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बिहार: सुपौल में 5.87 करोड़ के फाइबर कार्ड चोरी, चार दिन बाद पुलिस के हाथ खाली; गार्ड समेत दो शक के घेरे में

Mon, 05 Oct 2026 06:52 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: कोसी ब्यूरो Updated Mon, 05 Oct 2026 06:52 PM IST
सार

सुपौल के पिपरा बाजार स्थित टावर से 66 फाइबर कार्ड चोरी हो गए। इनकी अनुमानित कीमत 5.87 करोड़ रुपये बताई गई है। कंपनी ने केस दर्ज कराया है। गार्ड और फाइबर टीम के कर्मियों की गतिविधियों पर भी संदेह जताया गया है।

 

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fibre card of mobile tower theft worth 5.87 crore in Supaul Bihar police investigation
अपराध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुपौल के पिपरा थाना क्षेत्र में टेलीकॉम टावर से 5 करोड़ 87 लाख 74 हजार 94 रुपये कीमत के फाइबर कार्ड चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना पिपरा बाजार स्थित कंपनी के टावर की है। मामले में पेरीग्रीन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर सुशांत कुमार सिंह के आवेदन पर पिपरा थाना कांड संख्या 354/26 दर्ज किया गया है।

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आवेदन के अनुसार, बीते 1 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे पिपरा बाजार स्थित कंपनी के टावर से कुल 66 फाइबर कार्ड चोरी कर लिए गए। इनमें 2 सीसीएमडी12सी, 9 डब्लूएलएआईएमओटीआ, 50 एसएफपी मॉड्यूल, 2 एएसआर9900 और 3 एएसआर9000 कार्ड शामिल हैं। कंपनी ने चोरी हुए कार्डों की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 87 लाख 74 हजार 94 रुपये बताई है।

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कंपनी के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने पुलिस को बताया कि पेरीग्रीन गार्डिंग प्राइवेट लिमिटेड इंडस टॉवर से संबंधित काम करती है। कंपनी बिहार और झारखंड में टेलीकॉम ऑपरेटरों के अनुरोध पर टावर लगाकर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

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साइट खुली मिली, दो लोग मौजूद थे
आवेदन के मुताबिक, चोरी की सूचना कंपनी के फाइबर टीम के कर्मी राहुल कुमार ने टेक्नीशियन सीतांशु कुमार को दी। इसके बाद सीतांशु ने साइट के गार्ड विक्रम कुमार को साइट डाउन होने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर विक्रम जब मौके पर पहुंचा तो टावर का गेट और शेल्टर खुला हुआ था।

वहां फाइबर टीम के कर्मी अभिषेक कुमार के साथ एक अन्य व्यक्ति मौजूद था। दोनों फाइबर कार्ड चोरी होने की बात कर रहे थे। कंपनी के अनुसार, साइट की चाबी गार्ड विक्रम कुमार और फाइबर टीम के कर्मी राहुल कुमार के पास रहती है। ऐसे में आवेदन में दोनों की गतिविधियों पर भी संदेह जताया गया है।

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अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने की आशंका
कंपनी के अधिकारी ने आवेदन में आशंका जताई है कि टावरों में इस्तेमाल होने वाले कीमती कार्ड की चोरी करने वाला कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि चोरी किए गए कार्डों को दूसरे देशों में बेचा जाता है और यह घटना भी इसी तरह के किसी गिरोह से जुड़ी हो सकती है। चोरी की घटना वाली साइट का नाम बीएचपीआईपी-02 इन-2004504 बताया गया है। यह पिपरा बाजार में ईश्वरी चौधरी और कारी यादव की जमीन पर स्थित है।

चार दिन बाद भी जांच में कोई ठोस जानकारी नहीं
मामले में कंपनी के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, घटना के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी है।

पिपरा थानाध्यक्ष के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं और अगले दो दिनों तक मामले के संबंध में कोई जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी सिम उनके निजी मोबाइल में लगा हुआ है और गलती से उनके साथ बाहर चला आया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल थाना प्रभारी का प्रभार राहुल कुमार को दिया गया है, लेकिन उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया।

सदर एसडीपीओ राजीव रंजन कुमार ने बताया कि वह रविवार को ही प्रशिक्षण से लौटे हैं और उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वहीं, एसपी सरथ आरएस ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।

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