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Bihar: बेतिया में दिल दहला देने वाला हादसा, हरबोड़ा नदी में नहाने गए चार मासूम बच्चों की डूबने से मौत

Fri, 27 Jun 2025 07:40 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बेतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बेतिया Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Fri, 27 Jun 2025 07:40 PM IST
सार

पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में चार मासूम बच्चे हरबोड़ा नदी में डूबकर मौत का शिकार हो गए। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे नदी में नहाने गए थे, लेकिन अचानक गहरे पानी में चले जाने से डूब गए।
 

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four innocent children who went to take bath in Harboda river died by drowning
हरबोड़ा नदी बनी मासूमों की कब्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज नगर क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर एक मर्मांतक हादसा हो गया, जब हरबोड़ा नदी में नहाने गए चार मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। यह हृदयविदारक घटना गोपाला ब्रह्म स्थान के पास घटी, जिससे पूरे इलाके में शोक और मातम का माहौल फैल गया।
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नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए बच्चे
मिली जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए चार बच्चे दोपहर के समय नदी में नहाने पहुंचे थे। खेलते-कूदते हुए वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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डूबने वाले बच्चों की पहचान

पुलिस ने बताया कि डूबने वाले चारों बच्चों की पहचान हो गई है:

दिलशाद और इरशाद, पिता मुस्तफा आलम – दोनों सगे भाई थे और नरकटियागंज में मौसी के घर आए हुए थे।

रिजवान, पिता फिरोज आलम – गौनहा थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव का निवासी।

आरिफ अंसारी, पिता अनवर अंसारी – मूल रूप से जमुनिया गांव का ही निवासी।

दिलशाद और इरशाद नरकटियागंज नगर परिषद के वार्ड संख्या 2 के रहने वाले थे।

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SDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन, चारों शव बरामद

घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर, स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद चारों बच्चों के शव नदी से बाहर निकाले गए। शवों के बाहर आते ही घटनास्थल पर कोहराम मच गया। माताओं की चीखें, परिजनों की बेहोशी और ग्रामीणों की आंखों से बहते आंसू पूरे गांव की पीड़ा को बयां कर रहे थे। एक ही मोहल्ले से चार जनाजे उठने की तैयारी ने समूचे इलाके को गमगीन कर दिया।

ग्रामीणों का प्रशासन पर आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल गर्मियों में बच्चे नदी में डूबते हैं, लेकिन अब तक न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न सुरक्षा की निगरानी, और न जीवन रक्षक उपाय किए गए हैं। उन्होंने इस घटना को स्थायी प्रशासनिक विफलता बताया। अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चारों शव बरामद कर लिए गए हैं और प्रशासन पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
 
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