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बैंक फ्रॉड मामले में ईडी ने बिहार से जब्त किए 3.71 करोड़ रुपए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Sat, 07 Apr 2018 05:03 PM IST
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फाइल फोटो
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प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार से 3.71 करोड़ रुपए जब्त किए हैं। यह बिहार की एक बैंक में तीसरे पक्ष के खातों में नकदी जमा करने और उसका दरुपयोग करने के मामले में दो कंपनियों से जब्त किए गए हैं। ईडी ने कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच में पाया गया कि जीबी रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के कुछ अधिकारियों ने चार व्यक्तियों के साथ मिलकर कुछ निर्दोष लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग किया। जांच में पता चला कि उनके खातों में नोटबंदी में चलन से बाहर किए गए नोटों को भारी मात्रा में जमा कराया गया।
इस दौरान चलन से बाहर हुए नोटों के रूप में 3.71 करोड़ रुपए लोगों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके खातों में जमा कर दी गई थी। बाद में यह रकम दो कंपनियों के खाते में भेज दी गई। यह विभिन्न खातों में नकदी नकली व्यापार लेन-देन की आड़ में जमा की गई थी।
पकड़ में आने के बाद कंपनी का निदेशक जमा राशि के बारे में कोई सटीक जवाब नहीं दे पाया। जबकि दूसरी कंपनी का निदेशक समन जारी किए जाने के बाद भी उपस्थित नहीं हुआ था। इस मामले में एक कंपनी के एक निजी बैंक खाते से 1.77 करोड़ रुपए और एक अन्य कंपनी के पीएसयू बैंक खाते से 1.94 करोड़ रुपए जब्त किए गए।
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ईडी ने कहा कि इस मामले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है जबकि दो लोग अभी तक फरार चल रहे हैं। इसमें बैंक अधिकारयों में से सेवानिवृत्त एक मुख्य प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य फरार हैं। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है साथ ही फरार आरोपियों को तालाश की जा रही है।
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इस दौरान चलन से बाहर हुए नोटों के रूप में 3.71 करोड़ रुपए लोगों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके खातों में जमा कर दी गई थी। बाद में यह रकम दो कंपनियों के खाते में भेज दी गई। यह विभिन्न खातों में नकदी नकली व्यापार लेन-देन की आड़ में जमा की गई थी।
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पकड़ में आने के बाद कंपनी का निदेशक जमा राशि के बारे में कोई सटीक जवाब नहीं दे पाया। जबकि दूसरी कंपनी का निदेशक समन जारी किए जाने के बाद भी उपस्थित नहीं हुआ था। इस मामले में एक कंपनी के एक निजी बैंक खाते से 1.77 करोड़ रुपए और एक अन्य कंपनी के पीएसयू बैंक खाते से 1.94 करोड़ रुपए जब्त किए गए।
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ईडी ने कहा कि इस मामले में एक शख्स को हिरासत में लिया गया है जबकि दो लोग अभी तक फरार चल रहे हैं। इसमें बैंक अधिकारयों में से सेवानिवृत्त एक मुख्य प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया गया है जबकि दो अन्य फरार हैं। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है साथ ही फरार आरोपियों को तालाश की जा रही है।