फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Intelligence input of protest in Nitish’s samadhan yatra Uproar when CM not came tore the posters

नीतीश की समाधान यात्रा में हंगामा: विरोध की तैयारी ऐसी थी कि नहीं आए मुख्यमंत्री, लाठियां चला पोस्टर फाड़े

Sat, 21 Jan 2023 06:22 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोधगया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बोधगया Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Sat, 21 Jan 2023 06:22 PM IST
सार

Samadhan Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा के लिए जरूरी इंटेलिजेंस की टीम अब पहले के मुकाबले ठीक हो गई है। विरोध या तोड़फोड़ की जानकारी पहले पहुंच जा रही है। वरना, शनिवार को बोधगया के ईलरा पंचायत में कुछ बड़ा हंगामा हो सकता था। 

विज्ञापन
Intelligence input of protest in Nitish’s samadhan yatra Uproar when CM not came tore the posters
सरकारी भवन की दीवारों पर चढ़कर पोस्टर फाड़ते रहे युवा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सुरक्षा के लिए जरूरी इंटेलिजेंस की टीम अब पहले के मुकाबले ठीक हो गई है। विरोध या तोड़फोड़ की जानकारी पहले पहुंच जा रही है। वरना, शनिवार को कुछ बड़ा हंगामा हो सकता था। बोधगया के ईलरा पंचायत में मुख्यमंत्री पंचायत सरकार भवन का उद्घाटन करने के लिए आने वाले थे। यहां रोजगार की मांग पर दर्जनों युवक सांख्यिकी स्वयंसेवक संघ के समायोजन की मांग के साथ पहुंचे हुए थे। मुख्यमंत्री के नहीं आने पर यहां दर्जनों युवकों ने सरकारी अफसरों के सामने कार्यक्रम और योजनाओं के सारे पोस्टर और होर्डिंग को तहसनहस कर दिया। मुख्यमंत्री की तस्वीरों पर लाठियां चलाते हुए पोस्टर फाड़े गए।

विज्ञापन

Intelligence input of protest in Nitish’s samadhan yatra Uproar when CM not came tore the posters
लाठियां चलाकर पोस्टरों को फाड़ डाला गया। - फोटो : अमर उजाला

प्रदर्शन के लिए मांगों की तख्तियां लेकर खड़े थे
तय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री को ईलरा में ही नीरा उत्पादन की प्रक्रिया देखने के बाद पंचायत भवन का उद्घाटन करने के लिए आना था। दोनों स्थलों की दूरी एक किलोमीटर भी नहीं रही होगी। भारी तादाद में लोग यहां जुटकर मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे थे। इसमें सांख्यिकी स्वयंसेवक संघ के अभ्यर्थी समायोजन की मांग के साथ तख्तियां लेकर पहुंचे हुए थे। रोजगार की मांग पर युवाओं की एक टोली उनके साथ जुट रही थी। माना जा रहा है कि संभवत: इसी विरोध की आशंका के मद्देनजर मुख्यमंत्री का काफिला पंचायत भवन की ओर नहीं आया। जैसे ही पता चला कि 'अपरिहार्य कारणों से’ मुख्यमंत्री पंचायत भवन की ओर नहीं आ रहे हैं, विरोध की तैयारी में खड़े युवकों से ज्यादा वह लोग ज्यादा उग्र हो गए जो सुबह से इंतजार में खड़े थे। कम उम्र के लड़कों ने भी कहा कि मुख्यमंत्री आते तो बात रखते, लेकिन वह सुबह से इंतजार कराने के बावजूद नहीं आए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Intelligence input of protest in Nitish’s samadhan yatra Uproar when CM not came tore the posters
पंचायत भवन के आसपास किसी नेता या योजना का पोस्टर या होर्डिंग नहीं छोड़ा। - फोटो : अमर उजाला

विरोध पर मुख्यमंत्री सब्र दिखाते रहे हैं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने विरोध पर भी अबतक सब्र दिखाते रहे हैं, लेकिन विरोध की घटनाओं को इंटेलिजेंस की कमजोरी से जोड़कर देखा जाता रहा है। मुख्यमंत्री पर चप्पल फेंकने का प्रयास से लेकर रंग उड़ेलने तक की कोशिशें हो चुकी हैं। चुनावी सभा में भी उनपर प्याज आदि फेंकने की घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले दिनों उप चुनाव के दौरान पर भी रोजगार की मांग करने वालों ने विरोध जताकर हंगामा किया था। इन घटनाओं पर अबतक मुख्यमंत्री सब्र दिखाते रहे हैं और ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को माफी भी करते रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed