बिहार: नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पूर्व प्रधानाध्यापक को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, 50 हजार का जुर्माना
मधेपुरा में नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने निजी स्कूल के पूर्व प्रधानाध्यापक मो. सद्दाम उर्फ मो. आकिब को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मधेपुरा में नाबालिग छात्रा के अपहरण, छेड़खानी और दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। एडीजे-6 सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अमित कुमार पांडेय ने अभियुक्त को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
दोषी एक निजी विद्यालय का पूर्व प्रधानाध्यापक मो. सद्दाम उर्फ मो. आकिब है। घटना भर्राही थाना क्षेत्र के एक गांव में 18 जुलाई 2024 को हुई थी। आरोप है कि मो. सद्दाम उर्फ मो. आकिब ने एक नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ छेड़खानी और दुष्कर्म किया था।
काफी देर तक छात्रा के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे परेशान परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। छात्रा के पिता के आवेदन पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और त्वरित छापेमारी के जरिए नाबालिग छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। इसके साथ ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी जेल में बंद था।
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पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) विजय कुमार मेहता ने बताया कि अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया। इसके बाद पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत उसे 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।