फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Happy Holi 2023: Holi of these 5 villages in Nalanda is unique, this tradition has been going on for years

Happy Holi 2023 : नालंदा में इन 5 गांव की होली है अनोखी, सालों से चली आ रही यह परंपरा...

Wed, 08 Mar 2023 09:10 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 08 Mar 2023 09:10 AM IST
सार

Bihar:होली का नाम लेते ही रंग-गुलाल और हुड़दंग याद आता है। बिहार के नालंदा जिला का 5 ऐसा गांव जहां होली मनाने की अलग परंपरा है। होली के दिन ग्रामीण रंग-गुलाल और हुड़दंग नहीं बल्कि भक्ति में लीन रहते हैं।

विज्ञापन
Happy Holi 2023: Holi of these 5 villages in Nalanda is unique, this tradition has been going on for years
यह इलाके का प्रसिद्ध मंदिर है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

होली का नाम लेते ही रंग गुलाल और हुड़दंग याद आता है। बिहार के नालंदा जिला का 5 ऐसा गांव जहां होली मनाने की अलग परंपरा है। होली के दिन ग्रामीण रंग-गुलाल और हुड़दंग नहीं बल्कि भक्ति में लीन रहते हैं। यहां होली के दिन चूल्हा भी नहीं जलता है। शुद्ध शाकाहारी खाना खाते हैं वो भी बासी खाना होता है। मास मंदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध होता है। गांव में फूहड़ गीत भी नहीं बजता है। यह मामला सदर प्रखंड बिहारशरीफ से सटे पतुआना, बासवन बीघा, ढिबरापर, नकतपुरा और डेढ़धरा गांव का है। यहां के स्थानीय लोग बताते हैं कि यह परंपरा वर्षों पुरानी है। जो 51 साल से चली आ रही है। इस गांव के लोग बसीऑरा के दिन होली का लुत्फ उठाते हैं।

विज्ञापन


श्रद्धालु आस्था के साथ मत्था टेकने पहुंचते हैं
गांव के जानकार और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित बसवन बीघा गांव निवासी कपिल देव प्रसाद बताते हैं कि एक सिद्ध पुरुष संत बाबा उस ज़माने में गांव में आए और झाड़फुक करते थे। जिनके नाम से आज एक मंदिर गांव में है। यहां दूरदराज से श्रद्धालु आस्था के साथ मत्था टेकने पहुंचते हैं। 20 वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। उन्होंने लोगों से कहा कि यह कैसा त्यौहार है जो नशा करता है और फूहड़ गीत के साथ नशे में झूमते हो इससे तो बेहतर है कि भगवान को याद करो। वह सामाजिक भी व्यक्ति थे। क्योंकि इससे झगड़ा और फसाद होगा। इसलिए बढ़िया यह है कि आपसी सौहार्द और भाईचारे रखने के लिए अखंड पूजा करो। इससे शांति और समृद्ध जीवन व्यतीत होगा। उसके बाद से यह परंपरा अब तक चला आ रहा है।  
विज्ञापन


सभी घरों में बनता है मीठा और शुद्ध शाकाहारी खाना
इसमें खास बात यह है कि धार्मिक अनुष्ठान शुरू होने से पहले ग्रामीण घरों में मीठा व शुद्ध शाकाहारी भोजन बनाकर तैयार कर लेते हैं। जब तक अखंड का समापन नहीं हुआ, घर में चूल्हा और धुआं निकलना वर्जित रहता है। इतना ही नहीं गांव के लोग नमक के इस्तेमाल से भी बचते हैं। भले ही हर जगह होली में रंगों की बौछार हो दिल्ली की नालंदा के इस्पात गांव में होली के दिन यह परंपरा पूर्वजों से चली आ रही है, जो अब तक जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed