फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Muzaffarpur News ›   Bihar News: Journalist Rajdev Ranjan murder case three culprits sentenced to life imprisonment

Bihar News: पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास; 30-30 हजार का जुर्माना

Wed, 10 Sep 2025 04:46 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 10 Sep 2025 04:46 PM IST
सार

Bihar News:  सजा सुनाए जाने के बाद दोषी विजय कुमार गुप्ता, रोहित सोनी और सोनू गुप्ता के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। विशेष सत्र न्यायाधीश (एडीजे-III) नमिता सिंह की अदालत ने मंगलवार को यह सजा सुनाई।

विज्ञापन
Bihar News: Journalist Rajdev Ranjan murder case three culprits sentenced to life imprisonment
रोहित कुमार सोनी, विजय कुमार गुप्ता और सोनू कुमार गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीवान के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के मामले में आज सीबीआई की विशेष कोर्ट ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई। विशेष कोर्ट एडीजे तीन की जज नमिता सिंह ने विजय कुमार गुप्ता, रोहित सोनी और सोनू कुमार गुप्ता को यह सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, रिशु जायसवाल, राजेश कुमार और मो लड्डन मिया को जमानत दी गई। दोषी और बचाव पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

विज्ञापन

केस का अंतिम फैसला 9 साल बाद
राजदेव रंजन की हत्या का यह मामला करीब 9 वर्षों तक चला। 30 अगस्त 2025 को विशेष कोर्ट ने कुल छह आरोपियों में से तीन को दोषी ठहराया था, जबकि तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर जमानत दी गई थी। राजदेव रंजन के परिवार ने लंबे समय बाद न्याय मिलने पर राहत की सांस ली।

विज्ञापन


पढ़ें: सहरसा के बाल सुरक्षित गृह में किशोर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले का इतिहास
13 मई 2016 को दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद राजदेव रंजन की पत्नी आशा यादव ने सीवान नगर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। कुल आठ आरोपी बनाए गए, जिनमें एक पूर्व राजद सांसद मो शहाबुद्दीन और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल थे। अन्य छह आरोपी के खिलाफ ट्रायल चला, जिसमें तीन दोषी और तीन को दोषमुक्त किया गया। इस मामले में कुल 69 गवाहों और 111 दस्तावेज पेश किए गए, और आरोपितों से 183 सवाल किए गए।

सरकारी लोक अभियोजन अधिकारी और बचाव पक्ष का बयान
सरकारी अधिवक्ता राकेश दुबे ने कहा कि तीन दोषियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीबीआई द्वारा पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं और केस की आगे की सुनवाई की जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरद कुमार ने कहा कि वे भी फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed