Bihar: औरंगाबाद में तीन घरों में लगी भीषण आग, मां-बेटी समेत तीन की जलकर मौत, दो बच्चों समेत तीन की हालत गंभीर
सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे एडीएम ने बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत तत्काल चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। साथ ही तीनों घरों के लिए प्रति घर 11-11 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। घायलों को अलग से जलने के प्रतिशत के आधार पर इलाज का खर्च मिलेगा।
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बिहार के औरंगाबाद के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के हेतमपुर टोले भुईयां बिगहा गांव में गुरुवार की दोपहर करीब दो बजे तीन घरों में भीषण आग लग गई। इस हादसे में मां-बेटी समेत तीन लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिनका औरंगाबाद सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रविभूषण श्रीवास्तव के मुताबिक, तीनों 70 प्रतिशत तक जल गए हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। आग लगने का कारण एक घर में खाना बनाने के दौरान चूल्हे की आंच की गर्मी से ऊपर खुले बिजली के तारों के पिघलने से हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले सीता रिकियासन के घर में लगी। घर में पुआल रखा हुआ था। इस कारण आग ने पुआल को अपने चपेट में ले लिया, जिससे घर धू-धू कर जल उठा। इसी दौरान आग ने पड़ोस के विनय भुईयां और दिलीप भुईयां के घर को भी अपनी चपेट में ले लिया। आनन-फानन में आसपास के लोग आग बुझाने दौड़े। साथ ही इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। लेकिन तीनों घरों में पुआल रखा होने से आग तेजी से धधक उठी और घर के अंदर रहे लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला। इस दौरान घर के एक कमरे में रही एक किशोरी और दो बच्चों को झुलसने के बावजूद ग्रामीणों ने आग की लपटों से निकाल लिया। इससे फिलहाल उनकी जान बच गई, लेकिन हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। वहीं, आग में फंसकर मां-बेटी समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में मकान मालिक विनय भुईयां की पत्नी गीता देवी उर्फ दयावंती देवी (50), विनय की बहु रीना देवी (32) और पोती पूजा कुमारी (17) शामिल हैं। वहीं, घायलों में रानी कुमारी, धीरज कुमार और एक अन्य किशोर शामिल है। सभी मृतक और घायल लोग एक ही परिवार के हैं, जो एक साथ तीन अलग-अलग घरों में रह रहे थे। हालांकि मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है। वहीं, आग लगने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अपर समाहर्ता आशीष कुमार सिंहा, सदर एसडीओ विजयंत, सदर बीडीओ, औरंगाबाद मुफ्फसिल थाना की पुलिस और अन्य अधिकारियों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर झुलसे हुए लोगों को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर असपताल भिजवाया।
घटना के वक्त तीनों ही घरों के पुरुष सदस्य मिट्टी काटने दूसरे गांव गए हुए थे। वहीं, दोपहर होने के कारण सभी महिलाएं और बच्चे घरों में सोए हुए थे। इसी दौरान सीता रिकियासन के घर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लग गई। आग ने देखते ही देखते दो और घरों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों को जब तक इसकी जानकारी मिली तब तक आग की लपटें इतनी तेज हो गईं थी कि घर की महिलाएं और बच्चे झुलस गए और तीन की जलकर मौत हो गई। आग बुझाए जाने के बाद पुलिस ने तीनो शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया है।
मौके पर मौजूद एडीएम ने बताया कि सरकारी प्रावधान के तहत मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत तत्काल चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। साथ ही तीनों घरों के लिए प्रति घर 11-11 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। घायलों को अलग से जलने के प्रतिशत के आधार पर इलाज का खर्च मिलेगा।