Bihar: BNMU में दैनिक पारिश्रमिक भोगी के रूप में काम कर रहे 40 कर्मी हटाए गए, रजिस्ट्रार ने जारी किया पत्र
Madhepura News: बीएनएमयू के कुलसचिव प्रो. विपिन कुमार राय ने बताया कि सरकार के निर्देश पर बीएनएमयू में कार्य करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाया गया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में दैनिक पारिश्रमिक भोगी के रूप में काम कर रहे 40 कर्मियों को हटा दिया गया है। 42 दिन पहले इन कर्मियों को दैनिक पारिश्रमिक भोगी के रूप में काम पर लगाया गया था। हटाए जाने संबंधी अधिसूचना जारी होते ही सभी कर्मियों में मायूसी छा गई है। इनमें कई ऐसे कर्मचारी भी हैं, जो विश्वविद्यालय के स्थापना काल से ही काम कर रहे थे। उनकी नियुक्ति न होने पर संविदा या दैनिक वेतनभोगी के रूप में काम कर रहे थे। इसके साथ ही कुछ नए लोगों को पूर्व कुलसचिव डॉ. मिहिर कुमार ठाकुर द्वारा जारी पत्र के आधार पर दैनिक वेतनभोगी के रूप में कम पर लगाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग के निर्देश के बाद कुलपति के आदेश पर कुलसचिव डॉ. विपिन कुमार राय ने पत्र जारी कर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए पूर्व में जारी पत्र को निरस्त किया है। कुलसचिव ने कहा कि आगे होने वाली बहाली में ऐसे कर्मचारियों के लिए विश्वविद्यालय सहानुभूतिपूर्वक विचार प्रयास करेगी।
गौरतलब है कि बीएनएमयू में दैनिक पारिश्रमिक भोगी के रूप में 40 तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी शामिल हैं। इससे पहले अधिकांश कर्मचारी संविदा पर काम कर रहे थे। बाद में संविदा पर बहाल कर्मचारियों को हटा दिया गया था। फिर 21 जून 2024 को दैनिक पारिश्रमिक भोगी कर्मी के रूप में रखा गया था, जिन्हें अब काम से हटा दिया गया है। कुलपति के आदेशानुसार कुलसचिव प्रो. बिपिन कुमार राय ने 21 जून 2024 को जारी अधिसूचना को निरस्त कर दिया है।
वहीं, कर्मियों को हटाए जाने से एक बार फिर से विश्वविद्यालय में आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। बीते 20 दिनों में विवि ने ऐसे 57 कर्मियों को हटाया है। इससे पूर्व 16 जुलाई को बीएनएमयू के कुलसचिव ने पत्र जारी कर सात तृतीय वर्गीय कर्मी और 10 चतुर्थ वर्गीय कर्मी से कार्य न लेने का आदेश दिया था।
बीएनएमयू के कुलसचिव प्रो. विपिन कुमार राय ने बताया कि सरकार के निर्देश पर बीएनएमयू में कार्य करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाया गया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जाएगा।