Bihar News: पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास; 30-30 हजार का जुर्माना
Bihar News: सजा सुनाए जाने के बाद दोषी विजय कुमार गुप्ता, रोहित सोनी और सोनू गुप्ता के चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। विशेष सत्र न्यायाधीश (एडीजे-III) नमिता सिंह की अदालत ने मंगलवार को यह सजा सुनाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीवान के चर्चित पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के मामले में आज सीबीआई की विशेष कोर्ट ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई। विशेष कोर्ट एडीजे तीन की जज नमिता सिंह ने विजय कुमार गुप्ता, रोहित सोनी और सोनू कुमार गुप्ता को यह सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, रिशु जायसवाल, राजेश कुमार और मो लड्डन मिया को जमानत दी गई। दोषी और बचाव पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
केस का अंतिम फैसला 9 साल बाद
राजदेव रंजन की हत्या का यह मामला करीब 9 वर्षों तक चला। 30 अगस्त 2025 को विशेष कोर्ट ने कुल छह आरोपियों में से तीन को दोषी ठहराया था, जबकि तीन आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर जमानत दी गई थी। राजदेव रंजन के परिवार ने लंबे समय बाद न्याय मिलने पर राहत की सांस ली।
पढ़ें: सहरसा के बाल सुरक्षित गृह में किशोर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी
मामले का इतिहास
13 मई 2016 को दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद राजदेव रंजन की पत्नी आशा यादव ने सीवान नगर थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। कुल आठ आरोपी बनाए गए, जिनमें एक पूर्व राजद सांसद मो शहाबुद्दीन और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल थे। अन्य छह आरोपी के खिलाफ ट्रायल चला, जिसमें तीन दोषी और तीन को दोषमुक्त किया गया। इस मामले में कुल 69 गवाहों और 111 दस्तावेज पेश किए गए, और आरोपितों से 183 सवाल किए गए।
सरकारी लोक अभियोजन अधिकारी और बचाव पक्ष का बयान
सरकारी अधिवक्ता राकेश दुबे ने कहा कि तीन दोषियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीबीआई द्वारा पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं और केस की आगे की सुनवाई की जाएगी। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता शरद कुमार ने कहा कि वे भी फैसले को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।