होमगार्ड्स के जाम में फंसा बिहार, एंबुलेंस में तड़पकर दो की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे होमगार्ड्स ने जगह जगह चक्का जाम रखा। इस दौरान उन्होंने सड़कों पर जाम लगाने के अलावा जगह जगह रेलों को भी रोका। घटना का दर्दनाक पहलू यह रहा कि जाम में फंसने के कारण दो जगह एंबुलेंस में तड़पकर ही दो लोगों ने दम तोड़ दिया।
जबकि भयंकर गर्मी में जाम में फंसकर लोग बिलबिला उठे। दिनभर पूरे प्रदेश की सड़कों पर यही आलम रहा। वहीं इसके बाद प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है।
बदली राजनीतिक परिस्थितियों में अभी तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की हां में हां मिलाने वाले उनके नए साथी लालू प्रसाद यादव ने इस मुद्दे पर होमगार्ड्स का साथ दिया है। लालू ने कहा प्रदर्शन कर रहे होमगार्ड्स की सभी मांगे पूरी तरह जायज हैं।
होमगार्ड्स के समर्थन में आए लालू और मांझी
दैनिक वेतन भत्ता बढ़ाने और रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 58 साल करने की मांगों को लेकर बुधवार को प्रदेशभर के होमगार्ड्स सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पटना, सुपौल, आरा, सीतामढ़ी, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय आदि जिलों में सड़कों पर जाम लगाया।
इस दौरान पटना में अस्पताल के लिए ले जाई जा रही महिला ने जाम में फंसने के कारण एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से झुलसी महिला को काफी देर तक इलाज नहीं मिल सका था जिस कारण उसने दम तोड़ दिया। लाख मिन्नते करने के बाद भी प्रदर्शन कर रहे होमगार्ड्स ने एंबुलेंस को निकलने देने से इंकार कर दिया।
वहीं इसी तरह की एक अन्य घटना में मुजफ्फरपुर जिले में एक किशोर ने भी जाम में फंसी एंबुलेंस में दम तोड़ दिया। वहीं हर मुद्दे पर नीतीश का विरोध कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने मामले में नीतीश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनके द्वारा लिए गए फैसलों को सरकार रद न करे।