Bihar: औरंगाबाद में तीन दिन तक प्रखंडों में लगेगी मोबाइल लोक अदालत, आप इन मामलों का करा सकेंगे निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में औरंगाबाद में पहली बार 24 से 26 मई तक विभिन्न प्रखंडों में तीन दिनों तक मोबाइल लोक अदालत लगेगी। इसके जरिए दाखिल खारिज, बैंक, बीमा कंपनी, प्रखंड, अंचल, पंचायत से संबंधित वाद, अन्य सभी सुलहनीय वादों, पूर्व के विवादों और अन्य विवादित वादों का निपटारा प्रखंड स्तर पर किया जाएगा।
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बिहार के औरंगाबाद में अब मोबाइल अदालत यानी चलती-फिरती अदालत होगी। इसके तहत प्रखंड मुख्यालयों में मोबाइल लोक अदालतें लगेगी। इन अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत की तर्ज पर ही सुलहनीय वादों (मामलों) का निपटारा किया जाएगा। मोबाइल लोक अदालतों में दाखिल खारिज, बैंक, बीमा कंपनी, प्रखंड, अंचल, पंचायत से संबंधित वादों और अन्य सभी प्रकार के सुलहनीय वादों का फौरन निपटारा हो सकेगा। दरअसल, यह फैसला लगातार आयोजित की जा रही राष्ट्रीय लोक अदालत को मिल रही अपार सफलता के बाद लिया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में औरंगाबाद में पहली बार 24 से 26 मई तक विभिन्न प्रखंडों में तीन दिनों तक मोबाइल लोक अदालत लगेगी।
औरंगाबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सम्पूर्णानंद तिवारी ने बताया कि मई के महीने में औरंगाबाद जिलेवासियों को राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ-साथ मोबाइल लोक अदालत का दोहरा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि मोबाइल लोक अदालत चलता-फिरता न्यायालय है। इसके जरिए दाखिल खारिज, बैंक, बीमा कंपनी, प्रखंड, अंचल, पंचायत से संबंधित वाद, अन्य सभी सुलहनीय वादों, पूर्व के विवादों और अन्य विवादित वादों का निपटारा प्रखंड स्तर पर किया जाएगा।
इस तरह की होगी मोबाइल लोक अदालत
जिला जज ने बताया कि मोबाइल लोक अदालत वह अदालत है, जो खुद चलकर आपके प्रखंड से संबंधित सुलहनीय वादों को आपके अपने ही क्षेत्र में निपटारा करेगी। उन्होंने बताया कि पहला मौका है जब जिले में मोबाइल लोक अदालत और राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन एक ही महीने में होने जा रहा है। ऐसे में जिलेवासियों को इस तरह के आयोजन का दोहरा लाभ मिलेगा। जिलेवासियों को इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहिए।
वहीं, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के सचिव प्रणव शंकर ने बताया कि औरंगाबाद में 13 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होना है। इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है और सभी स्टेक होल्डर्स का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के समापन के बाद 24 से 26 मई तक लगातार तीन दिनों तक मोबाइल लोक अदालत लगेगी। इस अदालत में पक्षकारों से जुड़े उनके वाद का उनके ही क्षेत्र में निपटान करने की कार्रवाई होगी।
प्राधिकार के सचिव प्रणव ने मोबाइल लोक अदालत (चलंत न्यायालय) के रूट चार्ट की जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई को मदनपुर प्रखंड परिसर में मदनपुर, रफीगंज और देव प्रखंड के प्रखंड तथा अंचल से संबंधित दाखिल खारिज, बैंक, बीमा कंपनी, प्रखंड, अंचल, पंचायत से संबंधित और अन्य सभी सुलहनीय वाद, पूर्व विवाद तथा विवादित वादों का निपटारा होगा। इसी प्रकार 25 मई को औरंगाबाद प्रखंड परिसर में औरंगाबाद, कुटुम्बा, नबीनगर, बारूण प्रखंड और अंचल से संबंधित दाखिल खारिज, बैंक, बीमा कंपनी, प्रखंड, अंचल, पंचायत से संबंधित वाद, अन्य सभी सुलहनीय वाद, पूर्व विवाद और विवादित वादों का निपटान होगा। वहीं, चलंत न्यायालय के अंतिम दिन 26 मई को दाउदनगर प्रखंड परिसर में दाउदनगर, ओबरा, गोह और हसपुरा प्रखंड और अंचल से संबंधित वादों का निपटारा होगा।
सचिव ने बताया कि जिलेवासियों को अपने वादों का निस्तारण करने के लिए मई महीने में लोक अदालत का दोहरा लाभ मिलने जा रहा है। एक साथ दो अदालत यानी राष्ट्रीय लोक अदालत और मोबाइल लोक अदालत जो चलंत न्यायालय है और मोबाइल वैन के द्वारा आयोजित की जाएगी। इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि 13 मई को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए बड़े पैमाने पर पक्षकारों तक नोटिस भेजे गए हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष की ओर से इसे लेकर कई आवश्यक निर्देश सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ-साथ सभी स्टेक होल्डर को दिए गए हैं। इसकी प्रगति के लिए तथा अद्यतन स्थिति ज्ञात की समीक्षा जिला न्यायाधीश द्वारा की जा रही है। जिला जज के निर्देश पर न्यायालय परिसर में लाउड स्पीकर के जरिए प्रतिदिन इसका प्रचार-प्रसार भी कराया जा रहा है। ताकि न्यायालय आने वाले पक्षकारों तक इसकी सूचना मिल सके। इसके साथ ही जिला जज द्वारा भी जिलेवासियों से अपील की जा रही है कि आपको जिस स्रोत से राष्ट्रीय लोक अदालत की तिथियों की जानकारी मिले, अपने से संबंधित सुलहनीय वादों को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में निष्पादित कराएं। साथ ही कोई भी असुविधा की स्थिति में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क करें।