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बिहार: 59 साल से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहे मोहम्मद जफर आलम, बोले- कलाकार का कोई धर्म नहीं होता

Tue, 20 Oct 2026 02:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 20 Oct 2026 02:30 PM IST
सार

Ravana Dahan: गयाजी शहर के गांधी मैदान में मुस्लिम कलाकार मोहम्मद जफर आलम 59 वर्षों से रावण का पुतला बना रहे हैं। इस बार 60 फीट का रावण, 55 फीट के कुंभकर्ण-मेघनाथ बनेंगे।

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गयाजी के गांधी मैदान में रावण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत की बातें जब समाज में सुर्खियां बनती हैं, तब गयाजी के गांधी मैदान से भाईचारे की एक अलग कहानी सामने आती है। यहां मुस्लिम कलाकार मोहम्मद जफर आलम पिछले 59 वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाते आ रहे हैं। इस बार भी वह आठ कारीगरों के साथ दशहरा की तैयारियों में जुटे हैं। जफर आलम का कहना है कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता, उसकी पहचान उसकी कला होती है।

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एक महीने की मेहनत, 60 फीट का रावण
गयाजी शहर के गांधी मैदान में दशहरा के अवसर पर होने वाले रावण वध कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार रावण का पुतला 60 फीट ऊंचा होगा, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले 55-55 फीट ऊंचे बनाए जा रहे हैं। इन विशालकाय पुतलों को तैयार करने में आठ कारीगर पिछले एक महीने से जुटे हैं।

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मोहम्मद जफर आलम ने बताया कि पुतले बनाने का काम 20 सितंबर से शुरू किया गया था। 20 अक्टूबर की दोपहर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गयाजी के गांधी मैदान के अलावा वह मोकामा और झारखंड के रामगढ़ में भी रावण वध के लिए पुतले बनाते हैं।

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मेरे लिए कलाकार होना ही सबसे बड़ी पहचान
जफर आलम बताते हैं कि वह पिछले 59 वर्षों से लगातार रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बना रहे हैं। उनके पूर्वज भी इसी काम से जुड़े थे। उन्होंने परिवार की इस परंपरा को आगे बढ़ाया है। दशहरा के दौरान पुतले बनाने और इस आयोजन का हिस्सा बनने से उन्हें बेहद खुशी मिलती है।

उनका कहना है कि इस काम में हिंदू-मुस्लिम का कोई भेदभाव नहीं है। वह खुद को एक कलाकार मानते हैं और अपनी कला के माध्यम से धार्मिक आयोजन में योगदान देते हैं। उनका यह नजरिया सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।

आतिशबाजी में नया प्रयोग, पुलिस भी अलर्ट
इस बार पुतलों के दहन और आतिशबाजी में कुछ नया प्रयोग किया जा रहा है। जफर आलम के मुताबिक, तीनों पुतलों का दहन बिजली आधारित व्यवस्था से किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

वहीं, सिटी एसपी अभिनव कुमार ने बताया कि मंगलवार को होने वाले लंका दहन कार्यक्रम को लेकर जिला पुलिस अलर्ट है। गांधी मैदान में बैरिकेडिंग के साथ प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।

जिला पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गांधी मैदान का यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ कला, परंपरा और आपसी भाईचारे का संदेश भी देगा

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