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Bihar Police : 200 दिन पहले की तारीख में पहुंची पुलिस, एक दिन में जिंदा मिल गया मरा बताया हुआ बच्चा

Tue, 01 Apr 2025 04:24 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाजीपुर Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 01 Apr 2025 04:24 PM IST
सार

Bihar News : देश के सभी शहरों में बच्चा चोरी की घटनाएं होती हैं, लेकिन बिहार की यह खबर चौंकाने वाली है। पुलिस को 200 दिनों तक कुछ हाथ नहीं लग रहा था, फिर एक महिला पुलिस अधिकारी ने उस तारीख में पहुंचकर कैसे दबोच लिए अपराधी और मां तक पहुंचा दिया बच्चा?

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How bihar polic finds child died after birth in hospital in hajipur vaishali child trafficking bihar news
बेटे को मां की गोद में सौंपने पहुंची पुलिस अधिकारी पुष्पम प्रज्ञा। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

देशभर में बच्चा चोरी की घटनाएं होती हैं। बिहार में भी लगातार ऐसी खबरें आती रहती हैं। बस, सभी मां किस्मत वाली नहीं होती हैं। यह किस्मत वाली मां तो है ही, लेकिन उससे ज्यादा बड़ी बात यह कि उसे ममता पर यकीन था। पति तक बताता रहा कि उसका पांचवां बच्चा, बेटा जन्म के कुछ देर बाद ही मर गया। लेकिन, वह नहीं मानी। पुलिस के पीछे पड़ी रही। दो थानों तक प्राथमिकी पहुंची। लेकिन, जब यह केस एक महिला पुलिस अधिकारी के हाथ आया तो अचानक जैसे मामला ही खुल गया। महिला पुलिस अधिकारी ने प्राथमिकी आवेदन में दिए नंबर को पकड़ा, 200 दिन पीछे घटना के दिन का रिकॉर्ड निकाला और फिर एक ही दिन में कॉल डिटेल पर इतनी मेहनत कर दी कि मां को उसका बच्चा मिल गया। 

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प्राथमिकी की बातों ने ही दिया सुराग, फिर ऐसे खुला राज
वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत मनपुरा गांव की बहू गोलू कुमारी को बताया गया था 10 सितंबर 2024 को हाजीपुर के जौहरी बाजार स्थित न्यू बुद्ध अपोलो इमरजेंसी हॉस्पिटल में उसने जिस बच्चे को जन्म दिया था, वह कुछ ही देर में मर गया। जब-जब वह अपने बच्चे के जिंदा होने की बात कहती, उसका पति राजेश कुमार उसकी मौत की बात पर यकीन दिलाता। लिखना-पढ़ना बमुश्किल आता था, लेकिन जानती थी कि पुलिस के पास गए बगैर समाधान नहीं होगा। उसने पति पर दबाव बनाया तो उसने दो-तीन लोगों को आरोपी बनाते हुए किसी से एक आवेदन बनवाया और वैशाली में अपने गांव के थाना क्षेत्र महुआ में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी तरह का आवेदन हाजीपुर में भी दाखिल हुआ।
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दोनों ही आवेदनों में आवेदनकर्ता का नाम गोलू कुमारी और मोबाइल नंबर उसके पति का था। महिला बात नहीं बता पा रही थी, पति कुछ कहानियां सुना देता था और अस्पताल जाने पर कुछ हासिल नहीं हो रहा था। इस बीच बच्चे को मृत बताए गए 200 दिन होने वाले थे, तभी हाजीपुर थाने की महिला जांच अधिकारी पुष्पम प्रज्ञा के आवेदन पर प्राथमिकी में दिए गए मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल आया। 10 दिसंबर 2024 की तारीख पहुंचते ही कलई जैसे खुलने लगी। गोलू कुमारी के पति राजेश कुमार की जितने लोगों से बात हो रही थी, उन सभी की कुंडली पर नजर डाली गई। शक यकीन में बदला तो एक सिपाही और ड्राइवर को लेकर पुष्पम प्रज्ञा पहले राजेश कुमार को पूछताछ के लिए ले आयीं। जब उससे कॉल डिटेल पर पूछताछ शुरू हुई तो एक-एक कर सारे नाम सामने आ गए।

How bihar polic finds child died after birth in hospital in hajipur vaishali child trafficking bihar news
पुलिस ने बच्चा बरामद किया, तो उसका पिता ही निकला असल खिलाड़ी। मां चौंक गई जानकर। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
प्राथमिकी से अलग निकले चोरी कांड के नाम

प्राथमिकी में एक आशा कार्यकर्ता का नाम था और एक डॉक्टर के साथ खरीदार और दलाल के भी नाम थे। आशा कार्यकर्ता की इसमें भूमिका थी। जिसे डॉक्टर आदित्य राज उर्फ डॉ. चिंटू बताया जा रहा था, वह दरअसल एक कंपाउंडर है। उसकी भूमिका थी। प्राथमिकी में जिस खरीदार और दलाल का जिक्र गोलू के पति ने कराया था, उससे अंतत: मामला नहीं जुड़ा। जब पुलिस ने गोलू के पति राजेश को पकड़ा तो एक अस्पताल चलाने वाले लालगंज थाना के मलंग चौक दिलावलपुर निवासी अरुण कुमार के साथ मेडिकल प्रोफेशन से ही जुड़े तीन और लोग पिरापुर निवासी जयप्रकाश कुमार, सारण जिले के दरियापुर थाना क्षेत्र के टरवा मंगरलपाल निवासी जितेंद्र कुमार एवं हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र निवासी अविनाश कुमार से जुड़ाव खुलने लगा। राजेश को 50 हजार रुपये देकर बच्चा ले जाने वाले गोरौल थाना क्षेत्र के सदोपुर निवासी रमेश कुमार का भी नाम सामने आ गया। इन सभी की गिरफ्तारी के साथ बच्चे की बरामदगी हो गई। सोमवार की रात पुलिस ने बच्चे को मां की गोद में सौंप भी दिया। कंपाउंडर आदित्य राज और आशा कार्यकर्ता मीनू कुमारी ने गोलू कुमार को 10 सितंबर 2024 को हाजीपुर के जौहरी बाजार स्थित न्यू बुद्ध अपोलो इमरजेंसी हॉस्पिटल में लाकर भर्ती कराने और बच्चे को बेचने की प्राथमिक भूमिका निभाई थी। यह दोनों अभी फरार हैं।
(इनपुट: अभिषेक कुमार, वैशाली)


ममता की ताकत : अस्पताल ने नवजात की मौत बताई, 200 दिनों बाद मां ने बच्चे को जिंदा खोज निकाला
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