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Bihar News: 27 साल से फरार नक्सली की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, नक्सल पाठशाला में दी जाती है एक साल की ट्रेनिंग
Thu, 24 Apr 2025 04:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 24 Apr 2025 04:28 PM IST
सार
Naxalite: मामले में 27 साल से फरार एक हार्डकोर नक्सली की गिरफ्तारी से माओवाद की पाठशाला का खुलासा हुआ। वहीं, पुलिस दबिश से 11 साल से फरार एक हार्डकोर नक्सली ने कोर्ट में सरेंडर किया।
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पुलिस गिरफ्त में हार्डकोर नक्सली और ट्रक लुटेरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में नक्सली पाठशाला का खुलासा हुआ है। खुलासे के मुताबिक, पाठशाला में नक्सलियों को पूरे एक साल की ट्रेनिंग दी मिलती है। इसके तहत तरह-तरह के हथियारों को चलाने, संगठन का नेटवर्क बनाने, माओवादी विचारधारा को पल्लवित-पुष्पित करने समेत अन्य प्रकार का जरूरी प्रशिक्षण दिया जाता है।
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दरअसल, यह खुलासा पुलिस की नजरों में 27 साल से फरार चल रहे हार्डकोर नक्सली ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के समक्ष किया है। इसके अलावा पुलिसिया दबिश के कारण 11 साल से फरार हार्डकोर नक्सली ने कोर्ट में सरेंडर किया है। जबकि पुलिस ने टॉप-10 में शामिल अपराधियों में एक ट्रक लूटेरे को भी गिरफ्तार किया है। औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने गुरुवार को यहां बताया कि गोह प्रखंड में बंदेया थाना क्षेत्र के गंगटी गांव निवासी हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र रविदास उर्फ ब्रजेश जी नक्सली घटना को अंजाम देने के बाद वर्ष 1998 से फरार चल रहा था। पुलिस उसके पीछे हाथ धोकर पड़ी थी, लेकिन वह पुलिस की नजरों से खुद को बचता-बचाता भागा फिर रहा था।
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पुलिस की स्पेशल टीम ने गया जाकर हार्डकोर नक्सली को दबोचा
इस बीच बंदेया थाना की पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि विभिन्न मामलों में 27 साल से फरार चल रहे हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र रविदास उर्फ ब्रजेश को गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र में जंगलडीहा गांव के निकट स्थित एफसीआई गोदाम के पास देखा गया है। बंदेया थानाध्यक्ष ने इसकी सूचना उन्हें दी। सूचना मिलते ही उन्होंने सूचना के सत्यापन के लिए दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार ऋषिराज के नेतृत्व में एक पुलिस की एक विशेष टीम गठित की। साथ ही टीम को गया जाकर उस इलाके में छापेमारी करने का निर्देश दिया। निर्देश के बाद पुलिस की विशेष टीम गया गई। टीम ने जंगलडीहा और एफसीआई गोदाम के पूरे इलाके में जाल बिछाया। जगह-जगह छापेमारी की और फरार नक्सली को धर दबोचा।
हार्डकोर ने नक्सली पाठशाला में ली थी एक साल से ट्रेनिंग
एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र रविदास उर्फ ब्रजेश ने पुलिस के समक्ष बड़ा खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया कि नक्सलियों को ट्रेनिंग देने के लिए अघोषित नक्सली पाठशाला चलती है। इस पाठशाला में तरह-तरह के हथियारों को चलाने से लेकर माओवादी विचारधारा की बौद्धिक स्तर की ट्रेनिंग एवं अन्य प्रकार का जरूरी प्रशिक्षण दिया जाता है। उसने खुद गया जिले के अति नक्सल प्रभावित गुरपा के इलाके में ऐसी ही नक्सली पाठशाला में एक साल का माओवादी प्रशिक्षण 2003 में लिया था। इस प्रशिक्षण के बाद उसकी कार्य कुशलता बढ़ी और उसने कई नक्सली घटनाओं को सफलतापूर्वक अंजाम दिया तथा संगठन को आगे बढ़ाने का काम किया।
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इन मामलों में मोस्ट वांटेड था हार्डकोर
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार हार्डकोर नक्सली का अच्छा-खासा आपराधिक इतिहास रहा है। वह औरंगाबाद जिले में गया जिले की सीमा से सटे गोह के इलाके और गया जिले में बेहद सक्रिय था। उस पर गया जिले के परैया थाना में प्राथमिकी कांड संख्या-40/2003, गुरारु थाना में कांड संख्या-23/2009, कोंच थाना में कांड संख्या-46/2010 एवं आमस थाना में कांड संख्या-88/2011 दर्ज है। इन मामलों में पुलिस उसे सरगर्मी से तलाश रही थी।
11 साल से फरार एक हार्डकोर नक्सली ने किया कोर्ट में सरेंडर
उन्होंने बताया कि औरंगाबाद जिले में नक्सलियों के खिलाफ लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नक्सलियों के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर दबिश और छापेमारी की जा रही है। पुलिसियां दबिश और छापेमारी के कारण एक हार्डकोर नक्सली ने औरंगाबाद के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वाला नक्सली मुजाहिद हुसैन मदनपुर थाना क्षेत्र के जुड़ाही गांव का निवासी है। उस पर मदनपुर थाना में कांड संख्या-137/2014 तथा पांच और मामले दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस उसे पिछले 11 साल से सरगर्मी से तलाश रही थी और आखिरकार उसने पुलिसियां दबिश के कारण कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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एक ट्रक लूटेरा भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
एसपी ने बताया कि पुलिस ने हसपुरा थाना क्षेत्र में 2016 में हल्दी लदे ट्रक की हुई लूट के मामले में ट्रक लूटेरा गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार ट्रक लूटेरा रोहित तिवारी उर्फ रोहित पांडेय रोहतास जिले का निवासी है। गिरफ्तार ट्रक लूटेरा औरंगाबाद के टॉप-10 अपराधियों में शामिल है। इसे लेकर टॉप-10 में शामिल तीन अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। शेष सात अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिसया प्रयास जारी है।