Bihar: बिहार-झारखंड की सीमावर्ती पुलिस के लिए वांटेड हार्डकोर नक्सली गिरफ्तार, अपराधिक इतिहास भी खंगाला गया
Bihar: एसपी ने आगे बताया कि उमेश राम का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ झारखंड के हुसैनाबाद थाना में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, नबीनगर थाना में भी निर्माण कंपनी से लेवी मांगने के मामले में वह नामजद था।
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बिहार-झारखंड की सीमावर्ती पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना एक हार्डकोर नक्सली आखिरकार औरंगाबाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तार नक्सली उमेश राम झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के देउरी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ बिहार और झारखंड के सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने मंगलवार शाम जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलियों के समूल उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर एसएसबी की 29वीं बटालियन के सहयोग से झारखंड की सीमा से सटे औरंगाबाद के टंडवा थाना क्षेत्र में विशेष नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उमेश राम को गिरफ्तार किया गया।
उतर कोयल नहर परियोजना से लेवी मांगने के मामले में थी तलाश
एसपी ने बताया कि 7 मार्च 2025 को नबीनगर थाना क्षेत्र में उत्तर कोयल नहर की कंक्रीट लाइनिंग के कार्य में लगी एक निर्माण कंपनी के कैंप पर 8-10 हथियारबंद नक्सलियों ने धावा बोला था और लेवी की मांग की थी। मामले में कंपनी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचना के आधार पर पहले ही इस मामले में शामिल 8 हार्डकोर नक्सलियों को गिरफ्तार कर 6 हथियार और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उमेश राम इस मामले में फरार चल रहा था, जिसे अब एसएसबी के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में उसने अपने अपराध स्वीकार कर लिए हैं।
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अपराधिक इतिहास भी खंगाला गया
एसपी ने आगे बताया कि उमेश राम का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ झारखंड के हुसैनाबाद थाना में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, नबीनगर थाना में भी निर्माण कंपनी से लेवी मांगने के मामले में वह नामजद था। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस गिरोह के लगभग सभी सक्रिय सदस्यों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी से बिहार-झारखंड की सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।