Fire in Patna : पटना के एक सरकारी भवन समेत तीन महत्वपूर्ण इलाकों में आग, फायर फाइटर का पानी खत्म
Fire incident in Patna : गुरुवार को राजधानी पटना में लगभग एक ही समय तीन महत्वपूर्ण इलाकों में एक साथ आग लगने की जानकारी से अग्निशमन दस्ता भी परेशान हो गया। इधर गया तो उधर की खबर आई।
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गरमी आते ही आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों से तो खबरें आ रही थीं, लेकिन गुरुवार को राजधानी पटना में लगभग एक ही समय तीन महत्वपूर्ण इलाकों में एक साथ आग लगने की जानकारी से अग्निशमन दस्ता भी परेशान हो गया। इधर गया तो उधर की खबर आई। इनमें एक सरकारी भवन है, दूसगरमी आते ही आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों से तो खबरें आ रही थीं, लेकिन गुरुवार को राजधानी पटना में लगभग एक ही समय तीन महत्वपूर्ण इलाकों में एक साथ आग लगने की जानकारी से अग्निशमन दस्ता भी परेशान हो गया। इधर गया तो उधर की खबर आई। इनमें एक सरकारी भवन है, दूसरा पुलिस मुख्यालय के पीछे का हिस्सा और तीसरा राजवंशीनगर में सरकारी अस्पताल की तरफ गैस गोदाम के पास। राजधानी के तीन जगहों पर आगलगी की घटना से पूरा शहर धुएं से भर गया। धुआं ऐसा कि वन-पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव भी काफिले के साथ एक जगह पहुंच गए।
80 से ज्यादा झोपड़ियां जलीं, अस्पताल में अफरातफरी
पुलिस मुख्यालय के पीछे एवं इनकम टैक्स गोलंबर के नजदीक नियोजन भवन में आग की घटना से अफरातफरी का माहौल बन गया। इन दोनों घटनाओं से बड़ी आग शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल के पास लगी। अस्पताल के पास झोपड़पट्टी में खाना बनाने के क्रम में शॉर्ट सर्किट से आग लगी और फिर गैस सिलेंडर ब्लास्ट से एक झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज होती गईं और आसपास की लगभग 80 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। आगलगी के कारण एलएनजेपी अस्पताल में मरीजों के बीच भी भगदड़ मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे।
शास्त्रीनगर अस्पताल के स्लम एरिया में लगी आग से मवेशी तो जले, लेकिन किसी आदमी को कुछ हुआ नहीं। लोग झोपड़ियों में रखे गए बर्तन, कपड़ा और रुपये आदि को आग से बचाने में लगे रहे। आग की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर पहुंची अग्निशमन दस्ते की कई गाड़ियों का पानी आग बुझाने के क्रम में खत्म हो गया। आननफानन में पुलिस पदाधिकारियों ने आग पर काबू पाने के लिए NDRF टीम को भी सूचना दी। एनडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे और आग को बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू में लग गए।
डीएम ने कहा- आग से बहुत नुकसान हो सकता था
डीएम डॉ. चंद्रेशखर ने मौके पर बताया कि 80 से 85 झोपड़ियों के जलने की जानकारी आई है। 24 घंटे में राहत का पैसा दिया जाएगा। चूड़ा-गुड़ आदि का इंतजाम कराया गया है और सामुदायिक किचन की व्यवस्था की जा रही है। अस्थायी प्रवास भी उपलब्ध कराया जाएगा। आग से आर्थिक नुकसान का अनुमान अभी नहीं लगाया जा सका है। सरकार अपने प्रावधान के तहत क्षतिपूर्ति का भुगतान करेगी।रा पुलिस मुख्यालय के पीछे का हिस्सा और तीसरा राजवंशीनगर में सरकारी अस्पताल की तरफ गैस गोदाम के पास।