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Bihar: जिला योजना पदाधिकारी की जान बाल-बाल बची, सिर में गहरी चोट, घुटनों और हाथ में आईं चोटें; जानें कैसे?

Tue, 20 May 2025 03:12 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 20 May 2025 03:12 PM IST
सार

Bihar: बताया जा रहा है कि इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी है और कुछ दिनों के पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। इस घटना के बाद समाहरणालय भवन की सुरक्षा व्यवस्था और जर्जर संरचनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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Bihar: District Planning Officer life narrowly saved, severe head injury news In hindi
घायल जिला योजना पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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मंगलवार की सुबह जिला मुख्यालय में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रोजमर्रा की तरह जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन में सरकारी कार्यों में जुटे थे। इस दौरान उन्हें किसी कार्य से जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री से मिलने की आवश्यकता पड़ी। डीएम से मुलाकात के लिए वे कार्यालय से पैदल ही चल पड़े। जैसे ही वे समाहरणालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे, अचानक वहां की छत की रेलिंग से जुड़ा एक छज्जा भरभरा कर गिर पड़ा।

छज्जा उनके बेहद करीब गिरा और सिर व कोहनी से रगड़ता हुआ जमीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि छज्जा सीधे उनके सिर पर नहीं गिरा, वरना यह हादसा जानलेवा हो सकता था। छज्जे की चपेट में आने से डीपीओ जमीन पर गिर पड़े और उनके घुटनों में चोट आ गई। हादसे के बाद वे बदहवासी की हालत में पास ही स्थित उपसमाहर्ता सह प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) रत्ना प्रियदर्शिनी के कक्ष में जा पहुंचे। डीपीआरओ ने जब उन्हें लहूलुहान हालत में देखा तो तत्काल सहयोगियों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया।

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सदर अस्पताल में भी अव्यवस्था उजागर
अस्पताल में डीपीओ के इलाज के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल भी खुल गई। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें ड्रेसिंग के लिए ऑपरेशन थिएटर भेजा। वहां मौजूद ड्रेसर ने डीपीओ को बेड पर लेटने को कहा, लेकिन बेड गंदा देखकर वे कुर्सी पर बैठ गए। इस पर ड्रेसर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कुर्सी स्टाफ के लिए है, मरीज के लिए नहीं। इस व्यवहार पर डीपीआरओ ने ड्रेसर को फटकार लगाते हुए कहा, “जब आप एक अधिकारी से ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे, यह समझा जा सकता है।

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ऑपरेशन थिएटर इतना गंदा क्यों है? क्या आपको पता नहीं कि गंदगी से मरीजों को इन्फेक्शन हो सकता है?” घटना की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) मौके पर पहुंचे और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने भी ड्रेसर को अपने कार्यालय में बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। इलाज के बाद डॉक्टरों ने डीपीओ को छुट्टी दे दी और कुछ दिनों के लिए विश्राम करने की सलाह दी है।



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समाहरणालय भवन की जर्जर हालत पर उठे सवाल
इस घटना के बाद समाहरणालय भवन की जर्जर स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की हालत बेहद खराब है, फिर भी केवल ऊपरी रंग-रोगन कर काम चलाया गया। छज्जे का गिरना इस बात का संकेत है कि मरम्मत की जगह केवल सतही सजावट की गई है। गौरतलब है कि समाहरणालय को जल संसाधन विभाग के बड़े परिसर में स्थानांतरित करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके लिए निर्माणाधीन नए समाहरणालय भवन का भूमि पूजन कुछ माह पूर्व जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री द्वारा किया जा चुका है।

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