एक ब्राह्मण की बेटी बनी उर्दू की टॉपर!
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बिहार के दरभंगा जिले का गांव चंदन पट्टी आतंकवादी तहसीन उर्फ मोनू से लेकर भटकल बंधुओं की वजह से हाल में सुर्खियों में रहा है।
साथ ही यहां स्थित मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी को भी अपने इन छात्रों की वजह से बदनामी झेलनी पड़ी है लेकिन इन सबसे हटकर इस यूनिवर्सिटी का एक और चेहरा है जो राष्ट्रीय सुर्खियों में कभी नहीं आ पाया।
उर्दू माध्यम के इस शिक्षण संस्थान के स्कूल में न केवल मुसलमान बल्कि हिंदू बच्चे भी तालीम हासिल कर रहे हैं। छठी में पढ़ रही ब्राह्मण की बेटी अंजली कुमारी अपनी उर्दू लिखावट से मुस्लिम बच्चों को भी पीछे छोड़ देती है।
उसकी प्रतिभा से शिक्षक भी दंग रह जाते हैं। दलित समुदाय के नारायण पासवान को अपने बेटे मंजीत कुमार को उर्दू माध्यम से पढ़ाने में कोई खराबी नजर नहीं आती है।
उर्दू स्कूल में 35 बच्चे हिंदुओं के
स्कूल के प्रिंसिपल डा. मुजफ्फर हुसैन कहते हैं कि मौलाना आजाद उर्दू यूनिवर्सिटी का हिस्सा यह स्कूल 12वीं तक उर्दू माध्यम से सीबीएसई पाठ्यक्रम का स्कूल है।
चूंकि उर्दू माध्यम में अधिकांश कमजोर या गरीब तबके के परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए किताबें उन्हें मुफ्त दी जाती हैं और कोई फीस नहीं ली जाती। स्कूल में पहली से लेकर 12वीं तक के करीब 800 बच्चे हैं जिसमें 35 हिंदू बच्चे हैं।
प्रिंसिपल के अनुसार कोई हिंदू अभिभावक अपने बच्चे को एडमीशन के लिए लाता है तो हम उसे प्राथमिकता देते हैं ताकि स्कूल पर केवल एक समुदाय विशेष को ही तालीम देने का लेबल न लगे।
खास बात यह है कि दो सेक्शन में बंटे हर क्लास में 40 सीट है और कोई सीट खाली नहीं रहती। इस यूनिवर्सिटी में बीए, एमए, बीएड के साथ ही पॉलीटेक्निक भी है।
काबिलियत में कम नहीं हैं हिंदू बच्चे
स्कूल के प्रिंसिपल डा. मुजफ्फर हुसैन ने बताया कि स्कूल उर्दू मीडियम का है। इसीलिए यहां शिक्षा ग्रहण करने वाले हिंदू बच्चे भी उर्दू में ही पढ़ाई करते हैं।
हुसैन कहते हैं कि ब्राह्मण परिवार की अंजली की उर्दू में काबिलियत देखकर हैरत होती है। वह अपनी कक्षा में मुस्लिम बच्चों को पछाड़ कर अव्वल आती है। कई दलित परिवारों और पिछड़े समुदाय के बच्चे भी मुस्लिम छात्रों की तुलना में पढ़ाई में अच्छे हैं।
मुस्लिम बहुल उर्दू स्कूल में पढ़ रही बेटी के पिता प्रदीप कुमार ने अपने बच्चों को इस स्कूल में भेजने की वजह बताते हुए कहा कि हमारे गांव के आसपास शिक्षा के लिए इससे बेहतर कोई स्कूल नहीं है।
यहां उर्दू के साथ अंग्रेजी और कंप्यूटर की भी शिक्षा दी जाती है। मुस्लिम स्कूल होने की वजह से किसी तरह की दिक्कत से प्रदीप इनकार करते हैं। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी को 12वीं तक यहीं पढ़ाएंगे।
आईएम आतंकी तहसीन यहीं का था छात्र
अभी हाल में गिरफ्तार आईएम का बड़ा आतंकी तहसीन इसी यूनिवर्सिटी के पॉलीटेक्निक का छात्र था। तहसीन के बारे में पॉलीटेक्निक के प्रिंसिपल मोहम्मद रियाजुर रहमान का कहना है कि गलत वजह से संस्थान के सुर्खियों में आने से तकलीफ होती है।
कॉलेज के अन्य छात्रों की तरह वह भी एक था। मगर उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। एनआईए की केस डायरी में दरभंगा मॉड्यूल जुड़े आतंकियों में तहसीन, फसीह मोहम्मद के अलावा तारिक, असादुल्लाअख्तर, मंजर इमाम और उजार अहमद के नाम शामिल हैं।