Pragati Yatra: CM नीतीश ने अरवल को दिया 120 करोड़ की सौगात, 144 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
Pragati Yatra: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह 10:30 बजे हेलीकॉप्टर से अरवल जिले के महावीरगंज, केयाल पंचायत के हेलीपैड पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने 350.37 करोड़ रुपये की लागत से बने सुलिस गेट का उद्घाटन किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के क्रम में जहानाबाद और अरवल जिले में चल रही विकासात्मक योजनाओं के संबंध में समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन, जहानाबाद में संयुक्त समीक्षात्मक बैठक की। समीक्षात्मक बैठक में जहानाबाद की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने जहानाबाद एवं अरवल जिले के विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम, हर घर नल का जल एवं उनका अनुरक्षण, हर घर तक पक्की गली-नाली, मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी, कृषि फीडर का निर्माण, मुख्यमंत्री कृषि विद्युत कनेक्शन योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य उपकेंद्र में टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सा परामर्श, पशु चिकित्सा सेवाओं की डोर स्टेप डिलीवरी एवं पंचायत सरकार भवन के निर्माण की अद्यतन स्थिति के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा हर पंचायत में 10+2 विद्यालय, ग्राम पंचायत/नगर पंचायत में खेल-कूद को बढ़ावा देने हेतु स्पोर्ट्स क्लब का गठन, प्रत्येक पंचायत में खेल का मैदान, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष), मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों का गठन, राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, दाखिल खारिज / परिमार्जन /परिमार्जन प्लस एवं जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जीर्णोद्धार कराए गए सार्वजनिक कुओं, पोखर तथा तालाबों की अद्यतन स्थिति के संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं भी रखीं।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आप सभी का इस बैठक में अभिनंदन एवं स्वागत करता हूं। जहानाबाद जिले की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय ने जहानाबाद एवं अरवल जिले में चल रहे विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी है, मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। यहां उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी-अपनी बातें रखी हैं। आज हमने कई जगहों पर जाकर विकास कार्यों को देखा है। हम अधिकारियों से कहेंगे कि यहां जो भी जरूरतें हैं, उसे ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें। प्रगति यात्रा के दौरान जिन जिलों का दौरा किया गया है और इस दौरान जो घोषणाएं की गई हैं, उन सबको मंत्रिपरिषद् द्वारा स्वीकृति दी गई है और जो घोषणाएं की जा रही हैं, उन सबको भी मंत्रिपरिषद् द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाएगी। हमारा उद्देश्य है हर प्रकार से बिहार की तरक्की हो। वर्ष 2005 के बाद हमलोगों ने बिहार में विकास का जो काम किया है, उसे याद रखियेगा। हम प्रारंभ से ही पूरे बिहार का दौरा समय-समय पर करते रहे हैं। प्रगति यात्रा का कार्यक्रम जब बनाया गया तो अधिकारियों ने सभी जिलों की समस्याओं के बारे में जानकारी दी और हमने उस पर काम करने के लिए कहा, उन सब चीजों पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर, 2005 से हमलोगों ने बिहार के विकास के लिए काम करना शुरू किया, तब से निरंतर हमलोग बिहार को आगे बढ़ाने में लगे हैं। हमें श्रद्धेय स्व० अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही बिहार का मुख्यमंत्री बनाया। वर्ष 2005 से पहले बिहार की क्या स्थिति थी, आप सभी इससे अवगत हैं। शाम के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरते थे। हिन्दू-मुस्लिम के बीच प्रायः झगड़े होते थे, जिसे हमने खत्म कराया। अस्पतालों में इलाज का इंतजाम नहीं था, सड़कें जर्जर थीं। शिक्षा की हालत ठीक नहीं थी। सड़कों का काफी अभाव था। अस्पतालों में मरीजों को दवा नहीं मिलती थी। जब बिहार के लोगों ने हमलोगों को काम करने का मौका दिया, तब से बिहार की स्थिति बदली है। हर क्षेत्र में विकास के काम किए जा रहे हैं।
बिहार में अब डर और भय का माहौल खत्म हो गया है। शांति एवं भाईचारा का वातावरण कायम है। बिहार में पहले बिजली की स्थिति काफी दयनीय थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली न के बराबर रहती थी। वर्ष 2006 से हमलोगों ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी का काम शुरू कराया। अब तक 8 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है, 1273 और कब्रिस्तानों को चिह्नित किया गया है, जिसमें से 746 कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गई है और शेष बचे कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा रही है। हमलोगों ने देखा कि मंदिरों से मूर्ति चोरी की घटनाएं हो रही हैं, इसे देखते हुए 60 वर्ष से पुराने मंदिरों की चहारदीवारी के निर्माण का निर्णय लिया ताकि मंदिरों में चोरी की घटनाएं न हो। हमलोगों ने कोई काम नहीं छोड़ा है। केंद्र सरकार से भी काफी सहयोग मिल रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से भी कई विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक योजना की शुरुआत की गई। वर्ष 2009 से लड़कियों के लिए साइकिल योजना शुरू की गई थी लेकिन जब लड़कों ने मांग शुरू की तो वर्ष 2010 से उनके लिए भी साइकिल योजना शुरू की गई। पहले काफी कम संख्या में लड़कियां पढ़ने जाती थीं। लड़कियों को जब साइकिल दी गई तो वे समय पर स्कूल जाने लगीं। साथ ही शाम में अपने माता-पिता को भी बाजार ले जाती हैं, यह दृश्य देखकर काफी अच्छा लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे बिहार में विकास का काम हमलोग करा रहे हैं। बिहार का कोई भी इलाका विकास से अछूता नहीं है।
जब हम सांसद थे और केंद्र में मंत्री थे, तब भी मुझे अपने क्षेत्र में पैदल ही चलना पड़ता था क्योंकि सड़कों की स्थिति खराब थी। हमलोगों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण का काम बड़े पैमाने पर कराया है, जिसके कारण बिहार के किसी भी कोने से पहले 6 घंटे में लोग पटना पहुंचते थे, अब उसे घटाकर 5 घंटे किया गया है। इसके लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा है। बिहार में बड़े पैमाने पर नियोजित शिक्षकों की बहाली की गई है। स्कूल भवनों का निर्माण कराकर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया है। बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षकों की भी बहाली की जा रही है। इसके साथ ही नियोजित शिक्षकों को परीक्षा के माध्यम से सरकारी मान्यता प्रदान की जा रही है। मदरसों को भी सरकारी मान्यता प्रदान की गई और वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकारी शिक्षक के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह में सिर्फ 39 मरीज इलाज कराने आते थे। हमलोगों ने सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवा एवं इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई, जिसके कारण अब एक माह में औसतन 11 हजार से अधिक मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। पहले बिहार में सिर्फ 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। बिहार का सबसे पुराना अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पी०एम०सी०एच०) को 5400 बेड की क्षमता का बनाया जा रहा है। बाकी 5 पुराने मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों का भी विस्तार कर 2500 बेड की क्षमता का अस्पताल बनाया जा रहा है। आई०जी०आई०एम०एस०, पटना का भी विस्तार कर उसे 3000 बेड की क्षमता का अस्पताल बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने वर्ष 2015 से सात निश्चय योजना के माध्यम से हर घर तक नल का जल, हर घर में शौचालय का निर्माण, हर घर तक पक्की गली नाली निर्माण, हर टोले तक पक्की सड़क का निर्माण, हर घर तक बिजली का कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों तक पहुंचा दी है। जो भी नई बसावटें बनी हैं, उनमें भी ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खुले में शौच करने से लोगों को अनेक प्रकार की बीमारियां होती थीं, जिन परिवारों के घरों में शौचालय निर्माण के लिए जगह नहीं थी. उनके लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया। वर्ष 2020 से सात निश्चय योजना-2 के तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना, टेलीमेडिसिन, बाल हृदय योजना, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 से पंचायती राज संस्थाओं तथा वर्ष 2007 से नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके बाद अब तक कुल 4 चुनाव संपन्न हो चुके हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर आई हैं। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या काफी कम थी। जब हमलोगों की सरकार बिहार में बनी तो हमलोगों ने वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या को बढ़ाया। बिहार में अब स्वयं सहायता समूह की संख्या 10 लाख 61 हजार हो गई है, जिससे 1 करोड़ 35 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हैं। हमलोगों ने विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या बढ़ानी शुरू की। हमने ही स्वयं सहायता समूह का नाम जीविका दिया, जिससे प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने भी इसे अपनाया और इसका नाम आजीविका दिया। हमने जीविका से जुड़ी महिलाओं को जीविका दीदी नाम दिया।
हम लोगों ने अब बिहार के शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन शुरू कराया है। अब तक शहरी इलाकों में 34 हजार स्वयं सहायता समूह का गठन हो चुका है, जिससे 3 लाख 60 हजार जीविका दीदियां जुड़ चुकी हैं। हमलोगों ने वर्ष 2013 से पुलिस की बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया, जिसका नतीजा है कि बिहार पुलिस बल में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। बिहार पुलिस में जितनी महिलाएं हैं, देश के किसी भी दूसरे राज्य के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या उतनी नहीं है। वर्ष 2018 से हमलोगों ने सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से वर्ष 2020 के बीच में 8 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई। हमलोगों ने वर्ष 2020 में 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बढ़ाकर 12 लाख किया गया है। अब तक 9 लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दे दी गई है। इसके अलावा 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 24 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है। वर्ष 2025 में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी तथा 34 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करा दिया जाएगा। हमलोगों ने सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम किया है। सभी पार्टियों के साथ बैठक कर बिहार में जाति आधारित गणना कराई गई, जिसमें 94 लाख गरीब परिवारों को चिह्नित किया गया है, जो हर जाति से जुड़े हैं। ऐसे गरीब परिवारों को प्रति परिवार 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है ताकि वे अपना जीविकोपार्जन कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहानाबाद जिला एवं अरवल जिला में विकास के अनेक कार्य कराए गए हैं। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पारा मेडिकल संस्थान और छात्रावासों का निर्माण कराया गया है। साथ ही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आई०टी०आई०, सभी अनुमंडलों में आई०टी०आई०, जी०एन०एम० संस्थान एवं अनेक सड़क तथा पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। यहां जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास का निर्माण कराया गया है। अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय विद्यालय का तथा अनुसूचित जाति कन्या आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया गया है। जहानाबाद में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
की स्थापना की जाएगी। पटना-जहानाबाद-गया डोभी फोरलेन बनाया गया। जहानाबाद-घोसी-इस्लामपुर-राजगीर राज्य उच्च पथ का निर्माण कराया गया है। जहानाबाद-कल्पा-धुरिया आदमपुर पथ का निर्माण कराया गया है। मखसूदपुर-इस्लामगंज, मखदुमपुर-बराबर पहाड़ी पथ का निर्माण कराया गया है। सोन नदी पर अरवल भोजपुर पुल का निर्माण कराया गया है। पटना मुख्य नहर के बगल में बारुण-भुसौला पथ एवं नहर का पक्कीकरण किया गया है। अरवल-जहानाबाद पथ का निर्माण कराया गया है ताकि जहानाबाद पहुंचने में सुविधा हो। फरीदपुर-सोनारी पथ का निर्माण कराया गया है। जहानाबाद जिले में 717 ग्रामीण पथों तथा 14 पुलों का निर्माण कराया गया है। अरवल जिले में 420 ग्रामीण पथों तथा 8 पुलों का निर्माण कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 22 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा चुका है और शेष 87 पंचायत सरकार भवन का निर्माण भी जून, 2025 तक पूरा करा लिया जाएगा। अरवल जिला में 7 पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराया जा चुका है और शेष 64 पंचायत सरकार भवन का निर्माण भी जून, 2025 तक पूरा करा लिया जाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की तरह हमने सम्मान देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत सरकार भवन का निर्माण कराने का निर्णय लिया। पंचायत सरकार भवन के निर्माण से एक ही छत के नीचे ग्राम पंचायत की सभी समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। हम सबकी इज्जत करते हैं, सबका सम्मान करते हैं। जहानाबाद जिले में हर घर बिजली पहुंचा दी गई है। जहानाबाद में 3 विद्युत ग्रिड सब स्टेशन तथा 27 पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है। अरवल में 1 विद्युत ग्रिड सब स्टेशन तथा 10 पावर सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है।
जहानाबाद में 32 डेडिकेटेड कृषि फीडर का निर्माण कराया गया है, जिससे 3171 बिजली कनेक्शन किसानों को उपलब्ध कराया गया है। अरवल में 17 डेडिकेटेड कृषि फीडर का निर्माण कराया गया है, जिससे 1434 बिजली कनेक्शन किसानों को उपलब्ध कराया गया है ताकि किसानों को कृषि कार्य में सहूलियत हो। जहानाबाद में 12 हजार 286 स्वयं सहायता समूह से 1 लाख 51 हजार जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। अरवल में 7,888 स्वयं सहायता समूह से 1 लाख जीविका दीदियां जुड़ी हुई हैं। जहानाबाद एवं अरवल जिले में 2-2 जीविका दीदी की रसोई संचालित है। जहानाबाद की बराबर पहाड़ी में केव पेंटिंग, चित्रकारी तथा पर्यटकों के लिए धर्मशाला एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अरवल जिला के लारी गांव में पुरातात्विक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, इसे संरक्षित करने के लिए चहारदीवारी एवं साइट म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहानाबाद जिला एवं अरवल जिला में विकास के कई कार्य किए गए हैं, जो काम बाकी हैं, उसके साथ-साथ और नये काम भी जहानाबाद एवं अरवल जिले के लिए कराए जाएंगे।
अरवल एवं जहानाबाद जिले में लोगों की मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणायें
-
अरवल बस स्टैंड से जनकपुर धाम, एस०पी० आवास हेतु हुए बैदराबाद पथ का निर्माण किया जायेगा। इस सड़क के निर्माण से अरवल बाजार में जाम की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।
-
माली से एकरौजा भाया तुर्कतेलपा पथ का निर्माण किया जायेगा। यह पथ जर्जर स्थिति में है, इसके निर्माण से अरवल से गया एवं औरंगाबाद की दूरी काफी कम हो जाएगी।
-
कुर्था प्रखंड अन्तर्गत सिनाने वीयर एवं सिनाने नहर का पुनर्स्थापन कार्य किया जायेगा, इससे किसानों को सिंचाई की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी।
-
कुर्था प्रखंड अन्तर्गत मिर्जापुर से डकरा तक सड़क का निर्माण किया जायेगा, इससे लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी।
-
अरवल में स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जायेगा, इससे खेल का बढ़ावा मिलेगा।
-
अरवल जिला मुख्यालय में प्रेक्षागृह का निर्माण किया जायेगा, इससे जिला स्तर पर प्रशासन द्वारा आयोजित किये जाने वाले विभिन्न बड़े कार्यक्रमों में सुविधा होगी। साथ ही स्थानीय सामाजिक कला संगठनों एवं कलाकारों को भी कला प्रदर्शन हेतु मंच मिल पायेगा।
-
अरवल में कोरियम में औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जायेगा, इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लोगों को रोजगार मिलेगा।
-
अरवल जिले में अरवल, करपी, एवं कुर्था कुल 03 प्रखंडों में नये प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन का निर्माण कराया जायेगा।
-
अरवल मोड़ के नजदीक राजाबाजार आर०ओ०बी० का निर्माण किया जायेगा। इसके निर्माण से जल जमाव एवं ट्रैफिक जाम की समस्या से शहरवासियों को मुक्ति मिलेगी। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आयेगी।
-
एन०एच०-110 से एस०एस० कॉलेज, जहानाबाद तक सड़क का निर्माण किया जायेगा। इसके निर्माण से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण छात्रावास, श्रीकृष्ण महिला कॉलेज एवं अनेक सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय के छात्रों के आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही इस पथ में पड़ने वाले एरोड्रॉम स्टेडियम में प्रस्तावित हेलीपैड से विशिष्ट अतिथियों के आवागमन में सुविधा होगी।
-
बराबर पर्यटन क्षेत्र का समग्र विकास किया जायेगा। इस पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से यहाँ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, विशेषकर श्रवण माह में आवागमन की सुविधा के साथ-साथ पर्याप्त विश्रामगृह, रौशनी की व्यवस्था, शेड इत्यादि जैसी सुविधाएँ भी प्राप्त होंगी, जिससे पर्यटकों / श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी एवं आसपास के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
-
जहानाबाद में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जायेगा, इससे खेल को बढ़ावा मिलेगा।
-
जहानाबाद जिले में काको, घोसी एवं मखदुमपुर कुल 03 प्रखंडों में नये प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन का निर्माण कराया जायेगा।
-
जहानाबाद जिले में नया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बनाया जायेगा। इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के लिए एक टीम को कल ही भेजा जा रहा है ताकि मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थापना शीघ्र हो सके, इससे लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
-
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के हर क्षेत्र में काम हो रहा है, आगे और तेजी से काम होगा। किसी भी पार्टी के जनप्रतिनिधि हों, उनके सुझाव का हमलोग सम्मान करते हैं। उनके इलाके की जो भी मांगें होंगी, उन सबको पूरा किया जाएगा। हमलोग किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं। हम सबके हित में काम करते रहेंगे। हम सभी लोगों के हित में शुरू से काम करते रहे हैं। आप सभी का मैं पुनः अभिनंदन करता हूं।
-
मुख्यमंत्री ने संयुक्त समीक्षा बैठक के पूर्व जहानाबाद समाहरणालय परिसर स्थित जीविका दीदी की रसोई का निरीक्षण किया और जीविका दीदियों द्वारा किए जा रहे कामों की प्रशंसा की।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा के दौरान अपने लाव लश्कर के साथ जहानाबाद पहुंचे। जहानाबाद में उनका चार जगह पर कार्यक्रम हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री अपने निर्धारित समय से प्रगति यात्रा को लेकर उड़न खटोला से जिले के काको प्रखंड के धरहरा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इस दौरान बिहार सरकार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी, जिले के प्रभारी मंत्री अशोक कुमार चौधरी, मुख्य सचिव एवं डीजीपी के अलावा विभिन्न विभाग के प्रधान सचिव समेत कई लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा सबसे पहले धरहरा में पहुंची। जहां कई विकास कार्यों का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। उन्होंने कुल 241 करोड़ का विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों से संवाद किया, जिसमें उन्होंने कहा कि हम जब पहले यहां आए थे। उस समय महिलाओं के पास अच्छा पहनने को भी वस्त्र नहीं रहता था और अब आप लोग सब कितना अच्छा कपड़ा पहनने लगी हैं और भी बोलने लगी हैं। पहले आप लोग कहां बोलती थी। जब हम 2006 में यहां आए थे तो आप लोगों के हालात देखकर दूसरे लोगों से कर्जा लेकर जीविका दीदियों के लिए कई विकास योजनाएं चलाई।
इस दौरान वे करीब ढाई घंटे जिले में रहे और विभिन्न विभागों की योजनाओं का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने अरवल एवं जहानाबाद के विकास कार्यों का समीक्षा भी अधिकारियों के साथ समाहरणालय के सभा कक्ष में किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार धरहरा के बाद काजीसराय पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित उत्क्रमित उच्च विद्यालय के भवन एवं मनरेगा से निर्मित खेल मैदान का उद्घाटन किया। इसी तरह से मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय के अरवल मोड़ के पास राजा बाजार अंडरपास एवं प्रस्तावित आरओबी का स्थल का निरीक्षण किया।
इस मौके पर पथ निर्माण विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। तत्पश्चात मुख्यमंत्री अपने दल बल के साथ मलहचक स्थित इंडोर स्टेडियम पहुंचे। जहां उन्होंने स्टेडियम के पुनर्निर्माण कार्य को बारीकी से देखा। इसके बाद उपस्थित खिलाड़ियों से भी उन्होंने रूबरू हुए और खिलाड़ियों को उत्साहित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री जिला समाहरनालय स्थित दीदी की रसोई का भी मुआयना किया। जहां जीविका दीदी से रसोई के संबंध में जानकारी प्राप्त किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ अरवल एवं जहानाबाद जिले की समीक्षा बैठक की।
इस बाबत जदयू के प्रदेश नेता निरंजन केशव उर्फ प्रिंस ने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिलेबासियों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। उत्साह इस कदर है, जो देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्य जिले में किए हैं और कई का आज शिलान्यास के साथ-साथ उद्घाटन भी किया गया है। इस मौके पर हम के राष्ट्रीय नेता रितेश कुमार उर्फ चुन्नू ने बताया कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में जिले में कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। हम लोगों के द्वारा भी जहानाबाद एवं मखदुमपुर के विकास के लिए कई चीजों की मांग की गई है, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि इसे पूरा किया जाएगा। इस मौके पर जहानाबाद जिला जदयू अध्यक्ष दिलीप कुशवाहा के अलावे विधान पार्षद प्रमोद कुमार चंद्रवंशी भी मौजूद रहे।
प्रगति यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जहानाबाद पहुंचे। इस दौरान जहानाबाद के मुख्य सड़कों पर इस कदर बैरिकेटिंग किया गया था कि आम लोगों के साथ-साथ कुछ खास लोगों को भी बहुत परेशानियां झेलनी पड़ी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा अरवल और जहानाबाद जिले के समीक्षात्मक बैठक जिला समाहरणालय में आयोजित की गई थी। इसमें भाग लेने पहुंचे अरवल के माले विधायक महानंद एवं घोसी विधानसभा के माले विधायक रामबली सिंह यादव बैरिकेडिंग सड़कों पर रहने के कारण पैदल ही लगभग दो-तीन किलोमीटर चलकर समाहणालय पहुंचे और बैठक में भाग लिया।
इस मौके पर विधायक महानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आम जनता से डरे हुए हैं। यही कारण है कि पुलिस प्रशासन का उपयोग कर पूरे सड़क का बैरिकेडिंग कर दिए हैं। सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू लग गया है। आम लोगों के साथ-साथ कुछ खास लोगों को भी सड़कों पर चलने का अधिकार नहीं रह गया है। एक राजा की तरह वे जहानाबाद पहुंचे हैं, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कई दुकानों के साथ-साथ अस्पतालों को भी बंद कर दिया गया है।
इस मौके पर पैदल चल रहे माले विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का इस तरह से तानाशाही रवैया आम जनता पर लोकतंत्र के लिए घातक है। सड़कों पर जिस तरह से बैरिकेटिंग किया गया है, लोगों को अपने घर में ही कैद रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। आम लोगों को जरूरत की सामग्री नहीं मिल रही है, क्योंकि दुकान बंद है। इस प्रकार का रवैया मुख्यमंत्री का सही नहीं है। आने वाले बिहार विधानसभा के चुनाव में जिस तरह से पिछले विधानसभा एवं लोकसभा के चुनाव में मगध के इलाका में उन्हें करारी हार मिली थी। इस बार भी उनका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जनता तैयार है।