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Hindi News ›   Bihar ›   Kosi News ›   Bihar News: 80% of the work of voter list revision in Supaul is complete; Voter List, Bihar Election

Bihar News: बिहार के इस जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम 80 फीसदी पूरा; आयुक्त ने दिए यह निर्देश

Sun, 13 Jul 2025 04:34 PM IST
कोसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, supaul
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, supaul Published by: कोसी ब्यूरो Updated Sun, 13 Jul 2025 04:34 PM IST
सार

प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि बीएलओ बूथ के बजाय क्षेत्र भ्रमण करें और प्रयास यह हो कि मतदाता अपना फॉर्म स्वयं भरें। अगर कोई मतदाता बाहर है तो उसे ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करें।

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Bihar News: 80% of the work of voter list revision in Supaul is complete; Voter List, Bihar Election
प्रमंडलीय आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर देते पुलिस अधिकारी।

विस्तार

विशेष मतदाता सूची गहण पुनरीक्षण को लेकर रविवार को प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने कलेक्ट्रेट स्थित लहटन चौधरी सभागार में समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि अब तक जिले में करीब 80 फीसदी पुनरीक्षण का कार्य संपन्न कर लिया गया है। वही शेष मतदाताओं से भी संपर्क किया जा रहा है। प्रमंडलीय आयुक्त ने इनुमरेशन फॉर्म से जुड़े तकनीकी बिंदुओं के बाबत पूछताछ की। बताया कि निर्वाचन आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी योग्य मतदाता इससे वंचित न रहे। उन्होंने मतदाताओं के भौतिक सत्यापन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। साथ ही पर्यवेक्षकों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर बीलएओ को सहयोग करने को कहा।

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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि फॉर्म अपलोड हो जाने मात्र से बीएलओ अथवा निर्वाची पदाधिकारी और सहायक निर्वाची पदाधिकारी का दायित्व खत्म नहीं हो जाता है। दावा-आपत्ति के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रपत्र प्रकाशित होने तक विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। लिहाजा सभी बीएलओ आवेदन प्रपत्र पर अपने हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से दर्ज करेंगे। वही पर्यवेक्षक और सहायक निर्वाची पदाधिकारी का भी हस्ताक्षर होने के बाद फॉर्म को एप पर अपलोड करना है। मृत मतदाताओं का प्रमाणपत्र नहीं होने की स्थिति में बीएलओ इसका सत्यापन करेंगे। वही दस्तावेजों की कमी होने के बाद भी योग्य मतदाताओं का फॉर्म जमा होगा। प्रारंभिक सूची में ऐसे लोग भी शामिल होंगे। हालांकि अगर बाद में वे अपना दस्तावेज नहीं देते हैं तो उनका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अन्य कई बिंदुओं पर भी समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। बैठक में एसपी शरथ आरएस, उप विकास आयुक्त सारा अशरफ, एडीएम विनय कुमार साह, उप निर्वाचन पदाधिकारी अनिरुद्ध कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
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ग्रामीण इलाकों में लगाएं विशेष कैंप
प्रमंडलीय आयुक्त ने बताया कि पुनरीक्षण के शुरुआती दिनों में जो भी फॉर्म जमा हुए हैं, वह सहज थे। लेकिन शेष फॉर्म जल्द से जल्द जमा कराना चुनौतिपूर्ण हो सकता है। शत प्रतिशत फॉर्म भराने के लिए ग्रामीण इलाकों में विशेष कैंप लगाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में बीएलओ द्वारा बूथ पर बैठ कर पुनरीक्षण कार्य करने की जानकारी मिल रही है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
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तीन विधानसभा क्षेत्र के 89 बूथ बाढ़ से प्रभावित
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सुपौल जिले के पांच में से तीन विधानसभा क्षेत्र के 89 बूथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हैं। यहां करीब 90 फीसदी फॉर्म जमा हो चुका है। इस दौरान सदर एसडीएम इंद्रवीर कुमार ने बताया कि कोसी पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के बीच कुछ बूथ ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने में दो से ढ़ाई घंटे का वक्त लगता है। साथ ही नदी की मुख्य धारा को पार करना पड़ता है। प्रमंडलीय आयुक्त ने ऐसे बूथों पर पर्यवेक्षक की मौजूदगी में तीन दिनों का विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।

 

प्रमंडलीय आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर देते पुलिस अधिकारी।


नाव की अनुपलब्धता की खबर न मिले, नहीं तो होगी कार्रवाई

बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त ने बाढ़ पूर्व तैयारी की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर नाव की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। यह चिंताजनक है। इस दौरान आपदा प्रबंधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी ने बताया कि छोटे नाव के लिए रोजाना 100 रुपए का भुगतान होता है। दर कम रहने की वजह से नाविक तैयार नहीं होते हैं। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि दर और नीति का निर्धारण सरकार के स्तर से होता है। इसमें कोई फेरबदल करना हमारे हाथ में नहीं है। बीते साल भी इसी दर पर नाव लिए गए थे। ऐसे में नाव की कमी को दूर करना संबंधित एसडीएम का दायित्व है। अगर आगे से नाव की अनुपलब्धता अथवा लापरवाही की वजह से हादसे की खबर सामने आई तो एसडीएम स्तर के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

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