा कि महागठबंधन के वोटों में विभाजन के कारण गोपालगंज विधानसभा सीट उपचुनाव पर राजद की हार हुई। इसका परिणाम एक दिन पहले घोषित किया गया था। सीतामढ़ी जिले में पत्रकारों से बात करते हुए जद (यू) संसदीय बोर्ड के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मतदाताओं से उन लोगों से सावधान रहने का आग्रह किया, जो किसी अन्य उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करने के लिए मैदान में उतरते हैं।
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कुशवाहा बोले, वोटों के बंटवारे ने हराया
कुशवाहा ने कहा कि गोपालगंज में महागठबंधन के वोटों में बिखरव था। एक उम्मीदवार को करीब 8,000 वोट मिले जबकि दूसरे को 12,000 वोट मिले। ये सभी वोट महागठबंधन के थे। कुशवाहा ने कहा कि अगर बंटवारा नहीं होता तो राजद बड़े अंतर से जीत जाती। गोपालगंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कुसुम देवी को 70,032 वोट मिले, जबकि राजद के मोहन गुप्ता को 68,243 वोट मिले।
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असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और मायावती की बसपा क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं, जिन्हें मिलाकर 20,000 से अधिक वोट मिले। कुशवाहा बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं तेजस्वी यादव की मामी इंदिरा यादव और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के उम्मीदवार अब्दुल सलाम को मिले वोटों का जिक्र कर रहे थे, जिन पर अक्सर भाजपा की बी टीम होने का आरोप लगाया जाता है। इंदिरा यादव को 8,854 वोट मिले थे जबकि अब्दुल सलाम को 12,212 वोट मिले थे।
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कुशवाहा ने कहा कि मैं मतदाताओं से अपील करना चाहूंगा कि ऐसे उम्मीदवारों के झांसे में न आएं। वे गंभीरता से चुनावी मैदान में नहीं उतरते हैं। उनका एकमात्र मकसद दूसरे उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करना होता है। कुशवाहा ने कहा कि ऐसे उम्मीदवारों पर वोट बर्बाद नहीं करना चाहिए। जद (यू) नेता ने गोपालगंज के उपचुनावों के परिणाम पर खुशफहमी प्रदर्शित करने के लिए भाजपा का यह कहकर मजाक उड़ाया कि वह सबसे कम वोटों से गोपालगंज सीट पर कब्जा जमा सकी जबकि मोकामा में उसे हार मिली।
दोनों सीटों पर सक्रिय रूप से प्रचार करने वाले कुशवाहा ने कहा कि भाजपा इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि हमारे उम्मीदवार ने मोकामा में सहज अंतर से जीत दर्ज की। मोकामा के लिए उपचुनाव राजद विधायक अनंत कुमार सिंह की अयोग्यता के कारण हुआ था, जिनकी पत्नी नीलम देवी ने भाजपा उम्मीदवार को 16,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी।