'JDU को वोट न देने वाले पतियों को भूखा रखें पत्नियां'
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आमतौर पर विवादित बयानों से दूर रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जुबान भी चुनावी रण में फिसलती जा रही है। बिहार के फुलवारी शरीफ में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे नीतीश कुमार ने एक ऐसा ही बयान दे डाला है जिस पर सबकी त्यौरियां चढ़ती दिख रही हैं।
सभा के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि वोटिंग वाले दिन अगर उनके पति जेडीयू के निशान पर वोट नहीं डालते हैं तो उनको खाना न दें। जब तक वो जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवारों को वोट नहीं दे देते उन्हें भूखा रखें, उनसे एक दिन का उपवास करवाएं।
कहा कि महिलाएं घर के काम निपटाने से पहले वोट जेडीयू को वोट डालने का काम करें। इसके लिए अपने पतियों को भी तैयार करें। नीतीश के इस बयान पर भीड़ के बीच तालियां भी खूब बजी लेकिन विपक्षियों को उनका यह बयान नागवार गुजरा है।
इससे पहले भी फिसलती रही है नेताओं की जुबान
बिहार का चुनावी मैदान अब राजनीतिक दलों के लिए ऐसा अखाड़ा बन चुका है जिसमें राजनीतिक मर्यादा के सभी मायने ताक पर रखे जा चुके हैं। हर कोई एक से बढ़कर एक विवादित बयान देने में ही अपनी शान समझता है।
खासकर नीतीश के जोड़ीदार लालू यादव के बोल इस कदर तीखे होते जा रहे हैं कि चुनाव आयोग तक उन्हें हद में रहने की हिदायत दे चुका है, लेकिन इसके बाद भी लालू पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनके निशाने पर सबसे ज्यादा हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके सिपहसलार अमित शाह।
हालांकि विवादित बोलों के मामले में भाजपा और उसके सहयोगी दल भी पीछे नहीं हैं। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो अपने विवादित बयानों के लिए अपनी खास पहचान बना चुके हैं। जबकि भाजपा के सहयोगी दल हम के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी लालू यादव को रावण जैसे संज्ञानों से नवाज चुके हैं।