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बिहार ट्रैफिक चालान एक्सप्लेनर: कैसे-कहां-कितना जमा होगा जुर्माना? लोक अदालत में छूट को समझिए

Thu, 10 Sep 2026 10:03 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 10 Sep 2026 10:03 AM IST
सार

Traffic Challan: बिहार में सबसे अधिक चालान पटना में कटते हैं। औसत दो हजार से अधिक चालान एक दिन में काटे जाते हैं। इसके बाद अन्य जिलों का नंबर आता है। पूरे बिहार से हजारों लोगों ने अपना चालान जमा नहीं किया है। अब इसमें छूट की व्यवस्था फिर से की गई है। लोक अदालत के नाम पर चालान जमा करने वालों छूट मिल रही है। लेकिन, यह छूट मिलेगी कैसे? किसे मिलेगी? चालान की राशि कहां जमा करनी होगी? प्रक्रिया को समझें।

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Exemption in traffic challan How where how much fine will be collected Lok Adalat E Challan Transport Rules
जिला परिवहन कार्यालय में चालान जमा करने वालों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर रोजाना बड़ी संख्या में ई-चालान काटे जा रहे हैं। बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, रेड लाइट जंप, ओवरस्पीड और खतरनाक ड्राइविंग जैसे मामलों में सबसे ज्यादा चालान होते हैं। कई ऐसे में लोग मिले, जिनका कहना है कि उनके वाहन का फर्जी चालान कट गया। कई लोगों ने यह आरोप लगाया कि उन्होंने गाड़ी की स्पीड निर्धारित लिमिट से कम ही रखी थी, फिर भी कार पर दो हजार का चालान कट गया। हालांकि, सरकार ने इन चालानों के निपटारे के लिए एक अच्छी व्यवस्था कर दी है। 12 सितंबर से हर जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाए जाएंगे, यहां पर पुराने ई चालानों का निपटारा केवल 50 पीसदी राशि जमा करके करवाया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले सात से 11 सितंबर तक सभी जिला परिवहन कार्यालय में भी यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यहां आकर भी आप अपने चालान का निपटारा 50 फीसदी राशि जमा कर करवा सकते हैं। लेकिन, वाहन मालिकों के मन अब भी ई चालान को लेकर कई सवाल हैं, आइए सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं पूरी प्रक्रिया।

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बिहार में कितने तरह के चालान होते हैं?

  • ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से मोटर वाहन अधिनियम के तहत कई तरह के चालान किए जाते हैं। इनमें बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप, मोबाइल फोन का इस्तेमाल, खतरनाक ड्राइविंग, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, बिना बीमा, बिना परमिट और ओवरलोडिंग जैसे मामले शामिल हैं। 
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सबसे ज्यादा चालान किस बात के?

  • बिना हेलमेट सबसे ज्यादा चालान वाले उल्लंघनों में शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, केवल पटना में एक में औसत 2000 से अधिक चालान कटते हैं। इस महीना चार सितंबर को 2127 चालान 26.32 लाख रुपये के काटे गए हैं। पांच सितंबर 1818 चालान 22.57 लाख के, छह सितंबर को 2184 चालान 27.13 लाख रुपये के और सात सितंबर को 2120 चालान 26 लाख रुपये के कटे। औसत एक साल में 36 करोड़ रुपये के चालान केवल पटना में कटे हैं। इनमें करीब 65 फीसदी चालान बिना हेलमेट वालों का है। इसके अलावा ओवरस्पीड, प्रदूषण और बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों का भी चालान कटाने वालों की संख्या काफी है। 
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चालान नहीं भरने पर क्या होगा?

  • चालान लंबे समय तक लंबित रहने पर मामला आगे कोर्ट या वर्चुअल कोर्ट तक पहुंच सकता है। इसके बाद नोटिस की प्रक्रिया होती है। भुगतान नहीं करने पर वाहन से जुड़े दस्तावेजों के ट्रांजैक्शन पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए चालान को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय समय रहते उसका निपटारा करना ज्यादा बेहतर होगा। 


क्या हर चालान में मिलेगी छूट?

  • लोक अदालत में हर चालान पर स्वतः 50 फीसदी छूट नहीं मिलेगी। बिहार सरकार की योजना में निर्धारित शर्तों के तहत आने वाले पात्र पुराने ई-चालानों का ही निपटारा किया जाएगा। योजना के तहत कई उल्लंघनों के लिए निर्धारित निपटान राशि तय की गई है। उदाहरण के तौर पर बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के मामलों में 500 रुपये तथा कुछ अन्य गंभीर उल्लंघनों में 1,000 रुपये तक की निर्धारित राशि है। इसलिए अपने चालान की पात्रता और लागू निपटान राशि पहले जांच लें।


लोक अदालत कब होगी?

  • राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। पुराने पात्र ट्रैफिक ई-चालानों के निपटारे के लिए इसका लाभ लिया जा सकता है। लोक अदालत से पहले 7 से 11 सितंबर तक डीटीओ कार्यालयों में सत्यापन और प्री-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इससे अंतिम दिन होने वाली भीड़ से बचा जा सकता है। 90 दिनों से अधिक पुराने या एक निश्चित अवधि (जैसे 12 जून 2026 या उससे पूर्व) के लंबित ट्रैफिक चालानों पर जुर्माने की राशि में 50% तक की छूट।


क्या वाहन मालिक को खुद जाना होगा?

  • जहां चालान के निपटारे के लिए व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी नहीं होगी। वाहन चालक अपने प्रतिनिध को जरूरी दस्तावेजों के साथनिर्धारित केंद्र पर जाना पड़ सकता है। हालांकि, पहले से डीटीओ कार्यालय में सत्यापन कराने से प्रक्रिया आसान हो सकती है। लोक अदालत का मतलब यह नहीं है कि हर चालान अपने आप ऑनलाइन खत्म हो जाएगा। चालान की पात्रता का सत्यापन जरूरी है।


चालान जमा करने के लिए क्या लेकर जाएं?

  • चालान के निपटारे के दौरान चालान नंबर या चालान की कॉपी, वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC), ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का बीमा दस्तावेज, पीयूसी प्रमाणपत्र, पंजीकृत मोबाइल नंबर आदि दस्तावेज साथ लेकर जाएं। 


वैशाली में चालान कटा और गाड़ी पटना में रजिस्टर्ड है, तो कहां जमा होगा?

  • वाहन का रजिस्ट्रेशन जिला और चालान का स्थान अलग-अलग चीजें हैं। अगर गाड़ी पटना में रजिस्टर्ड है, लेकिन चालान वैशाली में कटा है तो चालान वैशाली के उल्लंघन के आधार पर दर्ज होगा।ऐसे मामलों में पहले ऑनलाइन चालान की स्थिति और संबंधित कार्यालय की जानकारी जांचें। परिवहन विभाग की मानें तो जिस जिले में चालान कटा है, वहां ही लोक अदालत में जाकर चालान का निपटारा करना होगा। 


क्या दूसरे जिले जाने से बच सकते हैं?

  • कई मामलों में ऑनलाइन व्यवस्था से दूसरे जिले की दौड़ से बचा जा सकता है। पहले आधिकारिक ई-चालान पोर्टल पर वाहन नंबर या चालान नंबर डालकर स्थिति देखें। अगर मामला वर्चुअल कोर्ट में पहुंच चुका है तो ऑनलाइन माध्यम से भी चालान की स्थिति देखकर ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।


दूसरे राज्य में चालान कटा तो क्या बिहार की छूट मिलेगी?

  • बिहार सरकार की एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना दूसरे राज्य में कटे चालान पर स्वतः लागू नहीं होगी। अगर पटना नंबर की गाड़ी का चालान दिल्ली, झारखंड, उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य में हुआ है तो उस राज्य के नियमों के अनुसार ही छूट या लोक अदालत में निपटारे का लाभ मिलेगा।


दूसरे राज्य का चालान कैसे भरें?

  • सबसे पहले आधिकारिक ई चालान पोर्टल पर वाहन नंबर या चालान नंबर से स्थिति जांचें। वहां उपलब्ध भुगतान विकल्प से जुर्माना जमा किया जा सकता है। अगर चालान वर्चुअल कोर्ट में भेजा जा चुका है तो वर्चुअल कोर्ट पोर्टल पर वाहन या चालान नंबर से केस खोजकर ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है।


बिना छूट के चालान भरना हो तो क्या करें?

  • अगर आपका चालान लोक अदालत की छूट के दायरे में नहीं आता है तो निर्धारित जुर्माना ऑनलाइन ई चालान पोर्टल के माध्यम से जमा किया जा सकता है। मामला कोर्ट में जाने पर संबंधित र्चुअल कोर्ट की प्रक्रिया अपनानी होगी।


इन धाराओं के तहत कटे चालान पर मिलेगी छूट?

  • परिवहन विभाग के अनुसार, करीब 17 तरह के धारा में अगर आपका चालान कटा है तो आपको छूट मिलेगा। धारा 177 (नियमों का उल्लंघन), 179 (ट्रैफिक पुलिस के आदेश की अवहेलना), 180 (अप्राधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति देना), 181 (बिना चालक अनुज्ञप्ति या निर्धारित आयु से कम व्यक्ति द्वारा वाहन चलाना), 183(1) (अत्यधिक गति से वाहन चलाना), 184(क) (लालबत्ती पार करना), 184(ख) (स्टॉप साइन का उल्लंघन), 184(ग) (वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल), 189 (बिना अनुमति रेस लगाना), 190(2) (बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र या ध्वनि-वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चलाना), 192 (बिना निबंधन या वैध फिटनेस वाहन चलाना), 194(क) (अधिक यात्रियों का परिवहन), 194बी(1) (बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना), 194बी(2) (बिना सीट बेल्ट या बाल सुरक्षा प्रणाली के 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ले जाना), 194(ग) (बाइक पर दो से अधिक लोगों की सवारी), 194(घ) (बिना हेलमेट मोटरसाइकिल चलाना), 194(ई) (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड या अन्य आपातकालीन वाहन को रास्ता न देना) और धारा 196 (बिना वैध बीमा वाहन चलाना) शामिल हैं।
परिवहन विभाग के सचिव ने वाहन मालिकों को क्या अपील की?
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वह लोक अदालत में पहुंचकर लंबित चालान के निपटारे की सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के पालन से सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के साथ निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। इसके अलावा सभी वाहन मालिकों से अन्य यातायात नियमों का भी पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है।
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