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Bihar News: सहरसा की सड़कों पर दर्दनाक मंजर, एक ही दिन में दो जानें गईं
Sun, 18 May 2025 03:18 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 18 May 2025 03:18 PM IST
सार
जिले में दो अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। दोनों की मौत रविवार को इलाज के दौरान हुई। वहीं, इन हादसों में दो और लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। पुलिस हादसों की जांच कर रही है।
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शोकाकुल परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहरसा जिले में दो अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में एक महिला और एक पुरुष की जान चली गई। पहली घटना नवहट्टा थाना क्षेत्र की है। काशीमपुर पंचायत के हेमपुर गांव की 55 साल की मंजू देवी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब उनका बेटा मनीष कुमार और पड़ोसी सचिन कुमार उन्हें बाइक पर बैठाकर नवहट्टा थाना ले जा रहे थे। रास्ते में कोसी बांध के पास भगवती स्थान के पास एक अनजान वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
इस टक्कर में मंजू देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष (18 साल) और सचिन (19 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तीनों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मंजू देवी को मृत घोषित कर दिया और घायलों को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने बताया कि मनीष भोज खाने गया था, जहां कुछ लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया। इसकी शिकायत करने वह अपनी मां और पड़ोसी को साथ लेकर थाने जा रहा था। मृतका के पति लीलांबर कामत की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। उनके चार बच्चे हैं। नवहट्टा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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पढ़ें: झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की दर्दनाक मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा; जानें
दूसरी घटना सहरसा के सर्किट हाउस के पास की है, जहां कारीगर के रूप में काम करने वाले देवन कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह शनिवार को अपने घर संत नगर से काम पर निकले थे। रविवार को परिजनों को जानकारी मिली कि वह सदर अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन जब तक वे पहुंचे, देवन की मौत हो चुकी थी।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, देवन को शनिवार देर रात किसी ने अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्य मरीजों के परिजनों से पता चला कि देवन दर्द से कराहते रहे, लेकिन उन्हें दर्द से राहत देने के लिए कोई दवा या सुई नहीं दी गई।
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इस टक्कर में मंजू देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष (18 साल) और सचिन (19 साल) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तीनों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मंजू देवी को मृत घोषित कर दिया और घायलों को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
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परिजनों ने बताया कि मनीष भोज खाने गया था, जहां कुछ लोगों ने उसका मोबाइल छीन लिया। इसकी शिकायत करने वह अपनी मां और पड़ोसी को साथ लेकर थाने जा रहा था। मृतका के पति लीलांबर कामत की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है। उनके चार बच्चे हैं। नवहट्टा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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दूसरी घटना सहरसा के सर्किट हाउस के पास की है, जहां कारीगर के रूप में काम करने वाले देवन कुमार की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह शनिवार को अपने घर संत नगर से काम पर निकले थे। रविवार को परिजनों को जानकारी मिली कि वह सदर अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन जब तक वे पहुंचे, देवन की मौत हो चुकी थी।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, देवन को शनिवार देर रात किसी ने अस्पताल में भर्ती कराया था। उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अन्य मरीजों के परिजनों से पता चला कि देवन दर्द से कराहते रहे, लेकिन उन्हें दर्द से राहत देने के लिए कोई दवा या सुई नहीं दी गई।