{"_id":"655b30cc6f75785fc4042f36","slug":"chhath-puja-8-year-old-child-observed-chhath-fast-in-gaya-observed-fast-without-water-2023-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhath Puja : 8 साल के मासूम ने पूरे नियम के साथ किया छठ का निर्जला व्रत, पढ़िए पूरी कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhath Puja : 8 साल के मासूम ने पूरे नियम के साथ किया छठ का निर्जला व्रत, पढ़िए पूरी कहानी
Mon, 20 Nov 2023 03:41 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: आदित्य आनंद
Updated Mon, 20 Nov 2023 03:41 PM IST
सार
Gaya News : 8 साल के बच्चे ने भी 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। मासूम बच्चे ने पूरी शुद्धता के साथ नियम का पालन कर छठ का व्रत किया।
विज्ञापन
छठ घाट पर परिजन के साथ सौरभ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आस्था का महापर्व छठ पूजा संपन्न हो गया है। महिलाओं ने जहां अपने पति और पुत्र की लंबी आयु के आयु के लिए आस्था का महापर्व छठ पूजा रखी थी। वहीं 8 वर्षीय बच्चे ने भी 36 घंटे का निर्जला उपवास रखकर उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरघाटी बजार के रहने वाले संतोष यादव के 8 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार छठ व्रत का पूजा निर्जला व्रत रखकर किया। सौरभ डीएवी पब्लिक स्कूल में चौथी क्लास का छात्र है।
विज्ञापन
पूरी शुद्धता के साथ नियम का पालन किया
सौरभ ने कहा कि उसके मन में अचानक छठ करने की लालसा जागी। इसके बाद वह छठ पूजा करने 2022 में अपने नानी के यहां डोभी के गम्हरिया गांव गया और वहां से छठ पूजा की शुरुआत की सौरभ बताता है कि आज उसका छठ पूजा का दूसरा त्यौहार है। इसे वह पूरी शुद्धता के साथ नियम का पालन कर मनाया है। छठ पूजा के लिए कृत्रिम घाट के किनारे साज-सज्जा कर साफ-सफाई की गई। पावन पर्व को लेकर महिलाओं ने घरों में आटा, गेहूं के अलावा रसोई में साफ-सफाई की। पहले दिन व्रती महिलाएं स्नान आदि कर छठी मैय्या पूजा-अर्चना करेंगी और फिर शाम को प्रसाद के रूप में चावल, चने की दाल और लौकी का सेवन किया।
विज्ञापन
भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला
मान्यता के अनुसार, पहले दिन सात्विक भोजन का सेवन शुद्धीकरण के लिए किया जाता है। रविवार को पूरे दिन और रात महिलाएं निर्जला व्रत रखा और सोमवार की सुबह भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला। सौरभ ने कहा कि इस पर्व में छठ व्रत की हुई महिलाएं जमीन पर ही सोती हैं। मैं भी सो रहा था और हर रोज प्रयोग में लिए जाने बर्तनों के बजाए छठ पर्व में अलग बर्तनों में खाना-पानी किए। इसके लिए गुरुवार को बाजार में खरीदारी चलती रही।
विज्ञापन