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Bihar: जिसे बचाने का कानून, उसका ही शिकार! कोसी में डॉल्फिन पकड़ी, घर ले जाकर तेल निकालने की तैयारी

Tue, 25 Aug 2026 09:26 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 25 Aug 2026 09:26 AM IST
सार

सहरसा जिले में कोसी नदी के पास गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। डरहार गांव के पास मछुआरों ने कथित तौर पर डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से घर पहुंचाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू की।

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saharsa gangetic dolphin illegal hunting kosi river fisherman viral video forest department case
डॉल्फिन को जाल में फंसाकर घर ले गए मछुआरे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के सहरसा जिले में राष्ट्रीय जलीय जीव गांगेय डॉल्फिन के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। कोसी नदी के जलक्षेत्र में एक मछुआरे ने डॉल्फिन को जाल में फंसाकर उसका शिकार कर दिया। आरोप है कि मछुआरा डॉल्फिन को नाव से अपने घर ले गया और उसका तेल निकालने की तैयारी कर रहा था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और मामले में कार्रवाई शुरू की गई।

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डॉल्फिन को जाल में फंसाकर नाव से घर ले गए मछुआरे

मिली जानकारी के अनुसार, घटना सहरसा जिले के डरहार गांव के पास कोसी नदी क्षेत्र की है। वायरल वीडियो में दो मछुआरे नदी में जाल में फंसी डॉल्फिन को नाव में उठाकर रखते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद वे डॉल्फिन को नाव से घर ले जाने और उसका तेल निकालने की बात करते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि मरी हुई डॉल्फिन को घर ले जाया गया, जहां एक महिला और एक व्यक्ति ने उसकी फोटो और वीडियो भी बनाए। घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने डॉल्फिन के शिकार में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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वन विभाग ने दर्ज किया केस, मुख्य आरोपी फरार

वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। वनपाल मोहम्मद अब्दुल सलाम के नेतृत्व में वनकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही आरोपी अपने घर छोड़कर फरार हो गए। वन विभाग ने मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुख्य आरोपी वीरेंद्र समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी गई है।

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कोसी नदी क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कोसी नदी क्षेत्र में जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ा दी गई है। वनपाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में वन्यजीवों का शिकार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की ओर से नदी क्षेत्र में डॉल्फिन और अन्य जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है।

राष्ट्रीय जलीय जीव है गांगेय डॉल्फिन

गौरतलब है कि भारत सरकार ने वर्ष 2009 में गांगेय डॉल्फिन को देश का राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत इसे बाघ और शेर की तरह ही सर्वोच्च कानूनी संरक्षण मिला हुआ है। डॉल्फिन का शिकार करना, उसे नुकसान पहुंचाना या उसके अंगों और तेल का व्यापार करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में गैर-जमानती अपराध के तहत कई वर्षों की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

नदी के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है डॉल्फिन

पर्यावरणविदों के अनुसार, डॉल्फिन नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसे मीठे पानी की नदियों का ‘बायो-इंडिकेटर’ भी माना जाता है। जिस नदी में डॉल्फिन की मौजूदगी होती है, वह संकेत देता है कि वहां का जलीय वातावरण अपेक्षाकृत स्वच्छ और स्वस्थ है। ऐसे में कोसी जैसी नदियों में गांगेय डॉल्फिन के संरक्षण और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए लगातार कड़े कदम उठाना जरूरी है।

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