फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Ignoring court orders in Bettiah proved costly government vehicles will be auctioned court takes strict action

Bihar: कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, सरकारी गाड़ी होगी नीलाम, वर्षों से आदेश नहीं मानने पर अदालत सख्त

Thu, 28 May 2026 02:04 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिमी चंपारण Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 28 May 2026 02:04 PM IST
सार

Bihar: पश्चिम चंपारण के बेतिया सिविल कोर्ट ने डिक्री राशि भुगतान में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए कलेक्टर कार्यालय की सरकारी सफारी स्टॉर्म गाड़ी जब्त कर नीलामी का आदेश दिया है। अदालत ने पांच दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।

विज्ञापन
Ignoring court orders in Bettiah proved costly government vehicles will be auctioned court takes strict action
पश्चिमी चंपारण समाहरणालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम चंपारण जिले से एक अहम खबर सामने आई है, जहां सिविल कोर्ट बेतिया ने लंबे समय से लंबित डिक्री राशि भुगतान मामले में सख्त रुख अपनाया है। सिविल कोर्ट बेतिया के सब जज-5 डॉ. स्वाति दूबे की अदालत ने सरकारी लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सरकारी वाहन को जब्त कर उसकी नीलामी करने का आदेश जारी किया है। यह मामला किशोरी देवी एवं अन्य बनाम बिहार सरकार से जुड़ा हुआ है, जिसमें वर्ष 2019 से निष्पादन वाद लंबित चल रहा है।

विज्ञापन


डिक्री राशि भुगतान नहीं होने पर कोर्ट सख्त
अदालत के आदेश के अनुसार, डिक्रीधारकों को मूल राशि और उस पर देय ब्याज सहित अब तक भुगतान नहीं किया गया है। कोर्ट ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना है। न्यायालय ने कलेक्टर कार्यालय से संबंधित सफारी स्टॉर्म वाहन, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR-22PA-0006 है, को तत्काल प्रभाव से जब्त करने और उसकी नीलामी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य डिक्री राशि की वसूली सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन


वर्षों बाद भी नहीं हुआ आदेश का पालन
न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार, धनवाद संख्या 11/1990 में पारित आदेश के तहत संबंधित राशि का भुगतान किया जाना था। लेकिन कई वर्षों के बाद भी निर्णय देनदार पक्ष की ओर से भुगतान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि विभाग की ओर से कई बार पत्राचार किया गया और समय मांगा गया, लेकिन आदेश के वास्तविक अनुपालन की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ब्याज सहित 12 लाख रुपये से अधिक हुई देनदारी
कोर्ट के अनुसार, 21 मई 2026 तक मूल धनराशि और ब्याज मिलाकर देय राशि लगभग 12 लाख 36 हजार रुपये से अधिक हो चुकी है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि केवल पत्राचार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि सरकारी विभागों को न्यायिक आदेशों के पालन में गंभीरता दिखानी चाहिए।


ये भी पढ़ें: मोतिहारी में कॉलेज प्राचार्य ने खाया जहर; ICU में लड़ रहे जिंदगी की जंग, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

पांच दिनों में मांगी गई अनुपालन रिपोर्ट
सिविल कोर्ट बेतिया के नाजिर को वाहन की जब्ती और नीलामी प्रक्रिया पूरी कर पांच दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, आदेश की प्रति राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा बेतिया कलेक्टर को भेजने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 1 जून 2026 को निर्धारित की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed