बिहार न्यूज: पितृपक्ष मेला में आ रहे हैं गयाजी? पहले जान लें ट्रैफिक प्लान, वरना फंस सकते हैं जाम में
गयाजी में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। मेला अवधि में बड़े वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध रोक, वन-वे व्यवस्था और निर्धारित पार्किंग लागू रहेगी।
विस्तार
गयाजी में 25 सितंबर से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बड़े वाहनों के प्रवेश पर समयबद्ध रोक, वन-वे व्यवस्था, पार्किंग, ऑटो-ई-रिक्शा और टैक्सी के तय किराए लागू किए गए हैं। अगर आप पिंडदान के लिए गयाजी आने की तैयारी कर रहे हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
25 सितंबर से लागू होगी नई यातायात व्यवस्था
पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के गयाजी पहुंचने की संभावना है। भीड़ और जाम से बचने के लिए जिला प्रशासन और यातायात पुलिस ने पूरे शहर के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और वाहन चालकों से तय रूट, पार्किंग और किराया व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
दिनभर शहर में नहीं चल सकेंगे बड़े वाहन
मेला अवधि में सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक अनुमति प्राप्त वाहनों और निर्धारित बसों को छोड़कर अन्य सभी बड़े वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक रहेगी। रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक ही बड़े व्यावसायिक वाहन और ट्रक वैकल्पिक मार्गों से गुजर सकेंगे।
इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी। डोभी और पटना की ओर से आने वाले ट्रक और अन्य बड़े वाहन शहर के अंदर प्रवेश नहीं करेंगे। उन्हें रामशीला चौक, घुघड़ीटांड़ बाईपास, कंडी-बुनियादगंज बाईपास और अन्य निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना होगा। वापसी में भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।
छोटे वाहनों के लिए भी तय किए गए रूट
रेलवे स्टेशन, चांदचौरा, विष्णुपद, रामशीला, प्रेतशिला, बोधगया और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों तक जाने वाले छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। श्रद्धालुओं को इन्हीं मार्गों का उपयोग करना होगा, ताकि यातायात सुचारु बना रहे।
रामशीला-प्रेतशिला मार्ग रहेगा वन-वे
रामशीला से प्रेतशिला और प्रेतशिला से लौटने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। इससे आमने-सामने वाहनों की आवाजाही नहीं होगी और जाम की संभावना कम रहेगी। प्रेतशिला जाने वाले वाहनों के लिए किसान कॉलेज में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
ऑटो और ई-रिक्शा का किराया तय
प्रशासन ने ऑटो और ई-रिक्शा का किराया भी तय कर दिया है। चार घंटे के आरक्षण के लिए 800 रुपये, छह घंटे के लिए 1100 रुपये और आठ घंटे के लिए 1400 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, रेलवे स्टेशन, विष्णुपद, चांदचौरा, हवाई अड्डा, बोधगया समेत प्रमुख रूटों के लिए प्रति व्यक्ति किराया भी तय किया गया है। वाहन चालकों को निर्धारित दर से अधिक किराया नहीं लेने का निर्देश दिया गया है।
प्रीपेड टैक्सी और रिंग बस की भी सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रीपेड टैक्सी सेवा उपलब्ध रहेगी। पिछले वर्ष की तुलना में टैक्सी किराए में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच रिंग बस सेवा भी चलेगी, जिससे श्रद्धालु आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगे। मेला क्षेत्र में सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर रोक रहेगी। सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करना होगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट, वन-वे व्यवस्था, पार्किंग और तय किराए का पालन करें। भीड़ की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जा सकता है, इसलिए यातायात पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन ने पितृपक्ष मेला श्रद्धालुओं के यातायात सुविधा के लिए ट्रैफिक नियम लागू।